आरके सिन्हा के निधन पर आरएसएस और भाजपा का शोक, मोहन भागवत ने कहा — 'सार्वजनिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति'
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद रविंद्र किशोर सिन्हा (आरके सिन्हा) के निधन पर शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), भाजपा नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। 75 वर्षीय सिन्हा के निधन पर विभिन्न नेताओं ने संगठन, पत्रकारिता, उद्योग और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
आरएसएस की श्रद्धांजलि
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की ओर से जारी संयुक्त शोक संदेश में कहा गया कि प्रसिद्ध समाजसेवी और पूर्व राज्यसभा सांसद रविंद्र किशोर सिन्हा के निधन से सार्वजनिक क्षेत्र को गहरी क्षति हुई है। संघ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि निजी सुरक्षा सेवा उद्योग को नई पहचान देने, राष्ट्र सेवा, सामाजिक कार्यों और मीडिया जगत में सिन्हा का योगदान सदा स्मरणीय रहेगा।
संघ ने आगे कहा कि वह दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है और ईश्वर से प्रार्थना करता है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। संघ ने अपना संदेश 'ॐ शान्ति' के साथ समाप्त किया।
भाजपा अध्यक्ष की पुष्पांजलि
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एम्स, नई दिल्ली पहुँचकर आरके सिन्हा को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भाजपा के शुरुआती दिनों से ही संगठन के विस्तार में सिन्हा का योगदान सदैव याद रखा जाएगा। नितिन नवीन ने यह भी रेखांकित किया कि सिन्हा ने पटना से SIS को वैश्विक पहचान दिलाई और निजी सुरक्षा क्षेत्र में रोज़गार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि रविंद्र किशोर सिन्हा चित्रांश समाज के लिए मार्गदर्शक की तरह थे और वह लोगों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहते थे। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए भी वह अभिभावक समान थे और उनका निधन मेरी व्यक्तिगत क्षति है।' नितिन नवीन ने सिन्हा की सादगी, संगठन और समाज के प्रति समर्पण तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति उनके स्नेह को याद करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी।
सिन्हा का योगदान और विरासत
आरके सिन्हा ने अपने जीवनकाल में पत्रकारिता, उद्योग और सामाजिक सेवा — तीनों मोर्चों पर उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने निजी सुरक्षा सेवा उद्योग में SIS समूह को राष्ट्रीय से वैश्विक स्तर तक पहुँचाया, जो देश में इस क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। साथ ही, उन्होंने एक अनुभवी पत्रकार के रूप में मीडिया जगत में भी अपनी पहचान बनाई।
गौरतलब है कि वह राज्यसभा में बिहार का प्रतिनिधित्व करते रहे और संसद में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उनके निधन से भाजपा को एक अनुभवी संगठनकर्ता और वरिष्ठ मार्गदर्शक का नुकसान हुआ है।
आम जनता और समाज पर असर
सिन्हा के निधन की खबर फैलते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर उद्योग जगत तक शोक की लहर दौड़ गई। केंद्रीय मंत्रियों और अन्य नेताओं ने भी अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। बिहार और देशभर में उनके चाहने वाले, जिन्होंने उन्हें एक समाजसेवी और राष्ट्रभक्त के रूप में देखा, इस क्षति को गहराई से महसूस कर रहे हैं।
आगे क्या
सिन्हा के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि समारोहों के विवरण की अभी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है। उनके परिवार, पार्टी कार्यकर्ताओं और SIS समूह के सहयोगियों के लिए यह एक गहरे शोक का समय है। भाजपा और संघ परिवार ने उनके परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट की हैं।