पंजाब में पराली जलाने पर BJP सांसद मनोज तिवारी का AAP पर हमला, बरनाला में AQI 1435 दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मनोज तिवारी ने 6 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली के बढ़ते वायु प्रदूषण के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार को सीधे जिम्मेदार ठहराया। तिवारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में राज्य में पराली जलाने की घटनाएँ अभूतपूर्व स्तर पर पहुँच गई हैं।
मुख्य आरोप और बयान
तिवारी ने दावा किया कि 30 अक्टूबर के बाद पंजाब में जिस पैमाने पर पराली जलाई जा रही है, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने कहा, पंजाब के बरनाला में हाल ही में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 1435 तक पहुँचने की जानकारी उन्हें मिली है। इससे पहले पंजाब के कुछ अन्य शहरों में AQI 1200, 1100 और 900 तक दर्ज किया जा चुका था।
BJP सांसद ने बताया कि 30 अक्टूबर को दिल्ली का AQI 60 था, लेकिन उसके बाद अचानक बढ़ना शुरू हुआ और 3 नवंबर तक यह 300 तक जा पहुँचा। उन्होंने इस उछाल के लिए पंजाब की पराली जलाने की घटनाओं और उत्तर-पश्चिम दिशा से दिल्ली की ओर आने वाली हवाओं को जिम्मेदार बताया।
सरकारी आँकड़े और दर्ज मामले
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य भर में पराली जलाने की कुल 2,787 घटनाएँ दर्ज की गई हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQMS) की निगरानी एवं प्रवर्तन कार्रवाई रिपोर्ट के तहत 5 नवंबर तक के आँकड़ों से पता चलता है कि अकेले पटियाला में पराली जलाने के 156 मामले सामने आए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 914 मामलों में कुल ₹46.10 लाख का पर्यावरण क्षतिपूर्ति (EC) जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से ₹24.85 लाख अब तक वसूल किए जा चुके हैं।
पंजाब सरकार की कार्रवाई
पराली जलाने की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पंजाब सरकार ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कुल 710 FIR दर्ज की हैं। इसके अतिरिक्त, राजस्व अभिलेखों में 829 मामलों में 'लाल प्रविष्टियाँ' दर्ज की गई हैं। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि यह कार्रवाई समस्या की गंभीरता के मुकाबले पर्याप्त नहीं है।
राजनीतिक संदर्भ और पुराना आरोप
गौरतलब है कि तिवारी से पहले दिल्ली के पर्यावरण मंत्री आशीष सूद भी AAP शासित पंजाब पर इसी तरह के आरोप लगा चुके हैं। तिवारी ने यह भी कहा कि जब AAP दिल्ली में सत्ता में थी, तब उसने पानी, पर्यावरण और अन्य मुद्दों पर राजधानी को भारी नुकसान पहुँचाया। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-NCR में सर्दियों की शुरुआत के साथ प्रदूषण संकट गहराता जा रहा है और वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में पहुँच चुकी है।
आगे क्या
पराली जलाने का मौसम अभी जारी है और विशेषज्ञों के अनुसार नवंबर के मध्य तक यह स्थिति और बिगड़ सकती है। पंजाब एवं दिल्ली के नागरिक, दोनों ही बिगड़ती वायु गुणवत्ता से चिंतित हैं। सरकारी एजेंसियों और न्यायालयों द्वारा इस मुद्दे पर निगरानी जारी है।