बांसुरी स्वराज का राहुल गांधी पर हमला: 'पितृसत्ता खत्म करो' नारा महज राजनीतिक दिखावा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज ने 26 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'पितृसत्ता खत्म करो' नारे को सीधे चुनौती दी। स्वराज ने कहा कि 22 अगस्त को पुणे में दिया गया यह बयान कांग्रेस के दशकों पुराने दोहरे मापदंडों पर पर्दा डालने की कोशिश है।
मुख्य आरोप: कांग्रेस का दोहरा चरित्र
बांसुरी स्वराज ने कहा कि राहुल गांधी का यह नारा उनकी ही पार्टी के भीतर खोखला साबित होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकारें सत्ता में हैं, फिर भी इन दोनों राज्यों की कैबिनेट में एक भी महिला मंत्री नहीं है। स्वराज ने कहा, 'महिला सशक्तिकरण कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए केवल एक चुनावी जुमला बनकर रह गया है।'
इटली की PM पर टिप्पणी और पाखंड का आरोप
BJP सांसद ने कहा कि 13 अगस्त को राहुल गांधी और संदीप दीक्षित ने इटली की वर्तमान प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के खिलाफ लैंगिक भेदभावपूर्ण और अभद्र टिप्पणी की। स्वराज ने कहा कि उस टिप्पणी पर आवरण डालने के लिए ही राहुल गांधी ने पुणे में 'पितृसत्ता खत्म करो' का नारा दिया। उन्होंने कहा कि यह देश के नेता प्रतिपक्ष को शोभा नहीं देता।
कांग्रेस नेताओं के विवादित बयानों की सूची
स्वराज ने कांग्रेस नेताओं के कई विवादित बयानों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत के सोशल मीडिया अकाउंट से सांसद कंगना रनौत के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की गई, जिस पर राहुल गांधी चुप रहे। अप्रैल 2024 में कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कैथल की एक रैली में सांसद हेमा मालिनी के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की, जिस पर चुनाव आयोग को उन्हें 48 घंटे के लिए प्रचार अभियान से प्रतिबंधित करना पड़ा। 2020 में मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक महिला उम्मीदवार को 'आइटम' कहा, जिस पर चुनाव आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग दोनों को कार्रवाई करनी पड़ी। इसके अलावा, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम और तीन तलाक पर सवाल
स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के तहत विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लेकर आई, लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि जब मोदी सरकार तीन तलाक समाप्त करने का विधेयक लाई, तब राहुल गांधी ने उसका भी विरोध किया, जबकि अनगिनत इस्लामिक देश पहले ही तीन तलाक को समाप्त कर चुके हैं। स्वराज ने शाह बानो मामले का भी हवाला दिया, जिसमें कांग्रेस सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को पलटने के लिए कानून बनाया था।
PM मोदी की महिला सशक्तिकरण योजनाओं का उल्लेख
BJP सांसद ने प्रधानमंत्री मोदी की महिला सशक्तिकरण योजनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 'प्रधानमंत्री जन धन योजना' में 50 प्रतिशत से ज्यादा खाते महिलाओं के खुले। 11 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाए गए। 'उज्ज्वला योजना' से महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली। 'लखपति दीदी' योजना के तहत 3 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा दी गई और 3 करोड़ और का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में 48 प्रतिशत महिलाएं लीडरशिप भूमिकाओं में हैं। स्वराज ने अंत में कहा कि भारत को एक बेहतर नेता प्रतिपक्ष की आवश्यकता है जो महिलाओं के प्रति अपनी जवाबदेही शब्दों से नहीं, बल्कि कार्यों से साबित करे।