मसूरी नगर पालिका को बम से उड़ाने की धमकी: खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से ई-मेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के पर्यटन नगर मसूरी में 23 जून को उस समय हड़कंप मच गया जब नगर पालिका परिषद मसूरी और एसडीएम कार्यालय को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ। कथित तौर पर खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजे गए इस संदेश में मसूरी के नगर पालिका कार्यालय सहित उत्तराखंड और दिल्ली के कई महत्वपूर्ण स्थलों पर बम विस्फोट की धमकी दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और खुफिया एजेंसियां तत्काल सक्रिय हो गईं।
मुख्य घटनाक्रम
धमकी की जानकारी मिलते ही नगर पालिका परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल सख्त कर दिया गया। संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है, जो ई-मेल के आईपी एड्रेस, सर्वर विवरण और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
मसूरी कोतवाल देवेंद्र चौहान ने बताया कि धमकी भरे ई-मेल की सत्यता और उसके स्रोत की जांच की जा रही है। ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति या संगठन की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस आईपी एड्रेस, सर्वर डिटेल और अन्य डिजिटल माध्यमों की जांच कर रही है।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल स्थिति सामान्य है, परंतु सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं।
पूर्व की धमकियों से संबंध
यह ऐसे समय में आया है जब बीते कुछ महीनों में देश के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह की धमकियों का सिलसिला देखा गया है। 21 मई को चंडीगढ़ के कुछ स्कूलों और हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय को ई-मेल के जरिए बम धमाके की धमकी दी गई थी। उस ई-मेल में चंडीगढ़ के स्कूलों में दोपहर 1.11 बजे और हरियाणा सीएम कार्यालय में दोपहर 3.11 बजे बम विस्फोट की धमकी थी।
उस ई-मेल में लिखा था, 'खालिस्तान वाले बच्चियों के खिलाफ नहीं है। अपने बच्चे बचाओ।' हरियाणा सीएम कार्यालय को भेजे संदेश में जून 1984 के दरबार साहिब ऑपरेशन का हवाला देते हुए बदले की भाषा इस्तेमाल की गई थी। इसके अलावा, दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक पर 6 जून तक लगातार आईईडी धमाके की धमकी भी दी गई थी।
आम जनता पर असर
मसूरी एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और इस तरह की धमकी से पर्यटकों और स्थानीय निवासियों में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। गौरतलब है कि इस मौसम में मसूरी में पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती और बढ़ जाती है।
क्या होगा आगे
जांच एजेंसियों पर अब यह स्पष्ट करने का दबाव है कि यह धमकी महज एक शरारत है या इसके पीछे कोई संगठित साजिश है। साइबर सेल की जांच के नतीजे इस मामले की दिशा तय करेंगे। सुरक्षा बलों की बढ़ी हुई तैनाती तब तक जारी रहने की संभावना है जब तक ई-मेल के स्रोत की पुष्टि नहीं हो जाती।