क्या इस साल दिल्ली की हवा पिछले कई वर्षों में सबसे बेहतर रही? : पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा

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क्या इस साल दिल्ली की हवा पिछले कई वर्षों में सबसे बेहतर रही? : पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा

सारांश

दिल्ली का वायु प्रदूषण स्तर इस साल काफी बेहतर हुआ है। पर्यावरण मंत्री ने बताया कि औसत पीएम2.5 स्तर 96 माइक्रोग्राम है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम है। जानें, दिल्ली सरकार ने इस सुधार को सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए हैं।

Key Takeaways

  • 2025 में दिल्ली का वायु प्रदूषण स्तर उल्लेखनीय रूप से सुधरा है।
  • पूरे साल का औसत पीएम2.5 स्तर 96 है।
  • एक्यूआई 200 से नीचे के दिनों की संख्या 200 रही।
  • दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
  • साफ हवा हर दिल्लीवासी का हक है।

नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में वर्ष 2025 एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इस साल दिल्ली की हवा पिछले कई वर्षों में सबसे बेहतर रही। पूरे वर्ष का औसत पीएम2.5 स्तर 96 और पीएम10 स्तर 197 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो 2024 के स्तर (पीएम2.5: 104 और पीएम10: 212 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) से काफी कम है। यह पिछले 8 वर्षों में सबसे अच्छा प्रदर्शन है।

सिरसा ने कहा, "मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में साफ हवा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रही। वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जमीनी कार्रवाई से यह बदलाव संभव हुआ।" इस साल 200 दिन ऐसे रहे जब एक्यूआई 200 से नीचे रहा, जो पिछले वर्षों की तुलना में करीब 15 प्रतिशत बेहतर है। एक्यूआई 100 से नीचे वाले दिन 79 रहे। गंभीर प्रदूषण (एक्यूआई 400+) वाले दिन सिर्फ 8 रहे, जो अब तक का सबसे कम आंकड़ा है। जनवरी से नवंबर तक औसत एक्यूआई 187 रहा, जो 2018 के बाद (कोविड वर्ष 2020 को छोड़कर) सबसे अच्छा है।

दिल्ली सरकार ने धूल नियंत्रण, वाहन उत्सर्जन, उद्योगों पर सख्ती और कचरा प्रबंधन पर एक साथ काम किया। सड़कों पर 405 एंटी-स्मॉग गन लगाई गईं, निर्माण स्थलों पर सख्त नियम लागू किए गए और पानी का छिड़काव बढ़ाया गया। ‘पीयूसी नहीं तो ईंधन नहीं’ नीति से लाखों वाहनों पर चालान काटे गए।

1 अक्टूबर 2025 से अब तक 12 लाख से अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर चालान जारी किए गए। पिछले 24 घंटों में ही 12,364 चालान काटे गए। उद्योगों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई, प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को बंद किया गया। कचरा प्रबंधन में रोजाना 35 मीट्रिक टन पुराने कचरे की बायो-माइनिंग की गई, जिससे कूड़े के पहाड़ों का निस्तारण तेज हुआ। नए इनवोवेशन चैलेंज और ग्रीन दिल्ली ऐप के जरिए जनभागीदारी बढ़ाई गई।

मंत्री ने कहा, "साफ हवा हर दिल्लीवासी का हक है। हम इसे पूरी प्रतिबद्धता से सुनिश्चित करेंगे।" दिल्लीवासियों ने इस सुधार को सराहा है और उम्मीद जताई है कि यह सुधार स्थायी बना रहेगा।

Point of View

दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार एक सकारात्मक संकेत है। यह प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए ठोस कदमों का परिणाम है और यह दिखाता है कि जब सरकार और नागरिक एकजुट होते हैं, तो सकारात्मक बदलाव संभव है।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली की हवा में सुधार के क्या मुख्य कारण हैं?
दिल्ली सरकार ने धूल नियंत्रण, वाहन उत्सर्जन पर सख्ती, और कचरा प्रबंधन जैसे कदम उठाए हैं।
क्या दिल्लीवासियों ने इस सुधार को सराहा है?
हां, दिल्लीवासियों ने इस सुधार को सराहा है और इसे स्थायी बनाए रखने की उम्मीद जताई है।
एक्यूआई स्तर क्या है?
एक्यूआई स्तर इस साल औसतन 187 रहा, जो कई सालों के बाद सबसे अच्छा है।
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