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यूएनडीपी प्रशासक अलेक्जेंडर डे क्रू ने सीआईआईई में चीन-यूएनडीपी सहयोग और वैश्विक विकास पर रखे विचार

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यूएनडीपी प्रशासक अलेक्जेंडर डे क्रू ने सीआईआईई में चीन-यूएनडीपी सहयोग और वैश्विक विकास पर रखे विचार

सारांश

यूएनडीपी प्रशासक डे क्रू ने बीजिंग में पहली बार सीआईआईई में हिस्सा लिया और साफ़ संदेश दिया — चीन-यूएनडीपी साझेदारी नए रणनीतिक दौर में है। शांगहाई में वैश्विक सतत विकास केंद्र, एआई गार्डरेल और बहुपक्षवाद की पुनर्स्थापना — ये तीन मुद्दे अब यूएनडीपी की वैश्विक प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर हैं।

मुख्य बातें

यूएनडीपी ने पहली बार नौवें सीआईआईई में प्रतिभागी के रूप में भाग लिया।
यूएनडीपी प्रशासक अलेक्जेंडर डे क्रू ने बताया कि संस्था प्रतिवर्ष चीनी आपूर्तिकर्ताओं से लगभग 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर के उत्पाद खरीदती है।
शांगहाई में एक नया वैश्विक सतत विकास केंद्र स्थापित होगा, जो हरित परिवर्तन, एआई और विकास वित्तपोषण पर केंद्रित होगा।
चीन में पिछले 40 से अधिक वर्षों में लगभग 80 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले — डे क्रू।
डे क्रू ने एआई के लिए सुरक्षा गार्डरेल और वैश्विक बहुपक्षवाद को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया।

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के प्रशासक अलेक्जेंडर डे क्रू ने 7 नवंबर 2026 को बीजिंग में एक विशेष साक्षात्कार दिया, जिसमें उन्होंने नौवें चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात मेले (सीआईआईई) में भागीदारी, चीन के साथ यूएनडीपी के बढ़ते सहयोग और वैश्विक विकास की प्रमुख चुनौतियों पर विस्तार से अपनी राय साझा की। यह पहला अवसर था जब यूएनडीपी ने सीआईआईई में एक प्रतिभागी के रूप में भाग लिया।

सीआईआईई: वैश्विक व्यापार का नया द्वार

डे क्रू ने कहा कि नौवें सीआईआईई के उद्घाटन समारोह में शामिल होकर उन्होंने चीन की आर्थिक जीवंतता और दुनिया के प्रति उसके खुलेपन को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया। उनके अनुसार, यह मेला केवल वस्तुओं और सेवाओं को चीनी बाज़ार तक पहुँचाने का मंच नहीं है, बल्कि शून्य-टैरिफ नीतियों जैसे उपायों के ज़रिये अल्पविकसित और अफ्रीकी देशों को वैश्विक व्यापार में सक्रिय भागीदारी का अवसर भी देता है। डे क्रू के अनुसार, इससे इन देशों को अपने आर्थिक और औद्योगिक ढाँचे में बदलाव लाने, निवेश-अनुकूल माहौल बनाने और रोज़गार सृजन में सहायता मिलती है।

यूएनडीपी की चीनी खरीद और साझेदारी

डे क्रू ने बताया कि यूएनडीपी प्रतिवर्ष चीनी आपूर्तिकर्ताओं से लगभग 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर के उत्पाद खरीदता है, जिनमें दवाएँ, भारी उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी सामग्री शामिल हैं। यह आँकड़ा यूएनडीपी और चीन के बीच व्यावसायिक संबंधों की गहराई को दर्शाता है।

साक्षात्कार में उन्होंने 1979 में बीजिंग में यूएनडीपी के चीन प्रतिनिधि कार्यालय की स्थापना के बाद से चले आ रहे द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा भी की। उनका कहना था कि दोनों पक्षों की साझेदारी अब 'अधिक रणनीतिक महत्व के नए चरण' की ओर बढ़ रही है।

शांगहाई में वैश्विक सतत विकास केंद्र

डे क्रू ने घोषणा की कि शांगहाई में एक नया वैश्विक सतत विकास केंद्र स्थापित किया जाएगा, जो तीन प्रमुख दिशाओं पर काम करेगा। पहली दिशा है हरित परिवर्तन—आर्थिक विकास को पारिस्थितिक पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को क्षति पहुँचाए बिना कैसे हासिल किया जाए, इस पर शोध। दूसरी है डिजिटलीकरण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का रूपांतरण, जिसे उन्होंने प्रौद्योगिकी विकास का शक्तिशाली इंजन बताया। तीसरी दिशा है विकास वित्तपोषण—निजी पूंजी का प्रभावी उपयोग करके विकास के परिणामों का विस्तार करना।

