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सऊदी रिफाइनरी पर हूती मिसाइल हमले से ब्रेंट क्रूड 115.43 डॉलर पार, वैश्विक तेल आपूर्ति पर मंडराया संकट

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सऊदी रिफाइनरी पर हूती मिसाइल हमले से ब्रेंट क्रूड 115.43 डॉलर पार, वैश्विक तेल आपूर्ति पर मंडराया संकट

सारांश

हूती मिसाइल हमले की खबर से वैश्विक तेल बाजार एक बार फिर हिला — ब्रेंट 115 डॉलर पार, WTI 101 के ऊपर। सऊदी अरब ने हमले की पुष्टि नहीं की, लेकिन 5.5 लाख बैरल/दिन क्षमता वाली रिफाइनरी पर खतरे की आशंका ने बाजार को सतर्क कर दिया।

मुख्य बातें

हूती समूह के कथित मिसाइल हमले के बाद ब्रेंट क्रूड बुधवार को 115.43 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँचा — 1.36 प्रतिशत की उछाल।
WTI क्रूड भी 1.43 प्रतिशत चढ़कर 101.32 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
कथित हमले की चपेट में आई रिफाइनरी की क्षमता लगभग 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन बताई जाती है; सऊदी अधिकारियों ने अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की।
पिछले सप्ताह ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट टैंकरों पर हमले के बाद ब्रेंट 117 डॉलर तक पहुँचा था — अप्रैल के बाद का उच्चतम स्तर।
ओपेक+ की आगामी रविवार की बैठक में उत्पादन लक्ष्य अपरिवर्तित रहने का अनुमान; सऊदी अरब, रूस, इराक पहले से ही लक्ष्य से नीचे उत्पादन कर रहे हैं।
विश्लेषकों के अनुसार WTI के लिए 99-100 डॉलर प्रमुख समर्थन, 103-104 डॉलर निकटतम प्रतिरोध स्तर।

हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी पर कथित मिसाइल हमले के बाद 28 अक्टूबर 2026 को वैश्विक कच्चे तेल के बाजारों में तेज उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड का दिसंबर वायदा अनुबंध 1.55 डॉलर (1.36 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 115.43 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.43 प्रतिशत चढ़कर 101.32 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। यह बढ़त ऐसे समय आई जब एक दिन पहले ही कूटनीतिक प्रयासों की उम्मीद में कीमतें लगभग 2 डॉलर प्रति बैरल टूट चुकी थीं।

मुख्य घटनाक्रम

यमन के ईरान-समर्थित हूती समूह ने दावा किया है कि उसने सऊदी अरब की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी को मिसाइल से निशाना बनाया। हालाँकि सऊदी अधिकारियों ने इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रिपोर्टों के अनुसार, यह रिफाइनरी लगभग 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन की उत्पादन क्षमता रखती है — एक आँकड़ा जो वैश्विक बाजारों में आपूर्ति व्यवधान की आशंका पैदा करने के लिए काफी है।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट तेल टैंकरों पर हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड 117 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुँच गया था — जो अप्रैल के बाद का उच्चतम स्तर था। सोमवार को भी ब्रेंट ने कुछ समय के लिए 117 डॉलर का स्तर छुआ था।

भू-राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह तनाव उस दौर में और गहरा हो गया है जब पश्चिम एशिया में कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। हाल ही में तेहरान में सऊदी अरब, तुर्किये, पाकिस्तान और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच क्षेत्रीय तनाव घटाने पर बैठक हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार, सभी पक्षों ने शांति और सुरक्षा के मुद्दों पर संवाद जारी रखने पर सहमति जताई थी।

विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर दबाव लगातार बना हुआ है। संघर्ष शुरू होने से पहले वैश्विक ऊर्जा शिपमेंट का लगभग 20 प्रतिशत इसी मार्ग से गुजरता था, जिसके कारण यहाँ किसी भी अस्थिरता का असर समूचे ऊर्जा बाजार पर पड़ता है।

