चावड़ी बाजार इमारत हादसा: मलबे से चौथा शव बरामद, मृतकों की संख्या 4 हुई
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के चावड़ी बाजार स्थित सितारा गली, अजमेरी गेट में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत के ढहने से मृतकों की संख्या 7 नवंबर 2026 (शनिवार) तक बढ़कर चार हो गई, जब राहत-बचाव दल ने मलबे से एक और शव निकाला। अधिकारियों के अनुसार, चौथे मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है और बचाव अभियान अनवरत जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
यह इमारत गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को सुबह 9:50 बजे ढही थी, जब चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के निकट सितारा गली से इसके गिरने की सूचना मिली। अब तक मलबे से कुल पाँच लोगों को निकाला जा चुका है — जिनमें चार मृतक और दो घायल शामिल हैं। दोनों घायलों का उपचार किया जा चुका है और उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
शनिवार को ही मलबे से तीसरा शव भी निकाला गया था, जिसकी पहचान बिहार के खगड़िया जिले के हनुमान नगर निवासी पंकज शर्मा (40 वर्ष) के रूप में हुई। गुरुवार को पहले दो शव बरामद हुए थे और एक घायल को अस्पताल भेजा गया था।
चौथे शव को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए एम्बुलेंस द्वारा लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल भेज दिया गया है।
बचाव अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली नगर निगम (MCD) की संयुक्त टीमों ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। मौके पर बचाव कार्य अभी भी जारी है और आशंका है कि मलबे में और लोग दबे हो सकते हैं।
अवैध निर्माण और जवाबदेही
पुलिस के अनुसार, जिस इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था, वह अवैध था और भवन सुरक्षित नहीं था। यह ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली में अवैध निर्माण को लेकर बार-बार सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि यह हादसा शहर में अनधिकृत निर्माण की लंबी कड़ी में एक और कड़वी कड़ी है।
हादसे के बाद MCD ने एक जूनियर इंजीनियर (JE) और एक असिस्टेंट इंजीनियर (AE) को निलंबित कर दिया है। साथ ही, ठेकेदार के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है।
सरकार की प्रतिक्रिया
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मलबे में फंसे सभी लोगों को निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जाँच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या होगा आगे
बचाव दल मलबे की तह-दर-तह जाँच कर रहे हैं और फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि और कितने लोग अंदर फंसे हो सकते हैं। MCD द्वारा निलंबन और FIR के बाद अब यह देखना होगा कि जाँच में अवैध निर्माण की अनुमति देने में किस स्तर की लापरवाही सामने आती है। दिल्ली में पुरानी और जर्जर इमारतों की समीक्षा की माँग भी तेज होने की संभावना है।