क्या दिल्ली में लगातार 15वें दिन वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी रही?

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क्या दिल्ली में लगातार 15वें दिन वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी रही?

सारांश

दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगातार 15वें दिन भी बहुत खराब श्रेणी में बनी रही है। सीपीसीबी द्वारा दर्ज एक्यूआई 338 है, जो प्रदूषण की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। आगामी सप्ताह में सुधार की कोई संभावना नहीं है।

Key Takeaways

  • दिल्ली में वायु गुणवत्ता 15 दिनों से बहुत खराब है।
  • सीपीसीबी का एक्यूआई 338 है।
  • प्रदूषण के बढ़ते स्तर में सुधार की कोई संभावना नहीं है।
  • सप्ताह भर ये हालात बने रहने की उम्मीद है।
  • स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की वायु गुणवत्ता ने शनिवार को लगातार 15वें दिन भी बहुत खराब श्रेणी में बने रहने का रिकॉर्ड कायम किया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सुबह 7 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 338 दर्ज किया।

यह आंकड़ा शुक्रवार के 385 के स्तर से थोड़ा बेहतर है, फिर भी नवंबर महीने में राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का स्तर लगातार अधिक बना हुआ है। शुक्रवार को शहर का 24 घंटे का औसत एक्यूआई 369 था, जिससे दिल्ली में आधे महीने तक हवा की गुणवत्ता बहुत खराब बनी रही।

एयर क्वालिटी और मौसम एजेंसियों के अनुमान बताते हैं कि आने वाले सप्ताह में हालात में कोई विशेष सुधार की उम्मीद नहीं है, क्योंकि मौसम के कारण प्रदूषण फैलाने वाले तत्वों के फैलने के लिए ज्यादातर खराब बने हुए हैं।

दिल्ली में प्रदूषित हवा से अभी लोगों को राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। मौसम विभाग और एयर-क्वालिटी एजेंसियों का कहना है कि अगले पूरे हफ्ते तक हालात ऐसे ही खराब रहेंगे। हवा रुकी हुई है और धुआं-धूल ऊपर नहीं उठ पा रहा, इसलिए प्रदूषण कम होने के आसार बहुत कम हैं।

शनिवार सुबह के सीपीसीबी के मॉनिटरिंग डेटा से पता चला कि ज्यादातर स्टेशन एक्यूआई स्तर को बहुत खराब ब्रैकेट में ही बता रहे हैं। इनमें आनंद विहार (354), अशोक विहार (347), बवाना (364), बुराड़ी (347), चांदनी चौक (351), द्वारका सेक्टर 8 (368), ITO (343), पटपड़गंज (341), पंजाबी बाग (355), रोहिणी (364) और विवेक विहार (358) शामिल थे।

हालांकि, कुछ जगहों पर खराब कैटेगरी में थोड़ी बेहतर रीडिंग दर्ज की गई। इनमें आईजीआई एयरपोर्ट (295), दिलशाद गार्डन (272), मंदिर मार्ग (251) और NSIT द्वारका (252) शामिल थे, जिससे थोड़ी राहत मिली।

एनसीआर के शहरों में भी ऐसा ही पैटर्न दिखा। नोएडा में एक्यूआई 344, गाजियाबाद में 333, फरीदाबाद में 207, और गुरुग्राम में 293 दर्ज किया गया, जो पूरे इलाके में खराब से बहुत खराब एयर क्वालिटी को दिखाता है।

इससे पहले शुक्रवार को, दिल्ली के 39 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से कुल 19 ने सुबह के समय एयर क्वालिटी को गंभीर कैटेगरी में रिकॉर्ड किया, जिसके बाद दिन में हालात थोड़े बेहतर हुए।

पूरे सप्ताह दिल्ली की रोजाना की औसत एक्यूआई रीडिंग में लगातार खराब स्तर दिखे। इनमें गुरुवार को 377, बुधवार को 327, मंगलवार को 352, और सोमवार को 382, ये सभी बहुत खराब रेंज में थे।

मौसम की बात करें तो, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को कोहरे का अनुमान लगाया है। अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि प्रशासन को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। प्रदूषण के स्तर में निरंतर वृद्धि न केवल नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल रही है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी एक बड़ा खतरा है। हमें इस दिशा में एकजुट होकर प्रयास करना होगा।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक क्या है?
दिल्ली में वर्तमान वायु गुणवत्ता सूचकांक 338 है, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है।
क्या अगले हफ्ते वायु गुणवत्ता में सुधार होगा?
मौसम और प्रदूषण के कारण, अगले हफ्ते में वायु गुणवत्ता में सुधार की कोई उम्मीद नहीं है।
वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?
वायु प्रदूषण से सांस की बीमारियां, हृदय संबंधी समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
दिल्ली में प्रदूषण के मुख्य कारण क्या हैं?
दिल्ली में प्रदूषण के मुख्य कारणों में वाहनों का धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन और निर्माण कार्य शामिल हैं।
क्या हमें मास्क पहनना चाहिए?
हाँ, वायु प्रदूषण के कारण मास्क पहनना स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए उचित है।
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