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गुजरात: CMO, AMC मुख्यालय और RSS कार्यालय को बम धमकी के ईमेल, हाई-अलर्ट जारी

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गुजरात: CMO, AMC मुख्यालय और RSS कार्यालय को बम धमकी के ईमेल, हाई-अलर्ट जारी

सारांश

गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय, AMC मुख्यालय और RSS कार्यालय को एक ही दिन बम धमकी के ईमेल मिले — जिनमें खालिस्तान और ऑपरेशन ब्लू स्टार का उल्लेख था। AMC परिसर खाली कराया गया, बम निरोधक दस्ता तैनात हुआ और साइबर टीम आईपी ट्रेसिंग में जुट गई।

मुख्य बातें

10 जून को गांधीनगर CMO , अहमदाबाद AMC मुख्यालय और RSS कार्यालय को बम धमकी वाले ईमेल मिले।
ईमेल में दोपहर 1:11 बजे विस्फोट की चेतावनी थी; सामग्री में खालिस्तान , ऑपरेशन ब्लू स्टार और ऑपरेशन वुडरोज का जिक्र।
धमकी मिलते ही बम निरोधक दस्ता , पुलिस और डॉग स्क्वॉड तैनात; AMC मुख्यालय खाली कराया गया।
राज्य मंत्री प्रवीण माली ने पुष्टि की — एकाधिक ईमेल मिले, मिलीभगत की आशंका।
साइबर टीम ईमेल आईडी और आईपी एड्रेस की तकनीकी जांच कर रही है।

गांधीनगर में बुधवार, 10 जून को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को बम धमकी वाला ईमेल मिलने के बाद पूरे गुजरात में हाई-लेवल सुरक्षा अलर्ट लागू कर दिया गया। इसके साथ ही अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) के मुख्यालय और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय को भी इसी प्रकार के धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए, जिसके बाद पुलिस और साइबर अपराध की विशेष टीमों ने तत्काल जांच शुरू कर दी।

धमकी की प्रकृति और सामग्री

CMO को भेजे गए ईमेल में दोपहर 1:11 बजे बम विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। अहमदाबाद के दानापीठ स्थित AMC मुख्यालय और RSS कार्यालय को भेजे गए ईमेल में भी विस्फोट के लिए विशेष समय का उल्लेख किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, ये सभी संदेश अलग-अलग ईमेल आईडी से भेजे गए थे। ईमेल की सामग्री में खालिस्तान, ऑपरेशन ब्लू स्टार और ऑपरेशन वुडरोज का भी उल्लेख था।

सुरक्षा प्रतिक्रिया और तलाशी अभियान

धमकी मिलते ही प्रभावित स्थलों पर पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड तैनात कर दिए गए। एहतियात के तौर पर दानापीठ स्थित AMC मुख्यालय को खाली कराया गया और सुरक्षाकर्मियों ने पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। गांधीनगर और अहमदाबाद के सरकारी दफ्तरों, सार्वजनिक संस्थानों और अन्य संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था तत्काल प्रभाव से कड़ी कर दी गई।

सरकार की प्रतिक्रिया

राज्य मंत्री प्रवीण माली ने पुष्टि की कि सचिवालय में CMO को धमकी भरा ईमेल मिलने के तुरंत बाद अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी थी। माली ने कहा, 'ऐसे कई ईमेल मिले हैं। ऐसा लगता है कि यह कुछ लोगों की मिलीभगत से किया गया काम है। कुछ लोग शांति बर्दाश्त नहीं कर सकते।' अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भले ही अतीत में ऐसे कई ईमेल झूठे साबित हुए हों, फिर भी इन धमकियों को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है।

जांच की दिशा

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और साइबर अपराध की विशेष टीमों ने संदिग्ध ईमेल अकाउंट और आईपी एड्रेस की तकनीकी निगरानी शुरू कर दी है। जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह किसी सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा है और इसमें एक से अधिक लोगों की संलिप्तता है। सूत्रों के अनुसार, सरकारी दफ्तरों को इससे पहले भी बम धमकी वाले ईमेल मिल चुके हैं, जो बाद में निराधार पाए गए थे। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि निगरानी बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नागरिक प्रशासनिक और वैचारिक — को निशाना बनाना महज संयोग नहीं लगता। ईमेल में खालिस्तान और ऑपरेशन ब्लू स्टार का उल्लेख इसे सांप्रदायिक उकसावे का रंग देता है, जो जांच को और जटिल बनाता है। गौरतलब है कि देशभर में सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और हवाई अड्डों को इस तरह की 'होक्स' धमकियाँ मिलने की घटनाएँ पिछले दो वर्षों में तेज़ी से बढ़ी हैं — और अधिकांश झूठी साबित हुई हैं। असली सवाल यह है कि क्या मौजूदा साइबर कानून ऐसे अपराधियों को पर्याप्त दंड दे पाते हैं, या धमकी भेजना अभी भी 'कम जोखिम, अधिक असर' वाला हथियार बना हुआ है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात CMO को बम धमकी का ईमेल कब और कैसे मिला?
10 जून को गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय को एक ईमेल मिला जिसमें दोपहर 1:11 बजे बम विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। इसी दिन AMC मुख्यालय और RSS कार्यालय को भी अलग-अलग ईमेल आईडी से इसी तरह के संदेश भेजे गए।
धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने क्या कदम उठाए?
AMC मुख्यालय को तत्काल खाली कराया गया और बम निरोधक दस्ता, पुलिस व डॉग स्क्वॉड तैनात किए गए। गांधीनगर और अहमदाबाद के सभी संवेदनशील सरकारी दफ्तरों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
ईमेल में खालिस्तान और ऑपरेशन ब्लू स्टार का उल्लेख क्यों था?
अधिकारियों के अनुसार धमकी भरे ईमेल में खालिस्तान, ऑपरेशन ब्लू स्टार और ऑपरेशन वुडरोज का जिक्र था। जांचकर्ता इस संदर्भ की भी जांच कर रहे हैं, हालांकि अभी तक किसी संगठन या व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई है।
राज्य सरकार ने इस मामले पर क्या कहा?
राज्य मंत्री प्रवीण माली ने पुष्टि की कि CMO को धमकी भरा ईमेल मिला है और जांच तुरंत शुरू कर दी गई। उन्होंने कहा कि एकाधिक ईमेल मिले हैं और यह कुछ लोगों की मिलीभगत का नतीजा लग रहा है।
क्या इससे पहले भी गुजरात में ऐसी धमकियाँ मिली हैं?
सूत्रों के अनुसार सरकारी दफ्तरों को पहले भी बम धमकी वाले ईमेल मिल चुके हैं, जो जांच के बाद झूठे पाए गए थे। अधिकारियों ने कहा कि पिछले अनुभवों के बावजूद इस बार की धमकियों को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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