30 अक्टूबर 2026
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राजस्थान राज्यपाल हरिभाऊ बागडे का आह्वान: विश्वविद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्रों में बदलें

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राजस्थान राज्यपाल हरिभाऊ बागडे का आह्वान: विश्वविद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्रों में बदलें

सारांश

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जयपुर में एक विशेष समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्रों में बदलने का आह्वान किया — उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम, कौशल विकास और ऑनलाइन विशेषज्ञ व्याख्यानों पर जोर देते हुए। राज्य ने पिछले दो वर्षों में 76 नए कॉलेज खोले और 25% नामांकन वृद्धि का लक्ष्य रखा है।

मुख्य बातें

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने 30 अक्टूबर 2026 को जयपुर के लोक भवन में राज्य-वित्तपोषित विश्वविद्यालयों की विशेष समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
विश्वविद्यालयों को उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम, कौशल विकास कार्यक्रम और भारत-विदेश के विशेषज्ञों के ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
RUSA के तहत सभी निर्माण एवं मरम्मत परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरा करने का निर्देश।
पिछले दो वर्षों में राजस्थान में 76 नए कॉलेज स्थापित; छात्र नामांकन में 25% वृद्धि का लक्ष्य।
जयपुर , जोधपुर और अलवर को बहु-विषयक विश्वविद्यालय केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने RUSA निधि के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया।

राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने 30 अक्टूबर 2026 को जयपुर के लोक भवन में आयोजित राज्य-वित्तपोषित विश्वविद्यालयों की विशेष समीक्षा बैठक में अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-उन्मुख शिक्षा के माध्यम से प्रदेश के विश्वविद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्रों में रूपांतरित करने का स्पष्ट आह्वान किया। बैठक में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) के अंतर्गत चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की प्रगति की भी गहन समीक्षा की गई।

मुख्य घटनाक्रम

राज्यपाल बागडे ने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया कि वे उद्योग की बदलती माँगों के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करें और छात्रों की रोज़गार-योग्यता बढ़ाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को शिक्षण प्रणाली में एकीकृत करें। उन्होंने भारत और विदेश के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों को ऑनलाइन व्याख्यान के लिए आमंत्रित करने का भी सुझाव दिया, ताकि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव पड़ सके।

बागडे ने नीमराना स्थित रैफल्स विश्वविद्यालय का उदाहरण देते हुए कहा कि उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार छात्रों को शिक्षित एवं प्रशिक्षित करने का उसका दृष्टिकोण राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए एक आदर्श बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के बदलते परिदृश्य के अनुकूल ढलना अनिवार्य है।

RUSA निर्माण कार्यों की समीक्षा

राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि RUSA के तहत सभी निर्माण और मरम्मत परियोजनाएँ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए और निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करने और निर्माण एजेंसियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया। आवंटित अनुदानों के उचित उपयोग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कार्यान्वयन एजेंसियों के कार्य को स्थापित गुणवत्ता मानकों के आधार पर प्रमाणित किया जाना चाहिए।

सरकार की प्रतिक्रिया

उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने विश्वविद्यालयों से RUSA दिशानिर्देशों के अनुरूप अपनी गतिविधियाँ संचालित करने का आग्रह किया। उन्होंने निर्माण एवं अवसंरचना परियोजनाओं के लिए आवंटित निधि के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष बल दिया।

अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका ने बताया कि उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (GER) बढ़ाना एक राष्ट्रीय प्राथमिकता है और राजस्थान ने छात्र नामांकन में 25 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य रखा है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में राज्य में 76 नए कॉलेज स्थापित किए गए हैं।

आम जनता पर असर

रांका ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालयों को स्टार्टअप और इनक्यूबेशन गतिविधियों को प्रोत्साहन देना चाहिए और व्यावहारिक शिक्षा को मज़बूत बनाने के लिए RUSA के तहत 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' नियुक्त करने चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब जयपुर, जोधपुर और अलवर को विभिन्न शैक्षणिक विषयों के विश्वविद्यालयों को एकीकृत करने वाले केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। गौरतलब है कि इन तीनों शहरों में शिक्षा-केंद्र बनाने की पहल राज्य की उच्च शिक्षा को भौगोलिक रूप से व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

क्या होगा आगे

राज्यपाल के निर्देशों के बाद विश्वविद्यालयों से अपेक्षा है कि वे उद्योग-शिक्षा सहयोग को संस्थागत रूप दें और पाठ्यक्रम सुधार की समयबद्ध योजना प्रस्तुत करें। RUSA परियोजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी के साथ-साथ स्टार्टअप इकोसिस्टम को विश्वविद्यालय परिसरों से जोड़ने पर भी काम शुरू होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर ज़मीनी बदलाव सीमित रहा है। असली परीक्षा यह है कि 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' और इनक्यूबेशन केंद्रों जैसी सिफारिशें महज़ बैठक-दर-बैठक दोहराई जाने वाली घोषणाएँ न बनें, बल्कि इन्हें समयबद्ध और मापनीय लक्ष्यों से जोड़ा जाए। RUSA निधि के उपयोग में पारदर्शिता की माँग यह भी संकेत करती है कि अब तक की जवाबदेही पर्याप्त नहीं रही।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने विश्वविद्यालयों से क्या आह्वान किया?
राज्यपाल बागडे ने 30 अक्टूबर 2026 को जयपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालयों को अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-उन्मुख शिक्षा के ज़रिए उत्कृष्टता केंद्रों में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने उद्योग की माँगों के अनुरूप पाठ्यक्रम, कौशल विकास कार्यक्रम और विशेषज्ञों के ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित करने पर जोर दिया।
RUSA क्या है और राजस्थान में इसकी क्या भूमिका है?
RUSA यानी राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान एक केंद्र-प्रायोजित योजना है जो राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों को बुनियादी ढाँचे और गुणवत्ता सुधार के लिए वित्त पोषण प्रदान करती है। राजस्थान में इसके तहत निर्माण और मरम्मत परियोजनाएँ चल रही हैं, जिनकी समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश राज्यपाल ने दिए।
राजस्थान में पिछले दो वर्षों में उच्च शिक्षा में क्या बदलाव आए हैं?
अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका के अनुसार, पिछले दो वर्षों में राजस्थान में 76 नए कॉलेज स्थापित किए गए हैं। राज्य ने छात्र नामांकन में 25 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य भी रखा है और जयपुर, जोधपुर तथा अलवर को बहु-विषयक विश्वविद्यालय केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
नीमराना के रैफल्स विश्वविद्यालय को आदर्श के रूप में क्यों प्रस्तुत किया गया?
राज्यपाल बागडे ने रैफल्स विश्वविद्यालय का उदाहरण इसलिए दिया क्योंकि वह उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार छात्रों को शिक्षित और प्रशिक्षित करने का एक सफल मॉडल प्रस्तुत करता है। उनका मानना है कि इसी दृष्टिकोण को राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों में भी अपनाया जाना चाहिए।
'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' की नियुक्ति से क्या लाभ होगा?
अतिरिक्त मुख्य सचिव रांका के सुझाव के अनुसार, RUSA ढाँचे के तहत 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' नियुक्त करने से उद्योग के अनुभवी पेशेवर विश्वविद्यालयों में व्यावहारिक ज्ञान साझा कर सकेंगे। इससे छात्रों को सैद्धांतिक शिक्षा के साथ-साथ उद्योग से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा और रोज़गार-योग्यता बेहतर होगी।
राष्ट्र प्रेस
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