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इलेक्ट्रिक ट्रकों को बढ़ावा देगी सरकार, 60 राजमार्गों पर चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का खाका तैयार: PM सलाहकार तरुण कपूर

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इलेक्ट्रिक ट्रकों को बढ़ावा देगी सरकार, 60 राजमार्गों पर चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का खाका तैयार: PM सलाहकार तरुण कपूर

सारांश

सरकार इलेक्ट्रिक ट्रकों को वैकल्पिक ऊर्जा की धुरी बनाने की तैयारी में है — 60 राजमार्गों पर चार्जिंग नेटवर्क और माइनिंग क्षेत्र में तत्काल तैनाती इसकी पहली कड़ी है। PM सलाहकार तरुण कपूर का यह बयान भारत की ईंधन आयात-निर्भरता घटाने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

PM सलाहकार तरुण कपूर ने 3 सितंबर को सियाम के 66वें वार्षिक सम्मेलन के साइडलाइन में कहा कि सरकार इलेक्ट्रिक ट्रकों को प्रोत्साहित करेगी।
60 राजमार्गों पर पूर्ण चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना तैयार है।
माइनिंग क्षेत्र को इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए सबसे उपयुक्त प्रारंभिक क्षेत्र बताया गया; सीमित परिचालन दायरे के कारण चार्जिंग आसान।
देश में बैटरी उत्पादन शुरू होने पर इलेक्ट्रिक ट्रकों की कीमत में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद।
मारुति सुजुकी के MD पार्थो बनर्जी ने बताया — नेटवर्क में केवल 16 दिन का स्टॉक; 2.5 लाख यूनिट क्षमता के दो नए संयंत्र अगले 3-4 महीनों में पूरी क्षमता पर आएंगे।

प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने 3 सितंबर को स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार भारत में उपलब्ध वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को प्राथमिकता देते हुए इलेक्ट्रिक ट्रकों को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित करेगी। नई दिल्ली में सियाम के 66वें वार्षिक सम्मेलन के साइडलाइन में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि 60 प्रमुख राजमार्गों पर व्यापक चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने की योजना पहले ही आकार ले चुकी है।

सरकार की रणनीति: स्वदेशी ऊर्जा, स्वदेशी विकल्प

कपूर ने कहा, 'हमें ऐसे ऊर्जा स्रोतों की तरफ जाने की ज़रूरत है, जो आसानी से भारत में उपलब्ध हैं। इसके लिए सरकार इलेक्ट्रिक ट्रकों को प्रमोट करेगी।' उन्होंने रेखांकित किया कि भारत में इलेक्ट्रिक ट्रकों का निर्माण शुरू हो चुका है और यदि देश में बैटरी उत्पादन भी स्थापित हो जाए, तो इन वाहनों की कीमतें उल्लेखनीय रूप से घटेंगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी कच्चे तेल की आयात-निर्भरता कम करने के लिए परिवहन क्षेत्र में ऊर्जा बदलाव को तेज़ करने पर ज़ोर दे रहा है।

60 राजमार्गों पर चार्जिंग नेटवर्क, माइनिंग क्षेत्र पहली प्राथमिकता

कपूर के अनुसार, सरकार ने 60 राजमार्गों को चिह्नित किया है जहाँ पूर्ण चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। उन्होंने खनन (माइनिंग) क्षेत्र को इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए सबसे अनुकूल क्षेत्र बताया, क्योंकि वहाँ वाहन एक सीमित दायरे में संचालित होते हैं, जिससे चार्जिंग की व्यवस्था करना अपेक्षाकृत सरल है। गौरतलब है कि भारी वाणिज्यिक वाहन देश के कुल ईंधन उपभोग में बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं, इसलिए इस खंड का विद्युतीकरण कार्बन उत्सर्जन में सार्थक कमी ला सकता है।

