पराली जलाने पर दिल्ली CM रेखा गुप्ता का केजरीवाल पर हमला, वादाखिलाफी का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर पंजाब के किसानों के साथ विश्वासघात करने और पराली जलाने की समस्या के समाधान का वादा पूरा न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने पंजाब में पराली जलाने पर रोक लगाने का वचन दिया था, लेकिन कई साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या खड़ी होती है।
मुख्य आरोप और बयानबाज़ी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर पंजाब के तरनतारन में पराली जलाने का एक वीडियो साझा किया और केजरीवाल को उनके वादे की याद दिलाई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में उन्होंने केजरीवाल के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था — 'मुझे एक साल का समय दीजिए, मैं पंजाब में पराली जलाने पर रोक लगा दूंगा।'
गुप्ता ने आगे कहा, 'कई साल बीत गए। किसान मदद का इंतजार करते रहे, और AAP की सरकार ने उन्हें पराली जलाने की मजबूरी से मुक्त करने के बजाय उनके हाल पर छोड़ दिया।' उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने धनराशि, मशीनें और सब्सिडी उपलब्ध कराई, फिर भी भगवंत मान और केजरीवाल की AAP सरकार जमीनी स्तर पर व्यवस्था करने में नाकाम रही।
जवाबदेही और इरादे पर सवाल
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा कि 'संसाधन पूरी तरह उपलब्ध कराए गए, लेकिन इरादा, दृढ़ संकल्प और जवाबदेही — तीनों ही विफल रहे।' उन्होंने यह भी पूछा कि क्या केजरीवाल दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली हार का गुस्सा दिल्ली की जनता पर निकाल रहे हैं।
गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और आसपास के इलाकों में सर्दियों से पहले वायु गुणवत्ता में गिरावट की आशंका बढ़ रही है। हर साल अक्टूबर-नवंबर में पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने से दिल्ली का AQI खतरनाक स्तर तक पहुँच जाता है।
CAQM की निगरानी तैयारी
NCR और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पंजाब के 18 जिलों में पराली जलाने की निगरानी के लिए हवाई दस्ते (फ्लाइंग स्क्वाड) तैनात किए हैं। यह तैनाती 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी है और इसे क्रमिक चरणों में संरचित किया गया है।
इन हवाई दस्तों को संगरूर, तरनतारन, फिरोजपुर, मुक्तसर, बठिंडा, अमृतसर, मोगा, मानसा, फाजिल्का, पटियाला, लुधियाना, कपूरथला, फरीदकोट, बरनाला, मलेरकोटला, गुरदासपुर, जालंधर और फतेहगढ़ साहिब जैसे प्रमुख धान उत्पादक जिलों में तैनात किया गया है।
CAQM के बयान के अनुसार ये टीमें किसानों, पराली सुरक्षा बल, जिला स्तरीय अधिकारियों, राज्य सरकार के नोडल अधिकारियों, संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के अधिकारियों और आयोग के साथ समन्वय करेंगी।
दिल्ली सरकार का रुख
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी की हवा साफ करने के लिए जमीनी स्तर पर नए समाधान लागू करने हेतु दिन-रात काम कर रही है। उन्होंने पंजाब में पराली जलाने को AAP सरकार की 'न कोई तैयारी, न कोई समाधान, सिर्फ झूठे वादे' वाली नीति का प्रतीक बताया।
यह ऐसे समय में आया है जब आने वाले हफ्तों में दिल्ली-NCR के वायु प्रदूषण पर राजनीतिक तनाव और तेज होने की संभावना है, क्योंकि धान की कटाई का मौसम पूरे जोरों पर है।