6 नवंबर 2026
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पराली विवाद: भाजपा सांसद मनोज तिवारी का आरोप — पंजाब में AAP सरकार की पराली नीति दिल्ली को कर रही बर्बाद

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पराली विवाद: भाजपा सांसद मनोज तिवारी का आरोप — पंजाब में AAP सरकार की पराली नीति दिल्ली को कर रही बर्बाद

सारांश

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने AAP की पंजाब सरकार पर सीधा आरोप लगाया — इस बार पराली जलाना अब तक का सबसे अधिक, AQI 1,435 तक पहुँचा, और दिल्ली-एनसीआर की हवा फिर खतरे में। बठिंडा-बरनाला देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल। असली सवाल: राजनीतिक आरोप से किसानों की समस्या हल होगी?

मुख्य बातें

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने 6 नवंबर 2026 को AAP की पंजाब सरकार और अरविंद केजरीवाल पर पराली जलाने को लेकर 'साज़िश' का आरोप लगाया।
पंजाब के कुछ क्षेत्रों में AQI 1,435 तक दर्ज किया गया, जो 'अति गंभीर' श्रेणी से कहीं अधिक है।
तिवारी के अनुसार बठिंडा और बरनाला देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गए हैं।
इस वर्ष पंजाब में पराली जलाने का स्तर अब तक के सभी वर्षों से सर्वाधिक बताया गया है।
तिवारी ने केजरीवाल से माँग की कि वे किसानों की समस्या सुलझाएँ ताकि दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता सुधर सके।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मनोज तिवारी ने 6 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, यह कहते हुए कि पंजाब में बेरोकटोक जारी पराली जलाने से दिल्ली-एनसीआर की हवा ज़हरीली हो रही है। तिवारी ने अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान सरकार पर दिल्लीवासियों के हितों के विरुद्ध 'साज़िश' रचने का आरोप जड़ा।

मुख्य आरोप और बयान

तिवारी ने कहा, 'पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार होती तो दिल्ली की सांसों और जल पर पहरा होता। पिछली सरकार के समय दिल्लीवासियों को हर प्रकार से तकलीफ हुई, लेकिन जब उनकी सरकार दिल्ली में नहीं और पंजाब में है, पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार जिस प्रकार की साजिश कर रही है, वह दिल्ली के हर व्यक्ति को जानना आवश्यक है।'

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पंजाब में इस बार पराली जलाने का स्तर अब तक के सभी वर्षों से अधिक है, जिससे बठिंडा और बरनाला देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गए हैं।

AQI के आँकड़े और प्रदूषण संकट

तिवारी के अनुसार, पंजाब के कुछ क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 1,435 तक पहुँच गया है। यह आँकड़ा 'अति गंभीर' श्रेणी से कहीं अधिक है और इसका प्रत्यक्ष असर दिल्ली-एनसीआर के वायुमंडल पर पड़ रहा है। गौरतलब है कि हर वर्ष अक्टूबर-नवंबर में पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने से दिल्ली का प्रदूषण स्तर खतरनाक सीमा को पार कर जाता है।

तिवारी ने कहा, 'हैरानी है कि पंजाब में एक्यूआई 1,435 इसलिए कर दिया गया, जिससे कि इसका दुष्प्रभाव दिल्ली को भुगतना पड़े। देश के सबसे प्रदूषित शहरों में पंजाब का बठिंडा और बरनाला शामिल हो गया है। जितनी पराली पंजाब में इस बार जलाई गई, इससे पहले इतनी कभी नहीं जलाई गई।'

दीपावली और सनातन परंपराओं पर राजनीतिक प्रहार

भाजपा सांसद ने AAP पर धार्मिक त्योहारों को बाधित करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में AAP सरकार के कार्यकाल के दौरान दीपावली और छठ पर्व पर पाबंदियाँ लगाई गईं, और अब पंजाब से 'साज़िश' कर इन त्योहारों को बाधित करने की कोशिश की जा रही है। तिवारी ने कहा, 'अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी छिपकर सनातन का विरोध करते रहते हैं।' यह बयान AAP और BJP के बीच राजनीतिक तनाव की उस लंबी श्रृंखला का हिस्सा है जो दिल्ली सरकार बदलने के बाद और तीखी हो गई है।

