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पैलेट गन से युवाओं की आँखें छीनना सबसे बड़ी अराजकता: कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा

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पैलेट गन से युवाओं की आँखें छीनना सबसे बड़ी अराजकता: कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा

सारांश

कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने रांची से सरकार को सीधी चुनौती दी — प्रदर्शनकारी युवाओं पर पैलेट गन चलाना 'सबसे बड़ी अराजकता' है। उन्होंने ईवीएम, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ़ राष्ट्रव्यापी आंदोलन तेज़ करने का संकेत दिया।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने 5 नवंबर 2026 को रांची में सरकार पर युवाओं के दमन का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी युवाओं पर पैलेट गन चलाकर आँखों की रोशनी छीनना और एफआईआर न दर्ज करना सबसे बड़ी अराजकता है।
राहुल गांधी को एफआईआर के लिए खुद सड़क पर उतरना पड़ा — यह आरोप सिन्हा ने लगाया।
EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग दोहराई।
केरल के कोच्चि में 'जंतर-मंतर दिवस' के तहत विरोध प्रदर्शन की घोषणा।
सिन्हा ने दिग्विजय सिंह के हिंदुत्व बयान पर सनातन को 'सर्वधर्म समभाव का धर्म' बताते हुए अपना पक्ष रखा।

कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने 5 नवंबर 2026 को रांची में सरकार पर युवाओं के दमन का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी युवाओं पर पैलेट गन चलाकर उनकी आँखों की रोशनी छीनना और उनकी एफआईआर तक दर्ज न करना 'सबसे बड़ी अराजकता' है। उन्होंने चेतावनी दी कि इतिहास गवाह है — जब-जब युवा आक्रोशित हुए हैं, सत्ता परिवर्तन हुआ है, और इस बार भी लोकतांत्रिक तरीके से यही होकर रहेगा।

युवाओं पर पैलेट गन का आरोप

सिन्हा ने कहा, 'जिस तरह से युवा तड़प रहे हैं, अगर वे सड़क पर उतरकर अपनी मांग रखते हैं, तो आप उनके ऊपर पैलेट गन चला दोगे, उनकी आँखों की रोशनी छीन लोगे और एफआईआर तक नहीं करोगे।' उन्होंने यह भी कहा कि एफआईआर दर्ज कराने के लिए भी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सड़क पर उतरना पड़ा।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यही परिस्थितियाँ बनी रहीं, तो युवा कब तक अपना आक्रोश दबाए रखेंगे। कांग्रेस नेता के अनुसार यह दमन लोकतांत्रिक मूल्यों के सीधे विरुद्ध है।

सत्ता परिवर्तन की चेतावनी

सिन्हा ने स्पष्ट किया कि वे किसी हिंसक बदलाव की बात नहीं कर रहे — 'हम लोकतांत्रिक तरीके से बात कर रहे हैं। लोकतंत्र में यदि युवा आक्रोशित होंगे, तो स्वाभाविक तौर पर लोकतांत्रिक तरीके से रिज़ीम चेंज होगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष सरकार पर युवा-विरोधी नीतियों के आरोप लगाता रहा है।

हिंदुत्व और सनातन पर टिप्पणी

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के हिंदुत्व संबंधी बयान पर सिन्हा ने कहा कि सनातन विश्व का सबसे पुराना धर्म है और यह नफरत नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव की सीख देता है। उनके अनुसार हिंदुत्व से दूर रहने की सलाह इसलिए दी जाती है क्योंकि इससे 'दिल और दिमाग में नफरत पैदा होती है', जबकि सनातन सभी धर्मों के सम्मान की बात करता है।

ईवीएम और चुनाव आयोग विवाद

सिन्हा ने विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शनों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग उठाई जा रही है और जिस देश ने ईवीएम का आविष्कार किया, वह भी आज इसे नकारने की स्थिति में आ गया है। केरल के कोच्चि में पार्टी द्वारा 'जंतर-मंतर दिवस' के तहत विरोध प्रदर्शन की भी घोषणा की गई है।

सिन्हा ने कहा कि देशभर के सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक एकजुट होकर पूछ रहे हैं कि लोकतंत्र बड़ा है या ज्ञानेश कुमार — और उन्हें अब तक न हटाया जाना 'हठधर्मिता' है।

आगे की राह

कांग्रेस के इस तेवर से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में विपक्ष युवा आंदोलन, चुनाव सुधार और नागरिक स्वतंत्रता के मुद्दों को और तीव्रता से उठाएगा। राकेश सिन्हा के बयान को पार्टी की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें जमीनी प्रदर्शनों को राजनीतिक दबाव में बदलने की कोशिश है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि विपक्ष की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जो युवा असंतोष, चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता और नागरिक स्वतंत्रता को एक साथ जोड़कर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। पैलेट गन के आरोप नए नहीं हैं — लेकिन उन्हें SIR विरोध और EVM बहस से जोड़ना यह दर्शाता है कि कांग्रेस 'लोकतंत्र बनाम दमन' के फ्रेम को अपना केंद्रीय चुनावी आख्यान बना रही है। हालाँकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि सरकार की ओर से इन आरोपों का कोई आधिकारिक खंडन या पक्ष अभी सामने नहीं आया है, जिससे इस बहस का एक पक्ष अनसुना रह जाता है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राकेश सिन्हा ने पैलेट गन को लेकर क्या कहा?
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि जब युवा अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरते हैं तो उन पर पैलेट गन चलाकर उनकी आँखों की रोशनी छीन ली जाती है और एफआईआर तक दर्ज नहीं की जाती। उन्होंने इसे 'सबसे बड़ी अराजकता' बताया।
सिन्हा ने सत्ता परिवर्तन की बात क्यों कही?
सिन्हा ने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि जब-जब युवा आक्रोशित हुए हैं, सत्ता परिवर्तन हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे लोकतांत्रिक तरीके से इस बदलाव की बात कर रहे हैं, न कि किसी हिंसक परिवर्तन की।
EVM और SIR पर कांग्रेस का क्या रुख है?
कांग्रेस ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग दोहराई है और विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शनों का समर्थन किया है। सिन्हा ने तर्क दिया कि जिस देश ने EVM का आविष्कार किया, वह भी इसे नकार रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद क्या है?
कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग कर रहे हैं। सिन्हा ने कहा कि देशभर के नागरिक पूछ रहे हैं कि 'लोकतंत्र बड़ा है या ज्ञानेश कुमार' — और उन्हें अब तक न हटाना हठधर्मिता है।
दिग्विजय सिंह के हिंदुत्व बयान पर सिन्हा ने क्या कहा?
सिन्हा ने कहा कि सनातन विश्व का सबसे पुराना धर्म है और यह सर्वधर्म समभाव सिखाता है। उनके अनुसार हिंदुत्व से दूर रहने की सलाह इसलिए दी जाती है क्योंकि इससे 'दिल और दिमाग में नफरत पैदा होती है', जबकि सनातन धर्म नफरत नहीं, सम्मान की बात करता है।
राष्ट्र प्रेस
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