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चुनाव आयोग पर झूठे आरोप उचित नहीं: मध्य प्रदेश मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा का बड़ा बयान

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चुनाव आयोग पर झूठे आरोप उचित नहीं: मध्य प्रदेश मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा का बड़ा बयान

सारांश

मध्य प्रदेश मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने ग्वालियर में चुनाव आयोग पर विपक्षी आरोपों को झूठा और अनुचित बताया, वहीं हरदीप पुरी के राज्यसभा में निर्विरोध निर्वाचन का स्वागत किया। एसआईआर विवाद पर सत्ता और विपक्ष की खाई गहरी होती दिख रही है।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने 6 नवंबर 2026 को ग्वालियर में चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को 'उचित नहीं' बताया।
हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए; अन्य उम्मीदवारों के नामांकन नाम वापसी की तिथि पर खारिज।
मुरुगन के इस्तीफे से रिक्त हुई सीट पर 5 नवंबर 2026 को आधिकारिक घोषणा।
निर्वाचन प्रमाण-पत्र BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने ग्रहण किया।
राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक ने रामलीला मैदान, दिल्ली में एसआईआर के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया।

मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने 6 नवंबर 2026 को ग्वालियर में पत्रकारों से बातचीत में चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज किया और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को पूरी तरह उचित ठहराया। उन्होंने यह भी कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे आरोप लगाना लोकतंत्र के हित में नहीं है।

हरदीप पुरी की राज्यसभा जीत पर बधाई

कुशवाहा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित होने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा, 'हरदीप सिंह पुरी राज्यसभा के सांसद निर्वाचित हुए हैं। इसके लिए उनको बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं। भाजपा का भी आभार व्यक्त करता हूं क्योंकि, मध्य प्रदेश से ये राज्यसभा सांसद चुने गए हैं।' कुशवाहा ने पुरी को वरिष्ठ और अनुभवी नेता बताते हुए कहा कि उनका निर्वाचन राज्य के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

कैसे हुई निर्विरोध जीत

पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद यह राज्यसभा सीट रिक्त हुई थी। 5 नवंबर 2026 को नाम वापसी की अंतिम तिथि पर रिटर्निंग अधिकारी ने हरदीप पुरी की निर्विरोध जीत की आधिकारिक घोषणा की। अन्य उम्मीदवारों के नामांकन पत्र जाँच के दौरान खारिज हो जाने से वे एकमात्र वैध उम्मीदवार बचे। उनका निर्वाचन प्रमाण-पत्र मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने ग्रहण किया।

एसआईआर विवाद और मंत्री का बचाव

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच टकराव तेज हो गया है। कुशवाहा ने ग्वालियर में स्पष्ट कहा, 'चुनाव आयोग और अन्य संस्थाओं पर झूठे आरोप लगाना उचित नहीं है। एसआईआर की प्रक्रिया अतीत में भी की गई है, जिसमें कांग्रेस शासन भी शामिल है।' उन्होंने बताया कि इस कवायद में मृत व्यक्तियों के नाम हटाना और एक से अधिक जगह पंजीकृत मतदाताओं की डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ समाप्त करना शामिल था।

विपक्ष का रामलीला मैदान पर प्रदर्शन

गौरतलब है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया। विपक्ष ने इसे चुनाव प्रक्रिया की ईमानदारी बहाल करने की लड़ाई बताया। यह ऐसे समय में आया है जब एसआईआर के तहत मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर बदलाव को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

आगे की राजनीतिक दिशा

कुशवाहा के बयान से स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) चुनाव आयोग के बचाव में आक्रामक मुद्रा अपना रही है। विपक्षी दबाव और सत्तापक्ष की जवाबी प्रतिक्रिया के बीच एसआईआर का विवाद आने वाले दिनों में और भी राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जवाबदेही से बचने का तरीका भी है। असली सवाल यह है कि जब एसआईआर पहले भी होती रही है, तो इस बार विपक्ष इतना मुखर क्यों है — और क्या डिलीशन के आँकड़े पिछले दौरों से असाधारण रूप से अलग हैं। मुख्यधारा की कवरेज बयानबाज़ी पर टिकी है, जबकि ज़रूरत है कि नामांकन खारिज होने के कारणों और मतदाता सूची में कटौती के वास्तविक आँकड़ों की स्वतंत्र जाँच हो।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नारायण सिंह कुशवाहा ने चुनाव आयोग के बारे में क्या कहा?
मध्य प्रदेश मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने 6 नवंबर 2026 को ग्वालियर में कहा कि चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को सही ठहराते हुए कहा कि यह कांग्रेस शासन के दौरान भी होती रही है।
हरदीप सिंह पुरी राज्यसभा के लिए कैसे निर्विरोध चुने गए?
नाम वापसी की अंतिम तिथि 5 नवंबर 2026 को अन्य उम्मीदवारों के नामांकन पत्र जाँच में खारिज हो गए, जिससे हरदीप सिंह पुरी एकमात्र वैध उम्मीदवार बचे। रिटर्निंग अधिकारी ने उसी दिन उनकी निर्विरोध जीत की घोषणा की।
एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) विवाद क्या है?
चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने की एसआईआर प्रक्रिया के तहत मृत व्यक्तियों के नाम हटाए गए और डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ समाप्त की गईं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि सरकार और BJP इसे नियमित और पारदर्शी प्रक्रिया बताती है।
इंडिया ब्लॉक ने रामलीला मैदान पर प्रदर्शन क्यों किया?
राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक ने दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन किया, जिसे विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया की ईमानदारी बहाल करने की लड़ाई बताया। यह प्रदर्शन एसआईआर के तहत मतदाता सूचियों में बदलाव को लेकर बढ़ते विरोध की पृष्ठभूमि में हुआ।
एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट क्यों खाली हुई?
पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश की यह राज्यसभा सीट रिक्त हो गई थी। इस सीट के लिए उपचुनाव में हरदीप सिंह पुरी को BJP ने अपना उम्मीदवार बनाया और वे निर्विरोध निर्वाचित हुए।
राष्ट्र प्रेस
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