सरकार की प्रतिक्रिया और माँग

तिवारी ने कहा कि दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक नियम लागू किए हैं और दिल्लीवासियों को स्वच्छ जल व हवा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने केजरीवाल से माँग की कि वे पंजाब के किसानों को पराली जलाने से रोकें, जिससे दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में सुधार हो सके। यह ऐसे समय में आया है जब सर्दियों की शुरुआत के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण सबसे बड़ी प्रशासनिक चुनौती बन जाती है।

आगे क्या होगा

पराली जलाने का मुद्दा हर वर्ष सर्दियों में दिल्ली-एनसीआर में राजनीतिक और पर्यावरणीय बहस का केंद्र बनता है। सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) पहले भी इस मुद्दे पर कड़े निर्देश दे चुके हैं। आलोचकों का कहना है कि पराली जलाने की समस्या का समाधान केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि किसानों को वैकल्पिक तकनीक और वित्तीय सहायता देकर ही हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीन पर धुआँ वैसे ही उठता रहता है। तिवारी के 'साज़िश' वाले आरोप AAP विरोध की उस परिचित लिपि से आगे नहीं जाते जो पिछले कई सालों से दोहराई जा रही है — और AAP भी उतनी ही परिचित प्रतिक्रिया देती है। असली सवाल यह है कि किसानों के पास पराली प्रबंधन के लिए सस्ती और सुलभ तकनीक अब भी क्यों नहीं पहुँची, जबकि केंद्र और राज्य दोनों वर्षों से इस पर बजट का दावा करते रहे हैं। AQI 1,435 कोई राजनीतिक आँकड़ा नहीं — यह लाखों लोगों की साँस का सवाल है, जिसका जवाब चुनावी बयानबाज़ी नहीं, जवाबदेही तय करना है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब में पराली जलाने से दिल्ली का प्रदूषण क्यों बढ़ता है?
पंजाब में पराली जलाने से निकलने वाला धुआँ हवा की दिशा के अनुसार दिल्ली-एनसीआर तक पहुँचता है और वायु गुणवत्ता सूचकांक को खतरनाक स्तर तक पहुँचा देता है। हर वर्ष अक्टूबर-नवंबर में यह समस्या सबसे गंभीर रूप लेती है।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने AAP पर क्या आरोप लगाए?
तिवारी ने आरोप लगाया कि AAP की पंजाब सरकार ने पराली जलाने पर नियंत्रण नहीं किया, जिससे पंजाब का AQI 1,435 तक पहुँच गया और दिल्ली-एनसीआर की हवा ज़हरीली हो गई। उन्होंने इसे दिल्लीवासियों के विरुद्ध 'साज़िश' करार दिया।
पंजाब के किन शहरों में सबसे अधिक प्रदूषण दर्ज किया गया?
तिवारी के बयान के अनुसार पंजाब के बठिंडा और बरनाला देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गए हैं। इन क्षेत्रों में AQI 1,435 तक दर्ज किया गया।
क्या इस साल पंजाब में पराली जलाना पिछले वर्षों से अधिक है?
तिवारी के अनुसार इस बार पंजाब में जितनी पराली जलाई गई है, वह पिछले सभी वर्षों से अधिक है। हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि के लिए सरकारी आँकड़ों का इंतज़ार है।
पराली जलाने की समस्या का स्थायी समाधान क्या है?
विशेषज्ञों और आलोचकों का कहना है कि किसानों को पराली प्रबंधन के लिए वैकल्पिक तकनीक — जैसे हैप्पी सीडर मशीन — और पर्याप्त वित्तीय सहायता देकर ही इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान संभव है। केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से किसानों की आर्थिक मजबूरियाँ हल नहीं होतीं।
राष्ट्र प्रेस
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