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दिल्ली में 10 साल का सबसे साफ अक्टूबर, सिरसा ने पंजाब की पराली और AAP पर साधा निशाना

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दिल्ली में 10 साल का सबसे साफ अक्टूबर, सिरसा ने पंजाब की पराली और AAP पर साधा निशाना

सारांश

दिल्ली के मंत्री सिरसा ने दावा किया — इस साल 220 दिन साफ हवा और अक्टूबर दस साल में सबसे स्वच्छ। लेकिन असली निशाना पंजाब पर था: 1,000 से अधिक पराली घटनाएँ, पुलिस की कथित मौजूदगी और प्रदूषण बोर्ड में विवादित नियुक्ति — AAP के खिलाफ भरपूर हमला।

मुख्य बातें

दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने 3 नवंबर 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार का दावा किया।
इस वर्ष दिल्ली में 220 दिन साफ हवा दर्ज; अक्टूबर 2026 को पिछले 10 साल का सबसे स्वच्छ अक्टूबर बताया गया।
वायु गुणवत्ता में पिछले वर्षों की तुलना में करीब 10% सुधार का दावा।
पंजाब में पराली जलाने की 1,000 से अधिक घटनाएँ; कुछ स्थानों पर पंजाब पुलिस की कथित उपस्थिति पर सवाल।
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को लेकर AAP पर भाई-भतीजावाद का आरोप।
सिरसा ने पूर्व CM अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया से दिल्ली हित में सहयोग की अपील की।

दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने 3 नवंबर 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली ने इस वर्ष पिछले एक दशक का सबसे साफ अक्टूबर दर्ज किया है। इसी दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखे आरोप लगाए और पंजाब में 1,000 से अधिक पराली जलाने की घटनाओं के लिए पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार के दावे

सिरसा के अनुसार, इस साल दिल्ली में 220 दिन साफ हवा दर्ज की गई, जो पिछले एक दशक में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2026 पिछले दस वर्षों का सबसे स्वच्छ अक्टूबर रहा और इस वर्ष का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) भी दस साल के न्यूनतम स्तर पर है। उनके अनुसार, पिछले वर्षों की तुलना में वायु गुणवत्ता में करीब 10 प्रतिशत का सुधार दर्ज हुआ है।

गौरतलब है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण हर सर्दी के मौसम में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बनता है। सरकारी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।

पंजाब की पराली पर गंभीर आरोप

सिरसा ने आरोप लगाया कि पंजाब में पराली जलाने की 1,000 से अधिक घटनाएँ सामने आई हैं और कुछ स्थानों पर आग लगाए जाने के दौरान पंजाब पुलिस के जवान कथित तौर पर मौजूद थे। उन्होंने पुलिस तथा सरकारी अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। पराली दहन को दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के धुंध और खराब वायु गुणवत्ता का एक प्रमुख बाहरी कारण माना जाता है।

पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नियुक्ति पर सवाल

सिरसा ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष की हालिया नियुक्ति को लेकर भी AAP पर हमला बोला। उनका दावा है कि आजादी के 75 वर्षों में इस पद पर कभी किसी गैर-पंजाबी, गैर-आईएएस या गैर-तकनीकी विशेषज्ञ को नहीं बिठाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP ने दिल्ली से अपने एक राजनीतिक प्रवक्ता को इस पद पर नियुक्त किया, जिनका पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से कथित तौर पर करीबी पारिवारिक संबंध है।

सिरसा ने आरोप लगाया कि AAP की राजनीति झूठ और धोखे पर आधारित है। हालाँकि, AAP की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई।

केजरीवाल और सिसोदिया से अपील

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में सिरसा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से अनुरोध किया कि वे दिल्ली के हित में सहयोग करें। उन्होंने दावा किया कि पिछली AAP सरकार के दस वर्षों के कार्यकाल में दिल्ली की दशा बिगड़ी, जबकि वर्तमान सरकार शहर को साफ और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली और पंजाब में BJP तथा AAP के बीच प्रदूषण की राजनीति तेज हो रही है। प्रदूषण नियंत्रण का श्रेय और पराली दहन की जिम्मेदारी — दोनों ही मुद्दे हर सर्दी में चुनावी स्वर लेते हैं। रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि वायु गुणवत्ता सुधार का मुद्दा अपनी उपलब्धि के रूप में स्थापित किया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इन दावों की स्वतंत्र सत्यापन की अनुपस्थिति खटकती है — सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश संख्याएँ अक्सर चुनिंदा समयावधि पर आधारित होती हैं। पंजाब पुलिस की पराली दहन के दौरान कथित मौजूदगी का आरोप गंभीर है और इसकी जाँच की माँग करता है, परंतु अब तक केवल एक पक्ष की बात सामने आई है। मूल मुद्दा यह है कि दिल्ली और पंजाब दोनों राज्यों में प्रदूषण एक शासन विफलता है, न कि केवल पराली — वाहन, उद्योग और निर्माण कार्य भी समान रूप से जिम्मेदार हैं। जब तक दोनों सरकारें एक-दूसरे पर आरोप लगाने की राजनीति से ऊपर नहीं उठतीं, दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों नागरिक हर सर्दी में जहरीली हवा में साँस लेते रहेंगे।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली की हवा को लेकर क्या दावा किया?
सिरसा ने 3 नवंबर 2026 को कहा कि इस साल दिल्ली में 220 दिन साफ हवा दर्ज हुई, जो पिछले एक दशक में सर्वाधिक है। उन्होंने अक्टूबर 2026 को पिछले दस वर्षों का सबसे स्वच्छ अक्टूबर बताया और औसत AQI में करीब 10% सुधार का दावा किया।
पंजाब में पराली जलाने को लेकर क्या आरोप लगाए गए?
सिरसा ने आरोप लगाया कि पंजाब में पराली जलाने की 1,000 से अधिक घटनाएँ सामने आई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ स्थानों पर आग लगाते समय पंजाब पुलिस के जवान कथित तौर पर मौजूद थे, जिससे पुलिस और सरकारी अधिकारियों की भूमिका सवालों के घेरे में है।
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नियुक्ति पर विवाद क्यों है?
सिरसा का आरोप है कि AAP ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर दिल्ली से एक राजनीतिक प्रवक्ता को नियुक्त किया, जो न पंजाबी हैं, न IAS अधिकारी और न तकनीकी विशेषज्ञ। उन्होंने दावा किया कि नियुक्त व्यक्ति का अरविंद केजरीवाल से कथित करीबी पारिवारिक संबंध है।
दिल्ली के प्रदूषण में पराली की क्या भूमिका है?
पंजाब और हरियाणा में पराली दहन को हर सर्दी में दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता बिगड़ने का एक प्रमुख बाहरी कारण माना जाता है। हालाँकि वाहन, उद्योग और निर्माण कार्य भी प्रदूषण में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
सिरसा ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया से क्या अपील की?
सिरसा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से हाथ जोड़कर अनुरोध किया कि वे दिल्ली के हित में काम करें और वर्तमान सरकार के प्रदूषण नियंत्रण प्रयासों में सहयोग दें।
राष्ट्र प्रेस
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