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मोदी सरकार में आरक्षण अछूत — लखेंद्र पासवान का विपक्ष पर पलटवार, कांग्रेस पर दलित-विरोध का आरोप

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मोदी सरकार में आरक्षण अछूत — लखेंद्र पासवान का विपक्ष पर पलटवार, कांग्रेस पर दलित-विरोध का आरोप

सारांश

बिहार मंत्री लखेंद्र पासवान ने आरक्षण विवाद को 'बिन मौसम बरसात' बताते हुए कहा कि मोदी सरकार में इसे छूने का सवाल ही नहीं। साथ ही NDA के भीतर मांझी-चिराग विवाद पर संतुलन साधा, कांग्रेस पर दलित-विरोध का आरोप लगाया और 7.8% GDP वृद्धि पर राहुल गांधी को आईना दिखाया।

मुख्य बातें

बिहार मंत्री लखेंद्र पासवान ने 1 सितंबर को कहा कि मोदी सरकार के रहते आरक्षण समाप्त करने का प्रश्न ही नहीं उठता।
संसद के किसी भी सदन — लोकसभा या राज्यसभा — में आरक्षण खत्म करने पर कोई चर्चा नहीं हुई।
आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण पहले से दिया जा चुका है।
जीतन राम मांझी और चिराग पासवान के बीच इस्तीफे की माँग पर पासवान ने विवाद से दूरी बनाई।
आंबेडकर के कार्यकाल का हवाला देते हुए दलित-विरोध का आरोप।
भारत की 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि को वैश्विक संकट के बीच बड़ी उपलब्धि बताया।

बिहार सरकार के मंत्री लखेंद्र पासवान ने 1 सितंबर को स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के रहते आरक्षण को समाप्त करने का प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने आरक्षण पर जारी राजनीतिक बयानबाजी को 'बिन मौसम बरसात' करार देते हुए कहा कि लोकसभा या राज्यसभा — किसी भी सदन में अभी तक इस विषय पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है।

आरक्षण पर सरकार का रुख

पासवान ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में विभिन्न वर्गों को आरक्षण का लाभ मिल रहा है और आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण वर्ग को भी 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जा चुका है। उनके अनुसार, केवल राजनीतिक स्तर पर इस मुद्दे को हवा दी जा रही है, जबकि संसदीय प्रक्रिया में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर ही आरक्षण को लेकर तीखी नोकझोंक देखी जा रही है।

मांझी-चिराग विवाद पर संतुलित रुख

जीतन राम मांझी और चिराग पासवान के बीच आरक्षण को लेकर छिड़े विवाद और एक-दूसरे के इस्तीफे की माँग पर लखेंद्र पासवान ने स्पष्ट किया कि वह न तो चिराग पासवान के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं और न ही मांझी के। उन्होंने दोनों को NDA के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री बताया। हालांकि, उन्होंने सभी बड़े दलित नेताओं से आत्ममंथन की अपील की।

गौरतलब है कि मांझी ने दावा किया है कि अनुसूचित जाति की 18 जातियाँ अभी भी विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह नहीं जुड़ पाई हैं। इस पर पासवान ने कहा कि यदि यह चिंता वास्तविक है तो बड़े दलित नेताओं को परिवारवाद से बाहर निकलकर वंचित समुदायों के युवाओं को राजनीतिक अवसर देना होगा।

कांग्रेस पर दलित-विरोध का आरोप

राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के संदर्भ में पासवान ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से दलित नेताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया। डॉ. भीमराव आंबेडकर — देश के प्रथम कानून मंत्री — को कांग्रेस के कार्यकाल में ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा कि उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा। पासवान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि आज भी पार्टी के भीतर दलित नेतृत्व का अपमान जारी है।

GDP वृद्धि पर राहुल गांधी को जवाब

भारत की 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि दर पर राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों पर पासवान ने कहा कि वैश्विक आर्थिक संकट, अनेक देशों पर दबाव और जारी अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के बावजूद भारत की इस वृद्धि दर को एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने इसका श्रेय देश की जनता की मेहनत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया।

आगे क्या

NDA के भीतर दलित राजनीति को लेकर यह बयानबाजी ऐसे समय में तेज हुई है जब बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं। आलोचकों का कहना है कि इस्तीफे की माँग और आरक्षण पर सार्वजनिक बहस गठबंधन की एकजुटता को परीक्षा में डाल सकती है। पासवान की अपील — कि नेता परिवारवाद से ऊपर उठें — आने वाले दिनों में NDA की आंतरिक राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पासवान परिवार की राजनीतिक विरासत का हिस्सा हैं। कांग्रेस पर आंबेडकर-काल का आरोप राजनीतिक दृष्टि से धारदार है, पर यह सवाल भी उठता है कि NDA शासन में अनुसूचित जाति की वे 18 जातियाँ — जिनका मांझी ने उल्लेख किया — मुख्यधारा से क्यों अभी तक नहीं जुड़ पाईं। 7.8% GDP वृद्धि की सराहना तथ्यात्मक रूप से सही है, लेकिन रोजगार की गुणवत्ता और असंगठित क्षेत्र की स्थिति पर चुप्पी इस तस्वीर को अधूरा छोड़ती है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखेंद्र पासवान ने आरक्षण पर क्या कहा?
बिहार मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि मोदी सरकार के रहते आरक्षण को समाप्त करने का प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकसभा या राज्यसभा — किसी भी सदन में इस विषय पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है।
चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच विवाद क्या है?
आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर दोनों NDA नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी हुई और एक-दूसरे के इस्तीफे की माँग की गई। लखेंद्र पासवान ने इस विवाद से दूरी बनाते हुए दोनों को NDA के वरिष्ठ नेता बताया।
लखेंद्र पासवान ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
पासवान ने कहा कि कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से दलित नेताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर को मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की परिस्थितियों का हवाला दिया और कहा कि आज भी कांग्रेस के भीतर दलित नेतृत्व का अपमान होता है।
भारत की 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि पर पासवान ने क्या कहा?
पासवान ने कहा कि वैश्विक आर्थिक संकट और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के बावजूद भारत की 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि दर एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इसका श्रेय देश की जनता की मेहनत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया।
दलित नेताओं के परिवारवाद पर पासवान की क्या राय है?
पासवान ने कहा कि यदि अनुसूचित जाति की 18 जातियाँ वाकई विकास से वंचित हैं, तो बड़े दलित नेताओं को परिवारवाद से बाहर निकलकर वंचित समुदायों के युवाओं को राजनीतिक अवसर देने होंगे। उन्होंने इसके लिए व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर उठकर त्याग करने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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