वोट चोरी और संवैधानिक संस्थाएं हैं असली मुद्दे, जनसंख्या नहीं: कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने 5 अक्टूबर 2026 को रांची में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि वह देश के वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। सिन्हा ने स्पष्ट किया कि देश की असली चिंताएँ वोट चोरी, राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से जुड़े सवाल हैं, न कि जनसंख्या या बच्चे पैदा करना।
भाजपा पर ध्यान भटकाने का आरोप
राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा नेता वोट चोरी और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े गंभीर सवालों से जनता का ध्यान हटाने के लिए बार-बार नए विषय सामने लाते रहते हैं। उनके अनुसार, जनसंख्या को मुद्दा बनाना इसी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इन असुविधाजनक प्रश्नों से बचने के लिए सत्ताधारी दल का यह तरीका लोकतंत्र के लिए हानिकारक है।
संवैधानिक संस्थाओं पर कांग्रेस का रुख
सिन्हा ने दावा किया कि कांग्रेस ने हमेशा संवैधानिक संस्थाओं को उनके दायित्वों का स्वतंत्र रूप से निर्वहन करने दिया है। उन्होंने कहा, 'अगर कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को स्वतंत्र रूप से अपना दायित्व निभाने नहीं देती, तो नरेंद्र मोदी आज देश के प्रधानमंत्री नहीं बन पाते।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर विपक्षी दलों में बहस जारी है।
कैप्टन स्मित मच्छार की सराहना
कांग्रेस नेता ने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित पूरी पार्टी ने स्मित मच्छार के साहसिक कार्य के लिए उन्हें बधाई दी है। सिन्हा ने स्पष्ट किया कि सच्चा सम्मान पोस्टर या मार्केटिंग से नहीं, बल्कि दिल से होता है।
चुनाव बहिष्कार पर कड़ा विरोध
चुनाव बहिष्कार के सवाल पर सिन्हा ने कहा कि यह लोकतंत्र को मजबूत करने का रास्ता नहीं है। उनके अनुसार, बहिष्कार से लोकतंत्र पर ही सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि असली संघर्ष चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने का होना चाहिए और देश के युवा भी इसी दिशा में काम कर रहे हैं। ज्ञानेश कुमार के संदर्भ में उन्होंने आरोप लगाया कि 'उनकी चोरी पकड़ी गई है' और कहा कि किसी प्रक्रिया का बहिष्कार करना लोकतांत्रिक समाधान नहीं है।
पाकिस्तान नीति और आतंकवाद पर सवाल
पाकिस्तान के साथ संबंधों के मुद्दे पर भी सिन्हा ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री मोदी अलग-अलग समय पर पाकिस्तान को लेकर अलग-अलग रुख क्यों अपनाते रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के पाकिस्तान दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि उसके बावजूद देश में कई बार आतंकी घटनाएँ हुईं। कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि जब भारतीय सेना पाकिस्तान की धरती पर कार्रवाई कर रही थी और बड़ी संख्या में आतंकियों को निशाना बनाया जा रहा था, तब सरकार ने कथित तौर पर पीछे हटने का फैसला किया। गौरतलब है कि ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं और सरकार ने इन पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। आने वाले दिनों में इन सवालों पर संसद और सार्वजनिक मंचों पर बहस और तेज होने की संभावना है।