क्या दिल्ली-एनसीआर में हवा स्वच्छ हो गई? 2025 में अब तक का सबसे बेहतर वायु गुणवत्ता स्तर दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और उसके आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में संकेत दिया है कि वर्ष 2025 (जनवरी से अक्टूबर) के दौरान दिल्ली की वायु गुणवत्ता में लगातार सुधार देखा गया है। यह 2018 से अब तक का सर्वश्रेष्ठ औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) है, साल 2020 (कोविड लॉकडाउन वर्ष) को छोड़कर।
सीएक्यूएम की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से अक्टूबर 2025 के दौरान दिल्ली का औसत एक्यूआई 170 रहा, जबकि यह 2024 में 184, 2023 में 172, 2022 में 187, 2021 में 179, 2020 में 156, 2019 में 192 और 2018 में 201 था। इसका मतलब है कि पिछले वर्ष की तुलना में राजधानी की हवा में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि सितंबर से अक्टूबर के दौरान मौसम में बदलाव के कारण दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है। मानसूनी हवाओं के कमजोर होने और हवा के अधिक शुष्क और स्थिर होने से प्रदूषकों का फैलाव कम हो जाता है, जिसके कारण इस अवधि में आमतौर पर प्रदूषण बढ़ने की संभावना रहती है। फिर भी, इस वर्ष हवा की गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर रही।
इस साल की बात करें तो जनवरी से अक्टूबर तक एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब औसत एक्यूआई 400 से ऊपर पहुंचा हो। इसके साथ ही, इस अवधि में 'संतोषजनक' वायु गुणवत्ता वाले दिनों की संख्या 79 दर्ज की गई (2020 को छोड़कर), जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर है। 2024 में ऐसे 66 दिन, 2023 में 60, 2022 में 65, 2021 में 72, 2020 में 95, 2019 में 58 और 2018 में केवल 53 दिन ही दर्ज किए गए थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पीएम2.5 और पीएम10 प्रदूषक कणों का स्तर भी इस वर्ष अब तक का निचला स्तर रहा है।
सीएक्यूएम ने आगे कहा कि हवा प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और कमी के लिए प्रभावी उपाय करने और दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम कर रहा है। आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता में और सुधार लाने के प्रयास तेज किए जाएंगे।