अमेरिका-ईरान संघर्ष से कच्चे तेल में 3.5% उछाल, ब्रेंट $78.67 और यूएस क्रूड $73.87 पर पहुंचा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका-ईरान संघर्ष के नए दौर ने वैश्विक तेल बाज़ार को हिला दिया है। 13 जुलाई को दोनों देशों के बीच ताज़ा हमलों के बाद यूएस क्रूड फ्यूचर्स 3.4% उछलकर $73.87 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 3.5% की बढ़त के साथ $78.67 प्रति बैरल तक पहुंच गया। होर्मुज जलडमरूमध्य — जो वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे संवेदनशील गलियारा है — में रुकावट की आशंका ने बाज़ार में भारी हलचल मचा दी।
मुख्य घटनाक्रम
यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि शाम 5 बजे ईटी पर अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ नए हमले शुरू किए। कमांड के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला करने की ईरान की सैन्य क्षमता को कमज़ोर करना था। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, यह 24 घंटों में तीसरी बार था जब अमेरिका ने ईरान पर हमला किया। पहले के हमलों में जलमार्ग के आसपास ईरानी मिसाइल प्रणाली, एयर-डिफेंस तंत्र, छोटी नावें, रडार और हथियारों के भंडारण ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरानी सेनाओं ने कमर्शियल जहाजों पर गोलीबारी की। यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस ने बताया कि अमेरिकी विमानों ने एक ईरानी क्रूज मिसाइल और एक वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराया।
होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति
ईरान ने दावा किया कि जलडमरूमध्य को अगली सूचना तक बंद कर दिया गया है। हालाँकि, यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा, "ईरान का जलडमरूमध्य पर नियंत्रण नहीं है। ट्रैफिक चल रहा है।"
मैरीटाइम इंटेलिजेंस फर्म विंडवर्ड ने शनिवार को जलडमरूमध्य से केवल 9 जहाजों को गुजरते ट्रैक किया। तुलना के लिए, युद्ध से पहले प्रतिदिन 130 से अधिक जहाज होर्मुज का उपयोग करते थे, लेकिन गुरुवार को यह संख्या घटकर मात्र 22 रह गई। जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर ने बताया कि ओमान के जलक्षेत्र से होकर जाने वाला दक्षिणी मार्ग खुला रहा, लेकिन नाविकों को "अत्यधिक सावधानी" बरतने की सलाह दी गई।
मैरीटाइम डेटा कंपनी की मिडिल ईस्ट रिसर्च प्रमुख अमेना बक्र ने कहा, "वह भरोसा बहुत तेजी से खत्म हो गया। हम फिर से वहीं पहुंच गए हैं, जहां से शुरू किया था।"
ईरान की जवाबी कार्रवाई और क्षेत्रीय असर
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने रात भर चले हमलों में ईरान के लगभग 140 ठिकानों पर हमला किया। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। कुवैत ने बताया कि इन हमलों में उसकी तीन बॉर्डर पोस्ट और समुद्र में बने एक ऑयल प्लेटफॉर्म को नुकसान पहुंचा, जिससे एक कर्मचारी घायल हो गया।
तेल बाज़ार पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पहले से ही आपूर्ति की अनिश्चितता से जूझ रहे हैं। ब्रेंट की कीमत युद्ध-पूर्व स्तर की तुलना में लगभग 9% अधिक बताई गई। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, और किसी भी रुकावट का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों पर पड़ता है। यदि यह तनाव जारी रहा, तो भारत समेत तेल आयात पर निर्भर देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव और बढ़ सकता है।