राहुल गांधी की टिप्पणी पर NDA का पलटवार: 'मां-बहन से सीखें महिला सम्मान'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 14 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई, जो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर की थी। भाजपा सांसदों से लेकर शिवसेना और जदयू नेताओं तक — सभी ने एकजुट होकर राहुल गांधी पर महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया।
महिला आयोग की अध्यक्ष की तीखी प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने कहा, 'राहुल गांधी को शर्म आनी चाहिए। उन्हें कम से कम ऐसी अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, खासकर महिलाओं के खिलाफ।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि राहुल गांधी की मां और बहन दोनों राजनीति में हैं, इसलिए ऐसे शब्द किसी भी दृष्टि से उचित नहीं हैं। चौहान ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसके पास कोई ठोस मुद्दा न होने के कारण उसने अभद्र भाषा को अपना राजनीतिक हथियार बना लिया है।
शिवसेना और भाजपा नेताओं का हमला
शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा कि राहुल गांधी की हरकतें महिलाओं के प्रति उनकी सोच को उजागर करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 140 करोड़ भारतीयों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करते हैं और यह मामला 'टॉफी की बात नहीं, बल्कि भारत के सम्मान की बात है।'
भाजपा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने राहुल गांधी और संदीप दीक्षित दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि इटली की राष्ट्राध्यक्ष का अपमान करना देश की समस्त महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी को अपनी मां और बहन से सीखना चाहिए कि किस तरह महिलाओं का सम्मान किया जाता है।'
अन्य NDA नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने कहा कि राहुल गांधी को मर्यादा में रहकर बातचीत करनी चाहिए और संसद में उनका यह बेतुका व्यवहार लंबे समय से देखा जा रहा है। जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीरज कुमार ने कहा कि किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के विरुद्ध इस तरह की टिप्पणी करने से व्यक्ति की मानसिकता का पता चल जाता है।
राजनीतिक संदर्भ
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश का राजनीतिक माहौल पहले से गर्म है। गौरतलब है कि विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच संसद में भी तीखी नोकझोंक जारी रही है। NDA नेताओं ने जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन में बच्चों द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा का भी उल्लेख किया और उसके लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।
आगे क्या
राहुल गांधी की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह विवाद स्वतंत्रता दिवस के ठीक पहले राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है और आने वाले दिनों में संसद तथा सार्वजनिक मंचों पर इस मुद्दे के और गहराने की संभावना है।