8 नवंबर 2026
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दिल्ली का AQI 500-600 पार, AAP नेता सुशील गुप्ता ने केंद्र और रेखा सरकार को घेरा

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दिल्ली का AQI 500-600 पार, AAP नेता सुशील गुप्ता ने केंद्र और रेखा सरकार को घेरा

सारांश

दीपावली पर दिल्ली का AQI 500-600 के बीच पहुँचा — मशीनें भी इसे दर्ज नहीं कर पातीं। AAP नेता सुशील गुप्ता ने CM रेखा गुप्ता के 'साफ दिवाली' के वादे को आईना दिखाते हुए केंद्र और राज्य सरकार दोनों को कटघरे में खड़ा किया।

मुख्य बातें

AAP नेता सुशील गुप्ता ने 8 नवंबर 2026 को दीपावली पर दिल्ली का AQI 500-600 बताते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों को विफल करार दिया।
उनके अनुसार सरकारी मशीनें 500 AQI से ऊपर का आंकड़ा दर्ज नहीं कर पातीं, इसलिए वास्तविक स्थिति आधिकारिक आंकड़ों से बदतर है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चुनाव से पहले साफ दिवाली, साफ यमुना और साफ हवा का वादा किया था — गुप्ता ने कहा सरकार तीनों मोर्चों पर असफल रही।
गुप्ता ने कहा कि पंजाब में पराली जलाना कथित तौर पर नगण्य हो गया है; दिल्ली सरकार को पड़ोसी राज्यों पर दोषारोपण बंद करना चाहिए।
उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी के सम्मान और बाबरी मस्जिद विवाद पर भी टिप्पणी करते हुए धार्मिक विभाजन की जगह रोज़गार, शिक्षा और चिकित्सा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

आम आदमी पार्टी के नेता और हरियाणा प्रभारी सुशील गुप्ता ने 8 नवंबर 2026 को दीपावली के मौके पर नई दिल्ली में वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर पर केंद्र सरकार और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार दोनों पर तीखा हमला बोला। उनके अनुसार राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 500 से 600 के बीच पहुँच गया है, जिससे श्वसन संबंधी मरीजों को न अस्पताल में जगह मिल रही है, न घर में राहत। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण के उपाय करने का दावा करती रही है।

मुख्य आरोप और बयान

सुशील गुप्ता ने कहा, 'दीपावली जैसे-जैसे आती है, दिल्लीवासियों को प्रदूषण का कहर झेलना पड़ता है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी मापन मशीनें 500 AQI से ऊपर की संख्या दर्ज नहीं कर पातीं, इसलिए वास्तविक स्थिति आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक खराब है। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से अपील की कि दिल्लीवासियों को इस 'प्रदूषण के जहर' से मुक्ति के लिए ठोस योजना बनाई जाए।

चुनावी वादों पर सवाल

गुप्ता ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा चुनाव से पहले साफ दिवाली, साफ यमुना और साफ हवा का वादा किया था। उनके अनुसार सरकार इन तीनों मोर्चों पर विफल रही है। उन्होंने तर्क दिया कि चुनाव के वक्त ही पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की भौगोलिक स्थिति यही थी, इसलिए प्रदूषण की संभावना पहले से ज्ञात थी और सरकार को उसके अनुसार तैयारी करनी चाहिए थी।

पराली और पड़ोसी राज्यों का मुद्दा

सुशील गुप्ता ने पंजाब सरकार का बचाव करते हुए कहा कि पंजाब में पराली जलाना कथित तौर पर लगभग नगण्य हो गया है और किसानों को पराली से बाय-प्रोडक्ट बनाने के लिए प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली सरकार से दूसरे राज्यों पर दोषारोपण बंद कर दिल्लीवासियों को राहत देने की माँग की। गौरतलब है कि पराली जलाने का मुद्दा हर साल सर्दियों की शुरुआत में दिल्ली की राजनीति का केंद्र बनता है।

