31 अक्टूबर 2026
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सिरसा का AAP पर प्रहार: पंजाब में 1,007 पराली घटनाएँ, केजरीवाल पर दिल्ली से बदला लेने का आरोप

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सिरसा का AAP पर प्रहार: पंजाब में 1,007 पराली घटनाएँ, केजरीवाल पर दिल्ली से बदला लेने का आरोप

सारांश

दिल्ली पर्यावरण मंत्री सिरसा ने AAP और केजरीवाल पर दोहरा मानदंड अपनाने का आरोप लगाया — जो पार्टी कभी पराली प्रदूषण पर चिल्लाती थी, वही अब पंजाब में 1,007 घटनाएँ होने देती है। यह टकराव दिल्ली की सर्दियों की वायु-राजनीति का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

दिल्ली पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने 30 अक्टूबर 2026 को AAP और केजरीवाल पर पराली जलाने को लेकर कड़ा हमला बोला।
पंजाब में इस सीजन पराली जलाने की 1,007 घटनाएँ दर्ज; 672 मामले अकेले तरनतारन, अमृतसर और फिरोजपुर से।
सिरसा का आरोप — भगवंत मान सरकार किसानों को पराली जलाने के लिए प्रेरित कर रही है, जिसका सीधा असर दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर।
केंद्र सरकार ने किसानों को हैप्पी सीडर , स्ट्रॉ कटर सहित आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए हैं।
दिल्ली में इस वर्ष अब तक 219 दिन साफ हवा; AQI 60 तक पहुँचा — मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार का दावा।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने 30 अक्टूबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके नेता अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला, यह आरोप लगाते हुए कि पंजाब में पराली जलाने की बढ़ती घटनाएँ दिल्ली की हवा को ज़हरीला बना रही हैं और AAP सरकार इस पर अंकुश लगाने में विफल रही है। सिरसा ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली में अपनी चुनावी हार का बदला राजधानी की जनता के स्वास्थ्य से ले रहे हैं।

पराली जलाने के आँकड़े

सिरसा ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि पंजाब में इस सीजन अब तक पराली जलाने की 1,007 घटनाएँ दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से 672 मामले अकेले तरनतारन, अमृतसर और फिरोजपुर जिलों से सामने आए हैं। उनके अनुसार यह आँकड़ा बेहद चिंताजनक है और भगवंत मान सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

AAP की दोहरी नीति पर सवाल

सिरसा ने केजरीवाल की पुरानी बयानबाज़ी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे, तब वे और उनकी पार्टी के नेता अक्सर पंजाब में पराली जलाने को दिल्ली के वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण बताते थे। अब जब पंजाब में AAP की सरकार है, पराली जलाने पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा — यह विरोधाभास, सिरसा के अनुसार, उजागर करता है कि AAP का रुख राजनीति से प्रेरित है, नीति से नहीं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब की भगवंत मान सरकार किसानों को पराली जलाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, जिसका सीधा और गंभीर असर नई दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर पड़ रहा है।

केंद्र का किसानों को समर्थन

पर्यावरण मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने पराली प्रबंधन के लिए किसानों को हैप्पी सीडर, स्ट्रॉ कटर और अन्य आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए हैं, ताकि फसल अवशेषों का वैज्ञानिक प्रबंधन किया जा सके। उन्होंने बताया कि कई किसान अब पराली जलाने के बजाय उससे आर्थिक लाभ उठाने के विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं — बावजूद इसके पंजाब में घटनाएँ कम नहीं हो रहीं।

सिरसा ने केजरीवाल को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'अरविंद केजरीवाल, आप दस वर्षों तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे हैं और वायु प्रदूषण की समस्या से भली-भाँति परिचित हैं। राजनीतिक कारणों से दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य और किसानों के हितों को खतरे में डालना उचित नहीं है। भगवंत मान सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और पराली जलाने को रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।'

दिल्ली सरकार की प्रदूषण-रोधी पहल

सिरसा ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस वर्ष अब तक दिल्ली में 219 दिन हवा साफ रही है और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 60 तक पहुँचा है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से प्रदूषण संबंधी गतिविधियों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।

आगे की राह

सिरसा ने जोर देकर कहा कि वायु प्रदूषण का स्थायी समाधान तभी संभव है जब दिल्ली के पड़ोसी राज्य — विशेषतः पंजाब — भी गंभीरता के साथ मिलकर काम करें। यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब राष्ट्रीय राजधानी हर सर्दियों में गंभीर वायु संकट झेलती है और अदालतें तथा नागरिक समाज पड़ोसी राज्यों से जवाबदेही की माँग करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वही पंजाब में सरकार चला रही है। असली सवाल यह है कि 1,007 घटनाओं के बावजूद भगवंत मान सरकार ने कोई ठोस प्रवर्तन कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई। दिल्ली में 219 'साफ दिनों' का दावा स्वागतयोग्य है, लेकिन AQI 60 का आँकड़ा अक्टूबर की शुरुआत का हो सकता है — नवंबर की पराली-चरम अवधि में यही पैमाना कितना टिकेगा, यह देखना बाकी है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनजिंदर सिंह सिरसा ने AAP पर क्या आरोप लगाए हैं?
दिल्ली पर्यावरण मंत्री सिरसा ने आरोप लगाया है कि AAP और अरविंद केजरीवाल दिल्ली की चुनावी हार का बदला राजधानी की जनता के स्वास्थ्य से ले रहे हैं। उनके अनुसार, पंजाब में AAP सरकार पराली जलाने पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर रही, जिससे दिल्ली की हवा खराब हो रही है।
पंजाब में इस सीजन पराली जलाने की कितनी घटनाएँ हुई हैं?
सिरसा द्वारा उद्धृत रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में इस सीजन अब तक पराली जलाने की 1,007 घटनाएँ दर्ज हुई हैं। इनमें से 672 मामले अकेले तरनतारन, अमृतसर और फिरोजपुर जिलों से हैं।
दिल्ली में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से 24 घंटे निगरानी शुरू की है। सरकार का दावा है कि इस वर्ष अब तक 219 दिन हवा साफ रही और AQI 60 तक पहुँचा।
केंद्र सरकार ने किसानों को पराली प्रबंधन के लिए क्या सुविधाएँ दी हैं?
केंद्र सरकार ने किसानों को हैप्पी सीडर, स्ट्रॉ कटर और अन्य आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए हैं ताकि फसल अवशेषों का वैज्ञानिक प्रबंधन हो सके। कई किसान अब पराली से आर्थिक लाभ उठाने के विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।
दिल्ली के वायु प्रदूषण में पंजाब की पराली की कितनी भूमिका है?
विशेषज्ञों और अनेक अध्ययनों के अनुसार सर्दियों के महीनों में पंजाब की पराली दिल्ली के वायु प्रदूषण में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता रही है। सिरसा के अनुसार, पंजाब में बढ़ती पराली घटनाओं का सीधा असर राजधानी की वायु गुणवत्ता पर पड़ता है, इसलिए पड़ोसी राज्यों का सहयोग अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
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