क्या उत्तराखंड मंत्री के पति के बयान से विवाद बढ़ गया है?
सारांश
Key Takeaways
- गिरधारी लाल साहू का बयान विवादास्पद है।
- बिहार महिला आयोग ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
- यह मामला महिलाओं के सम्मान से जुड़ा है।
- राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
पटना, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड की सरकार की मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के एक विवादास्पद बयान ने सियासी हलचल पैदा कर दी है। इस मामले में बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
आयोग ने इस बयान को बिहार की महिलाओं के सम्मान और स्वाभिमान पर सीधा हमला करार दिया है।
आयोग का कहना है कि गिरधारी लाल साहू द्वारा बिहार की महिलाओं के संदर्भ में दिए गए बयान को शर्मनाक, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया गया है।
आयोग के अनुसार, 'बिहार में लड़कियां 20-25 हजार रुपए में मिल जाती हैं' जैसी टिप्पणी ने राज्य की महिलाओं को गहरा आघात पहुंचाया है और वे स्वयं को अपमानित महसूस कर रही हैं। आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह का बयान न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि महिलाओं की गरिमा के खिलाफ भी है।
आयोग ने यह भी कहा है कि जिस राज्य में स्वयं रेखा आर्य जैसी महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री हैं, उसी परिवार के सदस्य द्वारा महिलाओं के खिलाफ इस प्रकार का बयान देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
आयोग का मानना है कि यह बयान बिहार की महिलाओं के स्वाभिमान पर सीधा प्रहार है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से अनुरोध किया है कि वे इस मामले में अपने स्तर से शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई करें और आयोग को की गई कार्रवाई की जानकारी अविलंब दें। पत्र के साथ संबंधित समाचार पत्र की कटिंग भी संलग्न की गई है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं का प्रतिनिधित्व करने वाली संवैधानिक संस्था होने के नाते वह इस तरह की टिप्पणियों पर चुप नहीं रह सकती। बिहार महिला आयोग ने उम्मीद जताई है कि उत्तराखंड सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी और महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएगी।
इस प्रकरण के सामने आने के बाद यह मुद्दा दोनों राज्यों में चर्चा का विषय बन गया है।