चीन की गरीबी उन्मूलन उपलब्धियाँ और एआई पर सुझाव

चीन की गरीबी उपशमन यात्रा का उल्लेख करते हुए डे क्रू ने कहा कि पिछले 40 से अधिक वर्षों में चीन में लगभग 80 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं, जिसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुशासन पर उन्होंने सुझाव दिया कि अत्याधुनिक एआई मॉडलों के लिए सुरक्षा गार्डरेल स्थापित किए जाएँ, ताकि प्रौद्योगिकी नियंत्रण से बाहर न जाए, और प्रौद्योगिकी तक निष्पक्ष पहुँच सुनिश्चित की जाए।

बहुपक्षवाद की पुनर्स्थापना ज़रूरी

डे क्रू ने ज़ोर देकर कहा कि जलवायु परिवर्तन और गरीबी उन्मूलन जैसी वैश्विक चुनौतियों से कोई भी देश अकेले नहीं निपट सकता। उनका मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को बहुपक्षवाद को पुनर्जीवित करना होगा, ताकि विकास के लाभ अधिकाधिक देशों और नागरिकों तक पहुँच सकें। यह वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर बहुपक्षीय संस्थाओं की प्रासंगिकता पर बहस तेज़ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके प्रशासनिक ढाँचे और वित्तपोषण स्रोत अभी अस्पष्ट हैं। एआई गार्डरेल की माँग सही दिशा में है, परंतु जब तक इसके लिए बाध्यकारी वैश्विक तंत्र नहीं बनता, यह सुझाव सद्इच्छा से अधिक नहीं। वैश्विक बहुपक्षवाद को 'पुनर्जीवित' करने की पुकार उस वक्त और मायने रखती है जब प्रमुख शक्तियाँ संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं से दूरी बना रही हैं।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूएनडीपी प्रशासक अलेक्जेंडर डे क्रू ने सीआईआईई में क्या कहा?
डे क्रू ने नौवें सीआईआईई के उद्घाटन में भाग लेकर चीन के खुलेपन और वैश्विक व्यापार में योगदान की सराहना की। उन्होंने यूएनडीपी की चीनी खरीद, शांगहाई में प्रस्तावित सतत विकास केंद्र और बहुपक्षवाद की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।
शांगहाई में प्रस्तावित वैश्विक सतत विकास केंद्र क्या होगा?
यह केंद्र तीन प्रमुख क्षेत्रों — हरित परिवर्तन, डिजिटलीकरण व एआई, और विकास वित्तपोषण — पर काम करेगा। इसका उद्देश्य निजी पूंजी के ज़रिये विकासशील देशों में टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना है।
यूएनडीपी और चीन के बीच सहयोग कब से चल रहा है?
यूएनडीपी का चीन प्रतिनिधि कार्यालय 1979 में बीजिंग में स्थापित हुआ था। तब से दोनों के बीच सहयोग जारी है और डे क्रू के अनुसार यह अब 'अधिक रणनीतिक महत्व के नए चरण' में प्रवेश कर रहा है।
सीआईआईई से अल्पविकसित देशों को क्या फ़ायदा होता है?
डे क्रू के अनुसार, शून्य-टैरिफ नीतियों जैसे उपायों के माध्यम से सीआईआईई अल्पविकसित और अफ्रीकी देशों को वैश्विक व्यापार में भाग लेने का अवसर देता है। इससे इन देशों को आर्थिक ढाँचे में बदलाव, निवेश आकर्षण और रोज़गार सृजन में सहायता मिलती है।
डे क्रू ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर क्या सुझाव दिए?
उन्होंने प्रस्ताव रखा कि अत्याधुनिक एआई मॉडलों के लिए सुरक्षा गार्डरेल स्थापित किए जाएँ ताकि प्रौद्योगिकी नियंत्रण से बाहर न हो। साथ ही, उन्होंने प्रौद्योगिकी तक निष्पक्ष पहुँच सुनिश्चित करने और देशों को सहायक क्षमताएँ बनाने में मदद देने पर भी ज़ोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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