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महाकाल मंदिर चंदा चोरी पर दिग्विजय सिंह के आरोप: राकेश सिन्हा ने की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग

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महाकाल मंदिर चंदा चोरी पर दिग्विजय सिंह के आरोप: राकेश सिन्हा ने की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग

सारांश

राम मंदिर चंदा चोरी विवाद अब महाकाल मंदिर तक पहुँच गया है। दिग्विजय सिंह के आरोपों के बाद कांग्रेस के राकेश सिन्हा ने न्यायिक जांच की माँग उठाई और भाजपा पर 12 वर्षों में धार्मिक आस्था से खिलवाड़ का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि महाकाल मंदिर में भी चंदे की चोरी हो रही है।
कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने 4 जुलाई को पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की माँग की।
सिन्हा ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में भाजपा सरकार ने मंदिरों की जमीन और चढ़ावे के मामलों में लीपापोती की।
गुजरात एटीएस द्वारा जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 8 आतंकवादियों की गिरफ्तारी पर सिन्हा ने कार्रवाई का स्वागत किया।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सिन्हा ने आरोप लगाया कि इसे वोट की राजनीति के लिए राजनीतिक आयोजन बनाया गया।

राम मंदिर चंदा चोरी विवाद के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 4 जुलाई को यह कथित आरोप लगाया कि उज्जैन के महाकाल मंदिर में भी चंदे की चोरी हो रही है। इन आरोपों पर कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने रांची में प्रतिक्रिया देते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की माँग की।

महाकाल मंदिर चंदा विवाद पर कांग्रेस का रुख

राकेश सिन्हा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और यदि दिग्विजय सिंह ने यह आरोप लगाया है तो उसके पीछे तथ्य अवश्य होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे की चोरी, मंदिरों की जमीन पर कब्जा, वोटों की चोरी और सत्ता की चोरी — ये सब पिछले 12 वर्षों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की कार्यशैली रही है। उनका कहना था कि सरकार लोगों की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है।

सिन्हा ने माँग की कि दिग्विजय सिंह द्वारा उठाए गए पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए। गौरतलब है कि राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पहले से ही राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है, और अब महाकाल मंदिर को लेकर उठे सवालों ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा और मूर्ति विवाद पर प्रतिक्रिया

राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और भगवान श्रीराम की मूर्ति के रंग को लेकर उठे सवालों पर राकेश सिन्हा ने कहा कि उस समय कई सनातनी श्रद्धालुओं और अनेक शंकराचार्यों ने भी इस विषय पर प्रश्न उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट की राजनीति के उद्देश्य से अर्धनिर्मित मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की गई ताकि इसे एक बड़ा राजनीतिक आयोजन बनाया जा सके। उनके अनुसार, जब भगवान श्रीराम की मर्यादा का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग किया जाएगा, तो उसके परिणाम भी सामने आएंगे।

असम, कोलकाता और अन्य मुद्दों पर भाजपा पर निशाना

असम के मुख्यमंत्री हिमंता विस्वा सरमा के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि अब असम में ध्रुवीकरण की राजनीति की आवश्यकता नहीं है — राकेश सिन्हा ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव के दौरान ध्रुवीकरण की राजनीति करती है और चुनाव समाप्त होने के बाद इस मुद्दे पर चुप हो जाती है। उनका दावा था कि असम में अपराध और भ्रष्टाचार कम नहीं हुए हैं, बल्कि दोनों चरम पर हैं।

कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदरूनी विवाद और पार्टी मुख्यालय पर कब्जे के दावे को लेकर सिन्हा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के कथित संरक्षण में इस तरह की घटनाएँ हो रही हैं। उनके अनुसार, इसी संरक्षण के कारण राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी और महाकाल मंदिर की जमीनों से जुड़े विवाद जैसे मामले सामने आ रहे हैं।

राम मंदिर जांच और सरकारी रवैये पर सवाल

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में दोषियों पर कार्रवाई को लेकर दत्तात्रेय होसबाले के बयान पर राकेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि सरकार पूरे मामले की लीपापोती कर रही है। उन्होंने कहा कि जब भ्रष्टाचारियों और कथित चंदा चोरों को बचाने का प्रयास किया जाएगा, तो दोषी कैसे सामने आएंगे। उनके अनुसार निष्पक्ष जांच होने पर ही दोषियों की पहचान संभव है। सिन्हा ने यह भी कहा कि सनातनी समाज धैर्य रखता है, लेकिन यदि उसका धैर्य टूट गया तो उसके गंभीर परिणाम होंगे।

अन्य मुद्दे: जोधपुर एयरपोर्ट, भारत-पाक वार्ता और गुजरात एटीएस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन के उद्घाटन पर राकेश सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री पिछले 12 वर्षों से उद्घाटन और शिलान्यास करते आ रहे हैं, लेकिन असली सवाल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का है। उन्होंने कहा कि कई परियोजनाओं में उद्घाटन के कुछ समय बाद ही निर्माण संबंधी खामियाँ सामने आई हैं।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के भारत-पाकिस्तान वार्ता पुनः शुरू करने संबंधी बयान पर सिन्हा ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत होनी चाहिए, लेकिन पाकिस्तान को भी विश्वास और मर्यादा बनाए रखनी होगी। वहीं, गुजरात एटीएस द्वारा आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 8 आतंकवादियों की गिरफ्तारी पर उन्होंने कार्रवाई का स्वागत किया और गुजरात एटीएस के सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई दी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर और महाकाल मंदिर से जुड़े विवाद राजनीतिक रूप से तीखे हो चुके हैं और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सवाल भी उतना ही प्रासंगिक है। आरोप गंभीर हैं और इनकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए — लेकिन बिना सत्यापित तथ्यों के केवल राजनीतिक बयानबाजी से न तो श्रद्धालुओं का भरोसा बढ़ेगा, न ही जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाकाल मंदिर चंदा चोरी विवाद क्या है?
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कथित तौर पर आरोप लगाया है कि उज्जैन के महाकाल मंदिर में भी चंदे की चोरी हो रही है। यह आरोप राम मंदिर चंदा चोरी विवाद के बीच सामने आया है और कांग्रेस ने इसकी न्यायिक जांच की माँग की है।
राकेश सिन्हा ने क्या माँग की है?
कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने 4 जुलाई को माँग की कि दिग्विजय सिंह द्वारा उठाए गए पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं न्यायिक जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के बिना दोषियों की पहचान संभव नहीं है।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर कांग्रेस का क्या आरोप है?
राकेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि वोट की राजनीति के उद्देश्य से अर्धनिर्मित मंदिर में भगवान श्रीराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई ताकि इसे एक बड़ा राजनीतिक आयोजन बनाया जा सके। उनके अनुसार उस समय कई शंकराचार्यों ने भी इस पर सवाल उठाए थे।
गुजरात एटीएस की कार्रवाई पर कांग्रेस ने क्या कहा?
राकेश सिन्हा ने गुजरात एटीएस द्वारा जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 8 आतंकवादियों की गिरफ्तारी का स्वागत किया और एटीएस के सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई दी। यह उनके बयान का एकमात्र सकारात्मक पहलू रहा।
भारत-पाकिस्तान वार्ता पर कांग्रेस का क्या रुख है?
राकेश सिन्हा ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत होनी चाहिए, लेकिन पाकिस्तान को भी विश्वास और मर्यादा बनाए रखनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में विश्वास को ठेस न पहुँचे, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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