13 जुलाई 2026
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अमेरिका-ईरान संघर्ष से कच्चे तेल में 3.5% उछाल, ब्रेंट $78.67 और यूएस क्रूड $73.87 पर पहुंचा

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अमेरिका-ईरान संघर्ष से कच्चे तेल में 3.5% उछाल, ब्रेंट $78.67 और यूएस क्रूड $73.87 पर पहुंचा

सारांश

अमेरिका-ईरान के बीच 24 घंटों में तीसरे हमले के बाद कच्चे तेल में 3.5% तक की उछाल आई। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या 130 से घटकर 22 रह गई — यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे बड़ा तत्काल खतरा है।

मुख्य बातें

यूएस क्रूड फ्यूचर्स 3.4% उछलकर $73.87 प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 3.5% बढ़कर $78.67 प्रति बैरल पर पहुंचा।
24 घंटों में तीसरी बार अमेरिका ने ईरान पर हमला किया; ईरान के लगभग 140 ठिकानों पर हमले की रिपोर्ट।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने का दावा किया, यूएस सेंट्रल कमांड ने खंडन किया।
युद्ध-पूर्व प्रतिदिन 130+ जहाजों की तुलना में गुरुवार को केवल 22 जहाज होर्मुज से गुजरे।
कुवैत की तीन बॉर्डर पोस्ट और एक ऑयल प्लेटफॉर्म क्षतिग्रस्त, एक कर्मचारी घायल ।
ब्रेंट की कीमत युद्ध-पूर्व स्तर से लगभग 9% अधिक।

अमेरिका-ईरान संघर्ष के नए दौर ने वैश्विक तेल बाज़ार को हिला दिया है। 13 जुलाई को दोनों देशों के बीच ताज़ा हमलों के बाद यूएस क्रूड फ्यूचर्स 3.4% उछलकर $73.87 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 3.5% की बढ़त के साथ $78.67 प्रति बैरल तक पहुंच गया। होर्मुज जलडमरूमध्य — जो वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे संवेदनशील गलियारा है — में रुकावट की आशंका ने बाज़ार में भारी हलचल मचा दी।

मुख्य घटनाक्रम

यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि शाम 5 बजे ईटी पर अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ नए हमले शुरू किए। कमांड के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला करने की ईरान की सैन्य क्षमता को कमज़ोर करना था। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, यह 24 घंटों में तीसरी बार था जब अमेरिका ने ईरान पर हमला किया। पहले के हमलों में जलमार्ग के आसपास ईरानी मिसाइल प्रणाली, एयर-डिफेंस तंत्र, छोटी नावें, रडार और हथियारों के भंडारण ठिकानों को निशाना बनाया गया था।

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरानी सेनाओं ने कमर्शियल जहाजों पर गोलीबारी की। यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस ने बताया कि अमेरिकी विमानों ने एक ईरानी क्रूज मिसाइल और एक वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराया।

होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति

ईरान ने दावा किया कि जलडमरूमध्य को अगली सूचना तक बंद कर दिया गया है। हालाँकि, यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा, "ईरान का जलडमरूमध्य पर नियंत्रण नहीं है। ट्रैफिक चल रहा है।"

मैरीटाइम इंटेलिजेंस फर्म विंडवर्ड ने शनिवार को जलडमरूमध्य से केवल 9 जहाजों को गुजरते ट्रैक किया। तुलना के लिए, युद्ध से पहले प्रतिदिन 130 से अधिक जहाज होर्मुज का उपयोग करते थे, लेकिन गुरुवार को यह संख्या घटकर मात्र 22 रह गई। जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर ने बताया कि ओमान के जलक्षेत्र से होकर जाने वाला दक्षिणी मार्ग खुला रहा, लेकिन नाविकों को "अत्यधिक सावधानी" बरतने की सलाह दी गई।

मैरीटाइम डेटा कंपनी की मिडिल ईस्ट रिसर्च प्रमुख अमेना बक्र ने कहा, "वह भरोसा बहुत तेजी से खत्म हो गया। हम फिर से वहीं पहुंच गए हैं, जहां से शुरू किया था।"

ईरान की जवाबी कार्रवाई और क्षेत्रीय असर

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने रात भर चले हमलों में ईरान के लगभग 140 ठिकानों पर हमला किया। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। कुवैत ने बताया कि इन हमलों में उसकी तीन बॉर्डर पोस्ट और समुद्र में बने एक ऑयल प्लेटफॉर्म को नुकसान पहुंचा, जिससे एक कर्मचारी घायल हो गया।

तेल बाज़ार पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पहले से ही आपूर्ति की अनिश्चितता से जूझ रहे हैं। ब्रेंट की कीमत युद्ध-पूर्व स्तर की तुलना में लगभग 9% अधिक बताई गई। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, और किसी भी रुकावट का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों पर पड़ता है। यदि यह तनाव जारी रहा, तो भारत समेत तेल आयात पर निर्भर देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव और बढ़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी से पूरा करते हैं, यह संकट व्यापार घाटे और मुद्रास्फीति दोनों पर असर डाल सकता है। मुख्यधारा की कवरेज हमलों की गिनती पर केंद्रित है, लेकिन असली खतरा शिपिंग बीमा दरों में उछाल और वैकल्पिक मार्गों की सीमित क्षमता में छिपा है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका-ईरान संघर्ष से तेल की कीमतें क्यों बढ़ीं?
दोनों देशों के बीच ताज़ा हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट की आशंका बढ़ गई, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर खतरा मंडराने लगा। इस आशंका के चलते यूएस क्रूड 3.4% और ब्रेंट क्रूड 3.5% तक उछल गए।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों इतना महत्वपूर्ण है?
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे संवेदनशील समुद्री गलियारा है, जिससे प्रतिदिन 130 से अधिक जहाज गुजरते थे। संघर्ष के कारण यह संख्या गुरुवार को घटकर मात्र 22 रह गई, जो वैश्विक ऊर्जा बाज़ार के लिए गंभीर संकेत है।
क्या होर्मुज जलडमरूमध्य वास्तव में बंद हो गया है?
ईरान ने जलडमरूमध्य बंद करने का दावा किया, लेकिन यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने इसका खंडन करते हुए कहा कि जहाज कानूनी रूप से आवाजाही जारी रख सकते हैं। जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर ने ओमान के जलक्षेत्र से होकर जाने वाले दक्षिणी मार्ग को खुला बताया, हालाँकि नाविकों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
अमेरिका ने ईरान के कितने ठिकानों पर हमला किया?
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने रात भर चले हमलों में ईरान के लगभग 140 ठिकानों पर हमला किया। इनमें ईरानी मिसाइल प्रणाली, एयर-डिफेंस तंत्र, छोटी नावें, रडार और हथियारों के भंडारण स्थल शामिल थे।
इस संघर्ष का भारत पर क्या असर पड़ सकता है?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में यह उछाल व्यापार घाटे और घरेलू ईंधन कीमतों पर सीधा दबाव डाल सकता है। यदि संघर्ष लंबा खिंचा, तो मुद्रास्फीति पर भी असर पड़ने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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