दिल्ली में 179 स्वच्छ वायु दिवस: 2016 के मुकाबले 85 दिनों का सुधार, AQI 98 पर संतोषजनक
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली में 1 जनवरी से 15 सितंबर 2026 के बीच 179 स्वच्छ वायु दिवस दर्ज किए गए हैं — जो राजधानी की वायु गुणवत्ता में दशक भर की सबसे उल्लेखनीय प्रगति मानी जा रही है। पर्यावरण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इसी अवधि में 2025 में यह संख्या 172 दिन थी, जबकि 2016 में मात्र 94 दिन — यानी एक दशक में 85 दिनों का शुद्ध सुधार।
आंकड़ों में सुधार की कहानी
वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के अनुसार, 15 सितंबर 2026 को दिल्ली का AQI 98 दर्ज किया गया, जो 'संतोषजनक' श्रेणी में आता है। यह उस शहर के लिए महत्वपूर्ण है जो वर्षों से अक्टूबर-नवंबर के 'खतरनाक' और 'गंभीर' AQI स्तरों के लिए चर्चित रहा है। गौरतलब है कि 2016 में जहाँ केवल 94 दिन स्वच्छ वायु श्रेणी में आते थे, वहीं 2026 में यह संख्या लगभग दोगुनी होकर 179 दिन तक पहुँच गई है।
मंजिंदर सिंह सिरसा का बयान
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस उपलब्धि का स्वागत करते हुए कहा कि 'दिल्ली में वायु गुणवत्ता में स्पष्ट और निरंतर सुधार देखा जा रहा है। 2016 में केवल 94 स्वच्छ वायु दिवसों से बढ़कर इस वर्ष 179 दिन होना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इन उपायों को और मजबूत करती रहेगी ताकि दिल्लीवासियों को हर मौसम में स्वच्छ हवा मिल सके।
मुख्य घटनाक्रम: ज़मीनी कार्रवाई के आंकड़े
पर्यावरण विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 81 मशीनीकृत सड़क सफाईकर्मियों ने लगभग 2,279 किलोमीटर सड़कों की सफाई की और 170 मीट्रिक टन सड़क धूल एकत्र की। इसके अतिरिक्त, 12,715 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया और वाहन प्रदूषण नियमों के उल्लंघन पर 4,976 चालान जारी किए गए।
निर्माण एवं विध्वंस (C&D) अपशिष्ट प्रबंधन के तहत 2,113 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया। भलस्वा, गाजीपुर और ओखला स्थित नगर निगम के ठोस अपशिष्ट स्थलों पर जैव खनन के माध्यम से लगभग 19,212 मीट्रिक टन अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रसंस्करण किया गया।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली हर शीतकाल में वायु प्रदूषण संकट का सामना करती है और स्कूल बंद करने व आपातकालीन स्वास्थ्य सलाह जारी करने की नौबत आती है। स्वच्छ वायु दिवसों में हो रही वृद्धि सांस संबंधी बीमारियों के बोझ में संभावित कमी का संकेत देती है, विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
आगे की राह
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि वायु गुणवत्ता में सुधार उसकी दीर्घकालिक प्राथमिकता है। निरंतर प्रवर्तन, वैज्ञानिक धूल नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन और जनभागीदारी के संयुक्त प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। असली परीक्षा अक्टूबर-नवंबर के उस कठिन दौर में होगी जब पराली जलाने का मौसम शुरू होता है और दिल्ली का AQI तेजी से गिरता है।