लालकृष्ण आडवाणी और सांप्रदायिकता पर टिप्पणी

इस दौरान लालकृष्ण आडवाणी के सौ वर्ष पूरे होने के संदर्भ में गुप्ता ने कहा कि वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता का जो सम्मान और अधिकार था, वह उनसे छिन लिया गया। बाबरी मस्जिद पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जो देश धार्मिक कट्टरता की ओर बढ़े हैं, वे तरक्की नहीं कर पाए। उन्होंने आह्वान किया कि मंदिर-मस्जिद की लड़ाइयाँ छोड़कर रोज़गार, शिक्षा, चिकित्सा और विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाए।

आगे क्या होगा

दिल्ली में AQI के गंभीर स्तर पर पहुँचने के बाद अब राजनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ठंड और हवा की गति कम रहेगी, प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना रहेगा। सुशील गुप्ता के बयान से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता का मुद्दा विधानसभा और केंद्र — दोनों स्तरों पर गरमाता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक असुविधाजनक सत्य भी छुपा है — दिल्ली का वायु संकट किसी एक सरकार की नाकामी नहीं, बल्कि एक दशक से चले आ रहे बहु-स्तरीय प्रशासनिक विफलता का नतीजा है। AAP ने खुद वर्षों तक दिल्ली सरकार चलाई, और तब भी AQI हर सर्दी में खतरनाक स्तर तक पहुँचता रहा। असली सवाल यह है कि जब हर पार्टी सत्ता में आने पर 'साफ हवा' का वादा करती है और हर बार विफल होती है, तो क्या दिल्ली को एक बाध्यकारी, बहु-राज्यीय कार्ययोजना की जरूरत नहीं है जो चुनावी चक्रों से परे हो?
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में दीपावली 2026 पर AQI कितना था?
AAP नेता सुशील गुप्ता के अनुसार दीपावली पर दिल्ली का AQI 500 से 600 के बीच पहुँच गया। उनका कहना था कि सरकारी मशीनें 500 से ऊपर का आंकड़ा दर्ज नहीं कर पातीं, इसलिए वास्तविक प्रदूषण स्तर आधिकारिक आंकड़ों से अधिक हो सकता है।
सुशील गुप्ता ने दिल्ली सरकार पर क्या आरोप लगाए?
सुशील गुप्ता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चुनाव से पहले साफ दिवाली, साफ यमुना और साफ हवा का वादा किया था, लेकिन सरकार तीनों मोर्चों पर विफल रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से भी दिल्लीवासियों को प्रदूषण से राहत देने के लिए ठोस योजना बनाने की माँग की।
पंजाब में पराली जलाने पर सुशील गुप्ता ने क्या कहा?
गुप्ता ने कहा कि पंजाब में पराली जलाना कथित तौर पर नगण्य हो गया है और किसानों को पराली से बाय-प्रोडक्ट बनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली सरकार से पड़ोसी राज्यों पर दोषारोपण बंद करने और दिल्लीवासियों को राहत देने पर ध्यान देने की अपील की।
लालकृष्ण आडवाणी के बारे में सुशील गुप्ता ने क्या कहा?
आडवाणी के 100 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में गुप्ता ने कहा कि वे एक समय BJP के शीर्ष नेता थे, लेकिन उनका सम्मान और अधिकार उनसे छिन लिया गया। उन्होंने आडवाणी को दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं दीं।
सुशील गुप्ता ने बाबरी मस्जिद विवाद पर क्या विचार रखे?
सोनिया गांधी की बाबरी मस्जिद संबंधी टिप्पणी पर गुप्ता ने कहा कि जो देश धार्मिक कट्टरता की ओर बढ़े हैं, वे तरक्की नहीं कर पाए। उन्होंने मंदिर-मस्जिद की बहसें छोड़कर रोज़गार, शिक्षा और चिकित्सा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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