6 नवंबर 2026
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गुजरात हाईकोर्ट और सीएम ऑफिस को बम धमकी, गांधीनगर सचिवालय में कड़ी सुरक्षा

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गुजरात हाईकोर्ट और सीएम ऑफिस को बम धमकी, गांधीनगर सचिवालय में कड़ी सुरक्षा

सारांश

एक ही दिन में गुजरात उच्च न्यायालय और मुख्यमंत्री कार्यालय — दोनों को ईमेल से बम धमकी। यह राज्य में 3 नवंबर से शुरू हुई धमकियों की श्रृंखला की ताज़ा कड़ी है। गांधीनगर सचिवालय में बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड तैनात, जाँच जारी।

मुख्य बातें

गुजरात उच्च न्यायालय और मुख्यमंत्री कार्यालय को 6 नवंबर 2026 को ईमेल के ज़रिए बम धमकी मिली।
गांधीनगर के न्यू सेक्रेटेरिएट परिसर में बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने तलाशी ली।
3 नवंबर 2026 को डीजीपी कार्यालय को भी धमकी मिली थी; साबरमती सेंट्रल जेल , मेहसाणा और पाटन में जाँच हुई थी, कुछ नहीं मिला।
परिसर के प्रवेश-निकास द्वारों पर सघन जाँच और अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात।
डिजिटल फोरेंसिक के ज़रिए ईमेल प्रेषक की पहचान की जाँच जारी।

गुजरात उच्च न्यायालय और मुख्यमंत्री कार्यालय को 6 नवंबर 2026 को ईमेल के ज़रिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद गांधीनगर स्थित न्यू सेक्रेटेरिएट परिसर में सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया। धमकी को गंभीरता से लेते हुए बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड को तत्काल परिसर में तैनात किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

पहले गुजरात उच्च न्यायालय को बम धमकी वाला ईमेल प्राप्त हुआ, और उसके कुछ ही घंटों बाद एक अलग ईमेल में मुख्यमंत्री कार्यालय को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। दोनों धमकियाँ एक ही दिन आने से सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हो गईं और राज्यभर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया।

बम निरोधक दस्ते ने न्यू सेक्रेटेरिएट के विभिन्न ब्लॉकों और संवेदनशील स्थानों पर गहन तलाशी ली। डॉग स्क्वॉड ने अलग-अलग कक्षों और गलियारों की जाँच की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं कोई संदिग्ध विस्फोटक सामग्री न हो।

सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव

परिसर के प्रवेश और निकास द्वारों पर पुलिस ने सघन जाँच शुरू कर दी। अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई और आने-जाने वाले सभी लोगों की एहतियाती जाँच बढ़ा दी गई।

मुख्यमंत्री कार्यालय के आसपास सुरक्षा घेरा और मज़बूत किया गया। सचिवालय के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों को भी प्राथमिकता के आधार पर जाँच के दायरे में लिया गया।

पिछले कुछ दिनों का पैटर्न

गौरतलब है कि यह धमकी उस समय आई है जब पिछले कुछ दिनों में गुजरात के कई सरकारी संस्थानों को ऐसे ही ईमेल प्राप्त हो चुके हैं। 3 नवंबर 2026 को गांधीनगर स्थित पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय को एक ईमेल मिला था, जिसमें राज्य के सरकारी दफ्तरों, एक मंदिर और जेलों पर हमले की धमकी दी गई थी।

उस धमकी के बाद अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल सहित मेहसाणा और पाटन के सरकारी संस्थानों में सुरक्षा जाँच की गई थी। हालाँकि, उस तलाशी के दौरान कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी।

जाँच की दिशा

धमकी भरा ईमेल भेजने वाले व्यक्ति और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए जाँच एजेंसियाँ सक्रिय हो गई हैं। डिजिटल फोरेंसिक के ज़रिए ईमेल के मूल स्रोत, आईपी एड्रेस और प्रेषक की पहचान की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल ईमेल की सामग्री और इसे भेजने वाले की पहचान के बारे में अधिकारियों ने कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

आगे क्या

लगातार मिल रही इन धमकियों के मद्देनज़र सुरक्षा एजेंसियाँ राज्यभर के संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा समीक्षा कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ईमेल प्रेषक की पहचान नहीं हो जाती, तब तक सतर्कता का यह स्तर बनाए रखा जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

सीएम ऑफिस और डीजीपी दफ्तर सहित कई संस्थानों को बम धमकी मिलना महज़ इत्तफ़ाक नहीं लगता — यह एक सुनियोजित पैटर्न की ओर संकेत करता है। असली सवाल यह है कि क्या ये धमकियाँ किसी एकल स्रोत से आ रही हैं या एक नकलची प्रवृत्ति बन रही है। हर बार तलाशी और हाई अलर्ट से संसाधनों पर भारी दबाव पड़ता है, और इसका उद्देश्य ही शायद यही है — असली हमले के बिना प्रशासन को अस्त-व्यस्त करना। डिजिटल स्रोत की जल्द पहचान और सख्त कानूनी कार्रवाई ही इस 'धमकी अर्थव्यवस्था' को रोकने का एकमात्र प्रभावी जवाब है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात हाईकोर्ट और सीएम ऑफिस को बम धमकी कब और कैसे मिली?
6 नवंबर 2026 को ईमेल के ज़रिए पहले गुजरात उच्च न्यायालय और फिर कुछ घंटों बाद मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली। दोनों धमकियाँ अलग-अलग ईमेल के माध्यम से भेजी गईं।
धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने क्या कदम उठाए?
बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड को गांधीनगर के न्यू सेक्रेटेरिएट परिसर में तैनात किया गया। परिसर के सभी ब्लॉकों की गहन तलाशी ली गई और प्रवेश-निकास द्वारों पर सघन जाँच लागू कर दी गई।
क्या इससे पहले भी गुजरात में इस तरह की धमकियाँ मिली हैं?
हाँ, 3 नवंबर 2026 को गांधीनगर स्थित डीजीपी कार्यालय को एक ईमेल मिला था जिसमें सरकारी दफ्तरों, एक मंदिर और जेलों को निशाना बनाने की धमकी दी गई थी। उसके बाद साबरमती सेंट्रल जेल, मेहसाणा और पाटन में तलाशी हुई थी, लेकिन कहीं कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
ईमेल भेजने वाले का पता कैसे लगाया जा रहा है?
जाँच एजेंसियाँ ईमेल के डिजिटल रिकॉर्ड और आईपी एड्रेस की जाँच कर रही हैं। फिलहाल प्रेषक की पहचान या ईमेल की सामग्री के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
इन धमकियों का आम नागरिकों और सरकारी कामकाज पर क्या असर पड़ा?
सचिवालय में आने-जाने वाले सभी लोगों की एहतियाती जाँच बढ़ाई गई और अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए। लगातार मिल रही धमकियों के कारण राज्यभर के संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा समीक्षा जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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