23 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ईरानी विदेश मंत्री अराघची का फ्रांस पर हमला: मानवाधिकारों में दोहरे मापदंड का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ईरानी विदेश मंत्री अराघची का फ्रांस पर हमला: मानवाधिकारों में दोहरे मापदंड का आरोप

सारांश

संयुक्त राष्ट्र की बैठक के इतर ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने फ्रांस पर मानवाधिकारों में दोहरे मापदंड का आरोप लगाया और हस्तक्षेपवादी रुख की खुलकर निंदा की। दोनों देशों के बीच होर्मुज़ स्ट्रेट, परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई पर गहरा मतभेद सामने आया।

मुख्य बातें

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 23 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में फ्रांसीसी विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो से UNGA के 81वें सत्र के इतर मुलाकात की।
अराघची ने फ्रांस पर मानवाधिकारों में 'दोहरे मापदंड' अपनाने और ईरान के प्रति 'हस्तक्षेपवादी' रुख का आरोप लगाया।
ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका और इज़रायल की सैन्य कार्रवाई पर फ्रांस की चुप्पी को 'अस्वीकार्य' बताया।
फ्रांस ने होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने को प्राथमिकता बताते हुए ईरान से कूटनीतिक रास्ते पर वापस लौटने का आह्वान किया।
फ्रांस ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी चिंताओं का समाधान भी बातचीत के ज़रिए होना चाहिए।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 23 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद मानवाधिकारों के मामले में पेरिस पर दोहरे मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के इतर हुई इस मुलाकात के बाद अराघची ने फ्रांस की ईरान-नीति को सार्वजनिक रूप से खारिज किया।

अराघची के आरोप और टेलीग्राम बयान

बैठक के तुरंत बाद अराघची ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा कि उन्होंने ईरान के प्रति फ्रांस के 'हस्तक्षेपवादी' रुख पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने तेहरान स्थित फ्रांसीसी दूतावास से ईरान के राष्ट्रीय कानूनों और नियमों का सम्मान करने की माँग भी की।

अराघची ने अमेरिका और इज़रायल की सैन्य कार्रवाई के प्रति फ्रांस के रुख को 'अस्वीकार्य' बताते हुए कहा, 'हम फ्रांस सहित सभी देशों के साथ आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर संबंध रखना चाहते हैं, लेकिन अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए दृढ़ रुख अपनाएंगे।'

मानवाधिकार पर तीखा टकराव

मानवाधिकारों के मुद्दे पर अराघची ने फ्रांस की नीति को सीधे चुनौती दी। उनके अनुसार, 'पेरिस एक तरफ मानवाधिकारों को लेकर चिंता जताता है, लेकिन दूसरी ओर अमेरिका और इज़रायल की ओर से ईरानी लोगों के खिलाफ किए गए मानवता के खिलाफ अपराधों पर चुप रहता है।' उन्होंने विशेष रूप से आम नागरिकों और बच्चों की मौत का उल्लेख किया।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब अराघची ने बारो की ईरान नीति पर सार्वजनिक रूप से कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इससे पहले भी दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच मानवाधिकार और ईरान पर सैन्य कार्रवाई को लेकर तीखी नोकझोंक हो चुकी है। अराघची ने सोशल मीडिया पर फ्रांस के औपनिवेशिक अतीत का हवाला देते हुए भी बारो की आलोचना की थी।

फ्रांस की प्रतिक्रिया और होर्मुज़ स्ट्रेट का मुद्दा

फ्रांस की ओर से बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि बारो ने अराघची से कूटनीतिक रास्ते पर फिर से जुड़ने का आह्वान किया। फ्रांस के अनुसार वह मौजूदा संघर्ष का कूटनीतिक समाधान तलाशने में सहयोग देने को तैयार है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी चिंताओं का समाधान भी बातचीत के ज़रिए होना चाहिए।

बारो ने होर्मुज़ स्ट्रेट को पुनः खोलने को प्राथमिकता बताया। फ्रांसीसी पक्ष के अनुसार, इस जलमार्ग में मौजूदा अवरोध क्षेत्रीय स्थिरता के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर ख़तरा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून, नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री सुरक्षा के प्रति फ्रांस की प्रतिबद्धता दोहराई।

द्विपक्षीय संबंधों में बढ़ता तनाव

यह ऐसे समय में आया है जब फ्रांस और ईरान के संबंध पिछले कुछ महीनों में तेज़ी से बिगड़े हैं। फ्रांस ने तेहरान में अपने राजनयिक प्रतिष्ठानों और कर्मचारियों के खिलाफ हुई घटनाओं पर आपत्ति जताई है, जबकि ईरान ने फ्रांस पर अपने आंतरिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाया है।

दोनों देशों के बीच यह कूटनीतिक टकराव यूरोपीय संघ की ईरान-नीति और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है। आगे के घटनाक्रम पर UNGA के 81वें सत्र में भाग ले रहे अन्य देशों की नज़र बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे UNGA मंच पर उठाना ईरान की उस व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा लगता है जो यूरोपीय देशों को अमेरिका-इज़रायल गठजोड़ से अलग करने की कोशिश करती है। होर्मुज़ स्ट्रेट पर फ्रांस की चिंता महज़ क्षेत्रीय नहीं है — यूरोपीय ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला की संवेदनशीलता इसे पेरिस के लिए भी अस्तित्व का प्रश्न बनाती है। दोनों पक्षों का सार्वजनिक रुख कठोर है, फिर भी दोनों बातचीत के लिए तैयार दिखते हैं — यह विरोधाभास बताता है कि पर्दे के पीछे अभी भी कूटनीतिक संभावना जीवित है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने फ्रांस पर क्या आरोप लगाया?
अराघची ने फ्रांस पर मानवाधिकारों के मामले में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया — उनके अनुसार पेरिस मानवाधिकारों की चिंता जताता है लेकिन ईरानी नागरिकों के खिलाफ अमेरिका और इज़रायल की कार्रवाई पर चुप रहता है। उन्होंने फ्रांस के रुख को 'हस्तक्षेपवादी' भी बताया।
अराघची और बारो की मुलाकात कब और कहाँ हुई?
यह मुलाकात 23 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के इतर हुई। बैठक के बाद दोनों पक्षों ने अलग-अलग बयान जारी किए जो परस्पर विरोधाभासी थे।
होर्मुज़ स्ट्रेट का मुद्दा इस बैठक में क्यों उठा?
फ्रांसीसी विदेश मंत्री बारो ने होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने को प्राथमिकता बताया, क्योंकि फ्रांस के अनुसार इस जलमार्ग में अवरोध वैश्विक ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून और नौवहन की स्वतंत्रता के प्रति फ्रांस की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
फ्रांस ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर क्या रुख अपनाया?
फ्रांस ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी चिंताओं का समाधान बातचीत के ज़रिए होना चाहिए और उसने ईरान से कूटनीतिक रास्ते पर फिर से जुड़ने का आह्वान किया। फ्रांस ने यह भी कहा कि वह मौजूदा संघर्ष का कूटनीतिक समाधान तलाशने में योगदान देने को तैयार है।
फ्रांस और ईरान के बीच हालिया तनाव के क्या कारण हैं?
हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर तनाव बढ़ा है — फ्रांस ने तेहरान में अपने राजनयिक प्रतिष्ठानों से जुड़ी घटनाओं पर आपत्ति जताई है, जबकि ईरान ने फ्रांस पर अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। क्षेत्रीय सैन्य संघर्ष और परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी मतभेद गहरे हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले