भाजपा का कांग्रेस पर हमला: 'इंडिया' ब्लॉक रैली से पहले बहाने गढ़ रहे राहुल गांधी — दीप्ति रावत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उत्तराखंड प्रदेश महासचिव दीप्ति रावत भारद्वाज ने 30 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा निशाना साधा और आरोप लगाया कि कांग्रेस 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित 'इंडिया' ब्लॉक रैली की संभावित विफलता को छिपाने के लिए पहले से बहाने तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि ईवीएम और वोट चोरी के आरोप कांग्रेस की पुरानी रणनीति का हिस्सा हैं, जो जनता का समर्थन न मिलने पर अपनाई जाती है।
रैली से पहले की राजनीतिक तपिश
दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा, 'अगर राहुल गांधी को ऐसा लगता है कि गृह मंत्री लोगों से किसी खास तारीख पर न आने की अपील कर रहे हैं और लोग उनकी बात मानकर नहीं आ रहे हैं, तो यह बहुत अच्छी बात है। उन्हें खुद सोचना चाहिए कि वे आखिर ये रैलियाँ कर ही क्यों रहे हैं।' BJP नेता का यह बयान उस समय आया है जब 'इंडिया' ब्लॉक दिल्ली में अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने की कोशिश में है।
उन्होंने आगे कहा कि जब राहुल गांधी जनता को बुलाते हैं और जनता गृह मंत्री की बात मानकर नहीं आती, तो यह स्पष्ट करता है कि जनता का झुकाव किस दिशा में है। 'राहुल गांधी की ये सब बातें बस बहाने हैं, उन्हें अपनी पार्टी के हालात पता हैं' — दीप्ति रावत ने यह भी जोड़ा।
उत्तराखंड में कांग्रेस की जमीनी हकीकत पर सवाल
BJP प्रदेश महासचिव ने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस राज्य के चारों कोनों से यात्रा शुरू करे और 50 लोग भी न जुटें, तो यह उसकी ज़मीनी हकीकत बता देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह कांग्रेस चुनाव में ईवीएम और वोट चोरी का बहाना बनाती है, उसी तरह रैली में भीड़ न जुटने की स्थिति में भी वह अग्रिम बहाना तैयार कर रही है।
महिलाओं की तुलना बंदरों से करने पर कड़ी आपत्ति
दीप्ति रावत ने कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर की गई एक पोस्ट को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सेविका समिति की महिलाओं के मार्च की तस्वीर या वीडियो का स्क्रीनशॉट लेकर उनकी तुलना बंदरों से की गई, जो 'बेहद अपमानजनक और शर्मनाक' है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उस मार्च में BJP की महिला नेताओं के अलावा पूरे राज्य और हर जिले से महिलाएँ शामिल थीं, इसलिए यह पूरे उत्तराखंड की आधी आबादी का अपमान है। दीप्ति रावत ने माँग की कि कांग्रेस पार्टी और उसका नेतृत्व प्रदेश की हर महिला से सार्वजनिक माफी माँगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब कांग्रेस को अपनी गलती का एहसास हुआ, तो उसने वह पोस्ट डिलीट कर दी।
एमएलसी चुनावों में कांग्रेस का खाता न खुलने पर तंज
BJP नेता ने हाल के एमएलसी चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि चार राज्यों में हुए इन चुनावों में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी। उन्होंने विशेष रूप से कर्नाटक का उल्लेख किया, जहाँ कांग्रेस की अपनी सरकार है, फिर भी एमएलसी में एक भी सीट उसके खाते में नहीं आई।
दीप्ति रावत ने कांग्रेस को सलाह दी कि वह अपने गिरेबान में झाँके और यह तय करे कि हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ना है या बैलेट पेपर पर। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी नीति, अपने कार्यकर्ताओं के विश्वास और जनता के बीच अपनी घटती प्रासंगिकता की समीक्षा करनी होगी।
आगे की राजनीतिक तस्वीर
'इंडिया' ब्लॉक की 1 नवंबर की दिल्ली रैली अब सिर्फ एक राजनीतिक आयोजन नहीं रही — यह विपक्ष की एकजुटता और जनाधार की परीक्षा बन गई है। BJP के इस आक्रामक रुख के साथ, रैली की भीड़ और उसकी प्रतिक्रिया दोनों ही पक्षों के लिए राजनीतिक महत्व रखती है।