मारुति सुजुकी: त्योहारी माँग के बीच उत्पादन क्षमता विस्तार

मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के प्रेसिडेंट एवं प्रबंध निदेशक पार्थो बनर्जी ने उसी कार्यक्रम के साइडलाइन में बताया कि कंपनी के नेटवर्क में केवल 16 दिन का स्टॉक शेष है और वह अधिकतम उत्पादन की कोशिश में जुटी है। उन्होंने कहा कि ओणम के दौरान बिक्री का उत्साहजनक प्रतिसाद मिला है और नवरात्रि में भी इसी तरह की माँग की उम्मीद है। बनर्जी ने जानकारी दी कि कंपनी ने 2.5 लाख यूनिट वार्षिक क्षमता वाले दो नए संयंत्र पहले ही चालू कर दिए हैं और अगले 3-4 महीनों में पूरी क्षमता से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।

ऑटो सेक्टर और जीएसटी 2.0 का संदर्भ

बीते महीने मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव ने कहा था कि जीएसटी 2.0 से ऑटोमोबाइल क्षेत्र सहित अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों को लाभ हुआ है, जिससे देश को पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष से उपजी आर्थिक अस्थिरता का सामना करने में मज़बूती मिली है। इलेक्ट्रिक ट्रक नीति और घरेलू उत्पादन विस्तार — दोनों मिलकर भारत के परिवहन और विनिर्माण परिदृश्य को नया रूप देने की दिशा में अगला बड़ा कदम साबित हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ठोस समयसीमा या बजटीय प्रतिबद्धता की नहीं — और यही इसकी सबसे बड़ी सीमा है। भारत में भारी वाहनों के विद्युतीकरण की राह में बैटरी की ऊँची लागत और अपर्याप्त चार्जिंग नेटवर्क दो सबसे बड़ी बाधाएँ रही हैं, जिनका जवाब अभी तक नीति में नहीं मिला है। 60 राजमार्गों का आँकड़ा महत्वाकांक्षी लगता है, लेकिन जब तक घरेलू बैटरी निर्माण को PLI जैसे ठोस प्रोत्साहन से नहीं जोड़ा जाता, इलेक्ट्रिक ट्रकों की कीमत प्रतिस्पर्धी नहीं बनेगी और ऑपरेटर डीज़ल से मुँह नहीं मोड़ेंगे।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरकार इलेक्ट्रिक ट्रकों को क्यों बढ़ावा दे रही है?
PM सलाहकार तरुण कपूर के अनुसार, भारत को ऐसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर जाना है जो देश में आसानी से उपलब्ध हों, और इलेक्ट्रिक ट्रक इस दिशा में एक अहम विकल्प हैं। भारी वाहन क्षेत्र का विद्युतीकरण ईंधन आयात-निर्भरता और कार्बन उत्सर्जन दोनों घटाने में सहायक होगा।
60 राजमार्गों पर चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर कब तक तैयार होगा?
सरकार ने 60 राजमार्गों की पहचान कर ली है जहाँ चार्जिंग नेटवर्क विकसित किया जाना है, लेकिन तरुण कपूर के बयान में इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा या बजट का उल्लेख नहीं किया गया। यह योजना अभी नीतिगत घोषणा के स्तर पर है।
माइनिंग क्षेत्र में इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए क्या खास है?
खनन क्षेत्र में ट्रक एक सीमित भौगोलिक दायरे में चलते हैं, जिससे चार्जिंग स्टेशन लगाना और प्रबंधन करना अपेक्षाकृत आसान है। इसीलिए सरकार इसे इलेक्ट्रिक ट्रकों की शुरुआती तैनाती के लिए सबसे उपयुक्त क्षेत्र मानती है।
इलेक्ट्रिक ट्रकों की कीमत कब कम होगी?
तरुण कपूर के अनुसार, यदि भारत में घरेलू स्तर पर बैटरी उत्पादन शुरू हो जाए तो इलेक्ट्रिक ट्रकों की कीमत में उल्लेखनीय कमी आएगी। फिलहाल बैटरी की ऊँची आयात लागत इन वाहनों को महँगा बनाती है।
मारुति सुजुकी की उत्पादन स्थिति क्या है?
मारुति सुजुकी के MD पार्थो बनर्जी ने बताया कि कंपनी के डीलर नेटवर्क में मात्र 16 दिन का स्टॉक बचा है और त्योहारी माँग को पूरा करने के लिए उत्पादन तेज़ किया जा रहा है। 2.5 लाख यूनिट क्षमता वाले दो नए संयंत्र अगले 3-4 महीनों में पूरी क्षमता पर आ जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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