दीपावली 2026: जयपुर में पटाखों की दुकानों पर उमड़ी भीड़, लेडीज काउंटर और 20 घंटे काम
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर में दीपावली 2026 से एक दिन पहले 6 नवंबर को पटाखों की दुकानों पर सुबह से ही भारी भीड़ देखी गई, जहाँ बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी अपनी पसंद के पटाखे खरीदने पहुँचे। राजस्थान के कारोबारियों और दुकानदारों ने बताया कि इस बार त्योहार का उत्साह पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक दिख रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
राजस्थान के व्यवसायी अंकुर शर्मा ने बताया कि पटाखों की माँग को पूरा करने के लिए उनकी पूरी टीम लगातार 18 से 20 घंटे काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 5 नवंबर की रात चार बजे तक उनका स्टाफ, अधिकारी और कॉर्पोरेट कर्मचारी काम में लगे रहे, ताकि ग्राहकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
भीड़ को देखते हुए दुकान पर महिलाओं के लिए अलग लेडीज काउंटर भी बनाया गया है, जिससे महिला खरीदारों को लंबी प्रतीक्षा से राहत मिल सके। शर्मा ने बताया कि सभी ग्राहकों को पटाखे मिल सकें, इसके लिए फिलहाल सीमित मात्रा में पटाखे प्रति ग्राहक दिए जा रहे हैं, ताकि कोई भी खाली हाथ न लौटे।
कीमतों को लेकर भ्रांति का खंडन
अंकुर शर्मा ने कीमतों को लेकर फैली भ्रांति पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि पटाखों की कीमत में जीएसटी पहले से शामिल है और इसे अलग से नहीं वसूला जा रहा है। उनके अनुसार, कुछ लोगों को लगता है कि दुकानदार अधिक दाम ले रहे हैं, परंतु ऐसा नहीं है।
शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि 2024 के पुराने माल और 2025 के नए माल की एमआरपी अलग-अलग होती है। पुराना माल अपेक्षाकृत सस्ता हो सकता है, जबकि उनके यहाँ उपलब्ध माल नई एमआरपी पर आया है।
सुरक्षित दीपावली की अपील
अंकुर शर्मा ने खरीदारों से अपील की कि वे केवल अच्छी गुणवत्ता के पटाखे ही खरीदें और त्योहार को सुरक्षित तरीके से मनाएँ। उन्होंने कहा कि आम जनता बेहद समझदार है और वह सुरक्षा को प्राथमिकता देगी।
आम जनता पर असर
दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर पटाखों की भारी माँग का असर पूरे जयपुर के बाज़ारों पर दिखा। यह ऐसे समय में आया है जब शहर में उत्सव की रौनक पहले से ही चरम पर है और बाज़ारों में मिठाई, दीये, और सजावट के सामान की बिक्री भी जोरों पर है। आगे के दिनों में भी भीड़ बनी रहने की संभावना है।