28 अक्टूबर 2026
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पंजाब में पराली जलाने की 717 घटनाएं, तरनतारन में सर्वाधिक 318 मामले; 24 एफआईआर दर्ज

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पंजाब में पराली जलाने की 717 घटनाएं, तरनतारन में सर्वाधिक 318 मामले; 24 एफआईआर दर्ज

सारांश

पंजाब में पराली जलाने की 717 घटनाएं सामने आ चुकी हैं और 24 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं — तरनतारन सबसे आगे है। धान की कटाई के मौसम में वायु प्रदूषण की चिंता फिर गहरा रही है, जबकि किसानों के लिए एक नई हेल्पलाइन भी शुरू की गई है।

मुख्य बातें

PPCB की रिपोर्ट के अनुसार 28 अक्टूबर 2026 तक पंजाब में पराली जलाने की कुल 717 घटनाएं दर्ज की गई हैं।
24 एफआईआर दर्ज की गई हैं; 664 स्थानों का निरीक्षण, 313 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि।
तरनतारन में सर्वाधिक 318 मामले ; ₹7.80 लाख जुर्माना लगाया गया, ₹2.65 लाख वसूल।
अमृतसर में 154 घटनाएं , ₹3.35 लाख जुर्माना, 186 चेतावनी नोटिस और 57 रेड एंट्री ।
सांझा मित्तर किसान सहायता केंद्र ने हेल्पलाइन +91 79737 27514 शुरू की, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक।

पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) की मंगलवार तक की जिलेवार रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में पराली जलाने की कुल 717 घटनाएं दर्ज की गई हैं और इनके संबंध में 24 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। धान की कटाई के मौसम के बीच पंजाब में वायु प्रदूषण की चिंताएं एक बार फिर गहरी हो गई हैं।

मुख्य घटनाक्रम

PPCB की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने 664 स्थानों का निरीक्षण किया, जिनमें से 313 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने बताया कि 'पंजाब में धान की कटाई के मौसम के बीच पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए मॉनिटरिंग और कार्रवाई जारी है।'

गौरतलब है कि पराली जलाने की यह समस्या हर साल अक्टूबर-नवंबर में उत्तर भारत के वायु गुणवत्ता सूचकांक को गंभीर स्तर तक पहुँचाती है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर दबाव बढ़ रहा है।

ज़िलेवार स्थिति

तरनतारन जिले में सबसे अधिक 318 मामले सामने आए। यहाँ 299 स्थानों का निरीक्षण किया गया और 152 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट के अनुसार, '152 मामलों में एनवायरनमेंटल कंपनसेशन लगाया गया; कुल ₹7.80 लाख का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से ₹2.65 लाख वसूल किए जा चुके हैं। इसके अलावा, 64 केस दर्ज किए गए और 152 खेतों के खिलाफ रेड एंट्री की गई।'

अमृतसर में 154 घटनाएं दर्ज की गईं। 150 स्थानों पर जांच के बाद 75 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई। 70 मामलों में पर्यावरण मुआवजा लगाया गया, जिससे कुल ₹3.35 लाख का जुर्माना लगाया गया — इनमें से ₹2.85 लाख वसूल हो चुके हैं। इस जिले में 24 एफआईआर दर्ज की गईं, 57 रेड एंट्री की गईं और 186 चेतावनी नोटिस जारी किए गए।

अन्य जिलों में फिरोजपुर में 42 घटनाएं (20 पुष्ट), गुरदासपुर में 47 घटनाएं (17 पुष्ट) और कपूरथला में 46 घटनाएं (15 पुष्ट) दर्ज की गई हैं।

सरकारी कार्रवाई और जुर्माना

PPCB की ओर से जुर्माना वसूली और रेड एंट्री की प्रक्रिया जारी है। रेड एंट्री का अर्थ है कि संबंधित किसान का सरकारी रिकॉर्ड में प्रतिकूल नोट दर्ज किया जाता है, जिससे भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित हो सकता है। आलोचकों का कहना है कि सिर्फ जुर्माने से समस्या का दीर्घकालिक समाधान नहीं होगा — जब तक किसानों को पराली प्रबंधन के सस्ते और व्यावहारिक विकल्प नहीं मिलते।

किसानों के लिए हेल्पलाइन

'क्लीन एयर पंजाब', 'एयरकेयर सेंटर' और 'सांझ पंजाब' की संयुक्त पहल — सांझा मित्तर किसान सहायता केंद्र — ने एक टेलीफोन हेल्पलाइन +91 79737 27514 शुरू की है। यह हेल्पलाइन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होती है और किसानों को पराली जलाने की बजाय उसके व्यावहारिक प्रबंधन के विकल्प सुझाती है।

आगे क्या

धान की कटाई का मौसम अभी जारी है और आने वाले हफ्तों में मामलों में और वृद्धि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। PPCB की निगरानी एवं कार्रवाई की प्रक्रिया लगातार चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए फसल अवशेष प्रबंधन की मशीनरी पर सब्सिडी और वैकल्पिक उपयोग की नीतियाँ अधिक प्रभावी होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यही एफआईआर और यही जुर्माने — फिर भी पराली का धुआं उत्तर भारत की हवा को जहरीला करता रहता है। असली सवाल यह है कि जब तक किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन की मशीनरी पर भारी सब्सिडी और बाज़ार-आधारित विकल्प नहीं मिलते, तब तक दंडात्मक कार्रवाई टिकाऊ समाधान नहीं बन सकती। ₹7.80 लाख का जुर्माना उस आर्थिक दबाव के सामने बेहद छोटा है जो किसान को पराली जलाने पर मजबूर करता है। हेल्पलाइन की पहल स्वागत योग्य है, लेकिन यह स्वैच्छिक और सीमित संसाधनों वाली है — नीतिगत बदलाव के बिना यह एक टेम्पलेट बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब में पराली जलाने की कितनी घटनाएं दर्ज हुई हैं?
PPCB की मंगलवार तक की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में पराली जलाने की कुल 717 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें से 664 स्थानों का निरीक्षण किया गया और 313 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई।
पराली जलाने पर पंजाब में कितना जुर्माना लगाया गया है?
तरनतारन जिले में ₹7.80 लाख और अमृतसर जिले में ₹3.35 लाख का जुर्माना लगाया गया है। तरनतारन में ₹2.65 लाख और अमृतसर में ₹2.85 लाख की वसूली हो चुकी है।
सबसे अधिक पराली जलाने के मामले किस जिले में हैं?
तरनतारन जिले में सबसे अधिक 318 मामले सामने आए हैं। यहाँ 299 स्थानों का निरीक्षण किया गया और 152 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई; इसके अलावा 64 केस दर्ज और 152 रेड एंट्री की गई।
किसानों के लिए पराली प्रबंधन की हेल्पलाइन क्या है?
सांझा मित्तर किसान सहायता केंद्र ने हेल्पलाइन नंबर +91 79737 27514 शुरू किया है, जो सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक काम करती है। यह पहल 'क्लीन एयर पंजाब', 'एयरकेयर सेंटर' और 'सांझ पंजाब' की संयुक्त पहल है।
रेड एंट्री का किसानों पर क्या असर होता है?
रेड एंट्री का अर्थ है संबंधित किसान के सरकारी रिकॉर्ड में प्रतिकूल नोट दर्ज करना। इससे भविष्य में सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने में बाधा आ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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