30 अक्टूबर 2026
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आरके सिन्हा के निधन पर आरएसएस और भाजपा का शोक, मोहन भागवत ने कहा — 'सार्वजनिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति'

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आरके सिन्हा के निधन पर आरएसएस और भाजपा का शोक, मोहन भागवत ने कहा — 'सार्वजनिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति'

सारांश

भाजपा के वरिष्ठ नेता और SIS समूह के संस्थापक आरके सिन्हा के निधन पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने गहरा शोक व्यक्त किया। संघ ने कहा कि 75 वर्षीय सिन्हा के जाने से सार्वजनिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है।

मुख्य बातें

आरके सिन्हा (75) , भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद, का 30 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने संयुक्त शोक संदेश में 'सार्वजनिक क्षेत्र को क्षति' बताया।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने एम्स, नई दिल्ली में पहुँचकर पुष्पांजलि अर्पित की।
सिन्हा ने पटना से SIS समूह को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया और निजी सुरक्षा क्षेत्र में रोज़गार सृजन में अहम भूमिका निभाई।
आरएसएस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए उनके राष्ट्र सेवा, सामाजिक कार्य और मीडिया जगत में योगदान को स्मरणीय बताया।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद रविंद्र किशोर सिन्हा (आरके सिन्हा) के निधन पर शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), भाजपा नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। 75 वर्षीय सिन्हा के निधन पर विभिन्न नेताओं ने संगठन, पत्रकारिता, उद्योग और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।

आरएसएस की श्रद्धांजलि

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की ओर से जारी संयुक्त शोक संदेश में कहा गया कि प्रसिद्ध समाजसेवी और पूर्व राज्यसभा सांसद रविंद्र किशोर सिन्हा के निधन से सार्वजनिक क्षेत्र को गहरी क्षति हुई है। संघ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि निजी सुरक्षा सेवा उद्योग को नई पहचान देने, राष्ट्र सेवा, सामाजिक कार्यों और मीडिया जगत में सिन्हा का योगदान सदा स्मरणीय रहेगा।

संघ ने आगे कहा कि वह दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है और ईश्वर से प्रार्थना करता है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। संघ ने अपना संदेश 'ॐ शान्ति' के साथ समाप्त किया।

भाजपा अध्यक्ष की पुष्पांजलि

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एम्स, नई दिल्ली पहुँचकर आरके सिन्हा को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भाजपा के शुरुआती दिनों से ही संगठन के विस्तार में सिन्हा का योगदान सदैव याद रखा जाएगा। नितिन नवीन ने यह भी रेखांकित किया कि सिन्हा ने पटना से SIS को वैश्विक पहचान दिलाई और निजी सुरक्षा क्षेत्र में रोज़गार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि रविंद्र किशोर सिन्हा चित्रांश समाज के लिए मार्गदर्शक की तरह थे और वह लोगों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहते थे। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए भी वह अभिभावक समान थे और उनका निधन मेरी व्यक्तिगत क्षति है।' नितिन नवीन ने सिन्हा की सादगी, संगठन और समाज के प्रति समर्पण तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति उनके स्नेह को याद करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी।

सिन्हा का योगदान और विरासत

आरके सिन्हा ने अपने जीवनकाल में पत्रकारिता, उद्योग और सामाजिक सेवा — तीनों मोर्चों पर उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने निजी सुरक्षा सेवा उद्योग में SIS समूह को राष्ट्रीय से वैश्विक स्तर तक पहुँचाया, जो देश में इस क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। साथ ही, उन्होंने एक अनुभवी पत्रकार के रूप में मीडिया जगत में भी अपनी पहचान बनाई।

गौरतलब है कि वह राज्यसभा में बिहार का प्रतिनिधित्व करते रहे और संसद में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उनके निधन से भाजपा को एक अनुभवी संगठनकर्ता और वरिष्ठ मार्गदर्शक का नुकसान हुआ है।

आम जनता और समाज पर असर

सिन्हा के निधन की खबर फैलते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर उद्योग जगत तक शोक की लहर दौड़ गई। केंद्रीय मंत्रियों और अन्य नेताओं ने भी अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। बिहार और देशभर में उनके चाहने वाले, जिन्होंने उन्हें एक समाजसेवी और राष्ट्रभक्त के रूप में देखा, इस क्षति को गहराई से महसूस कर रहे हैं।

आगे क्या

सिन्हा के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि समारोहों के विवरण की अभी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है। उनके परिवार, पार्टी कार्यकर्ताओं और SIS समूह के सहयोगियों के लिए यह एक गहरे शोक का समय है। भाजपा और संघ परिवार ने उनके परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट की हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उद्योग और पत्रकारिता — तीनों मोर्चों पर एक साथ सार्थक छाप छोड़ी। SIS समूह का पटना से वैश्विक मंच तक का सफर दिखाता है कि कैसे राजनीतिक पहुँच और उद्यमशीलता एक साथ चल सकती हैं। आरएसएस और भाजपा दोनों का एक साथ शोक व्यक्त करना यह भी रेखांकित करता है कि सिन्हा संघ परिवार के वैचारिक और संगठनात्मक तंत्र में कितने गहरे समाए हुए थे। उनकी विरासत का सबसे स्थायी पहलू शायद निजी सुरक्षा क्षेत्र में रोज़गार सृजन का वह मॉडल है जो उन्होंने खड़ा किया — एक ऐसा योगदान जो राजनीतिक चर्चाओं से परे जाकर लाखों परिवारों की आजीविका से जुड़ता है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरके सिन्हा के निधन पर आरएसएस ने क्या कहा?
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के संयुक्त शोक संदेश में कहा गया कि सिन्हा के निधन से सार्वजनिक क्षेत्र को क्षति हुई है। संघ ने एक्स पर पोस्ट कर उनके निजी सुरक्षा उद्योग, राष्ट्र सेवा और मीडिया जगत में योगदान को स्मरणीय बताया।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने श्रद्धांजलि कैसे दी?
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन एम्स, नई दिल्ली पहुँचे और आरके सिन्हा को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने सिन्हा को व्यक्तिगत रूप से 'अभिभावक समान' बताते हुए उनके निधन को अपनी 'व्यक्तिगत क्षति' कहा।
SIS समूह से आरके सिन्हा का क्या संबंध था?
आरके सिन्हा SIS (Security and Intelligence Services) समूह के संस्थापक थे, जिसे उन्होंने पटना से शुरू कर वैश्विक स्तर पर स्थापित किया। यह समूह भारत के निजी सुरक्षा क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है और इसने बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजन किया।
आरके सिन्हा का राजनीतिक जीवन कैसा रहा?
आरके सिन्हा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और बिहार से राज्यसभा सांसद रहे। भाजपा के शुरुआती दिनों से ही वह संगठन विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाते रहे और चित्रांश समाज के मार्गदर्शक के रूप में भी जाने जाते थे।
राष्ट्र प्रेस
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