ओपेक+ और उत्पादन परिदृश्य

विशेषज्ञों का अनुमान है कि रविवार को होने वाली ओपेक+ की बैठक में दिसंबर के उत्पादन लक्ष्यों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। संगठन के प्रमुख उत्पादक देश — सऊदी अरब, रूस और इराक — पहले से ही निर्धारित लक्ष्यों से नीचे उत्पादन कर रहे हैं, जिससे किसी भी आपूर्ति व्यवधान का असर और तीखा हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल उत्पादक और सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश है। वहाँ आपूर्ति संबंधी कोई भी व्यवधान सीधे वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रभावित करता है।

तकनीकी विश्लेषण: प्रमुख स्तर

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, WTI क्रूड ने मंगलवार को 99-100 डॉलर प्रति बैरल के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर पर मजबूती दिखाई, जिसके बाद खरीदारी बढ़ी। निकटतम प्रतिरोध 103-104 डॉलर पर है, इसके ऊपर 106-107 डॉलर और फिर 108 डॉलर के स्तर महत्वपूर्ण रहेंगे। नीचे की ओर 99-100 डॉलर प्रमुख समर्थन है, जबकि 96-97 डॉलर अगला आधार क्षेत्र होगा।

आगे क्या होगा

विशेषज्ञों के अनुसार, निकट अवधि में तेल बाजार की दिशा कूटनीतिक प्रयासों और आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के बीच संतुलन पर निर्भर करेगी। यदि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो कीमतों में और उछाल आ सकता है। वहीं क्षेत्रीय स्थिति में सुधार होने पर बाजार को राहत मिल सकती है और कीमतें वापस नरम पड़ सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह विरोधाभास ही बाजार की असली चिंता है। होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक ऊर्जा शिपमेंट का 20 प्रतिशत गुजरता है — यदि यह मार्ग अवरुद्ध हुआ तो 115 डॉलर का आँकड़ा सिर्फ शुरुआत साबित हो सकता है। भारत के लिए यह स्थिति दोहरी चुनौती है: आयातित महँगाई का दबाव और चालू खाते का घाटा — दोनों एक साथ।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सऊदी रिफाइनरी पर हूती हमले के बाद ब्रेंट क्रूड कितना महँगा हुआ?
हूती हमले की खबर के बाद ब्रेंट क्रूड का दिसंबर वायदा 1.55 डॉलर यानी 1.36 प्रतिशत उछलकर 115.43 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया। WTI क्रूड भी 1.43 प्रतिशत बढ़कर 101.32 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
क्या सऊदी अरब ने रिफाइनरी पर हमले की पुष्टि की है?
नहीं, सऊदी अधिकारियों ने अब तक इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हूती समूह ने हमले का दावा किया है, लेकिन सऊदी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
होर्मुज जलडमरूमध्य एक संकरा समुद्री मार्ग है जिससे संघर्ष शुरू होने से पहले वैश्विक ऊर्जा शिपमेंट का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता था। इस मार्ग में किसी भी व्यवधान का सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ता है।
ओपेक+ की आगामी बैठक में क्या फैसला होने की उम्मीद है?
विशेषज्ञों के अनुसार रविवार की ओपेक+ बैठक में दिसंबर के उत्पादन लक्ष्यों में कोई बदलाव नहीं होने की संभावना है। सऊदी अरब, रूस और इराक समेत प्रमुख उत्पादक देश पहले से ही निर्धारित लक्ष्यों से नीचे उत्पादन कर रहे हैं।
WTI क्रूड के लिए तकनीकी विश्लेषकों ने कौन-से स्तर बताए हैं?
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार WTI क्रूड के लिए 99-100 डॉलर प्रमुख समर्थन स्तर है और 103-104 डॉलर निकटतम प्रतिरोध। इसके ऊपर 106-107 डॉलर और फिर 108 डॉलर के स्तर महत्वपूर्ण हैं, जबकि नीचे 96-97 डॉलर अगला आधार क्षेत्र होगा।
राष्ट्र प्रेस
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