अजमेरी गेट इमारत हादसा: 2 की मौत, 5 घायल; MCD ने JE-AE निलंबित, मालिक पर FIR
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के अजमेरी गेट इलाके में 5 नवंबर 2026 को सुबह करीब 10:30 बजे एक चार मंजिला इमारत के ढहने से दो लोगों की मौत हो गई और पाँच अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार मलबे में अभी भी एक से दो लोग फंसे होने की आशंका है और बचाव अभियान जारी है।
घटनाक्रम और बचाव कार्य
यह हादसा गली शीश महल, गली शेहतारा, अजमेरी गेट स्थित संपत्ति संख्या 4,548 पर हुआ। सूचना मिलते ही नगर निगम (MCD) की टीम मौके पर पहुँची। फिलहाल जोनल कार्यालय के करीब 30 कर्मचारी और मशीनें मलबा हटाने में लगी हैं।
यह इलाका घनी आबादी और संकरी गलियों वाला है। ढही इमारत तक पहुँचने का रास्ता मात्र तीन फीट चौड़ा है, जिससे बड़े वाहन और भारी उपकरण भीतर नहीं जा सकते — इससे बचाव कार्य और जटिल हो गया है।
इमारत की संरचना और पूर्व नोटिस
MCD के अनुसार यह इमारत ग्राउंड प्लस तीन मंजिला (G+3) थी और केवल 45 वर्ग गज के छोटे भूखंड पर बनी हुई थी। 28 अप्रैल 2026 को MCD ने भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए मालिक समीउल्लाह को नोटिस जारी किया था, जिसमें योग्य स्ट्रक्चरल इंजीनियर की निगरानी में मरम्मत कराने और संरचनात्मक सुरक्षा प्रमाणपत्र जमा करने का निर्देश था।
15 जून 2026 को दिल्ली पुलिस ने इस भवन में अवैध निर्माण गतिविधियों की सूचना MCD को दी थी। पुलिस की भेजी तस्वीरों में मरम्मत और रखरखाव का काम होता दिख रहा था।
अवैध निर्माण और हादसे का कारण
प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि मालिक ने मरम्मत कार्य की आड़ में दूसरी और तीसरी मंजिल पर बिना अनुमति नया निर्माण कराया — जो MCD के निर्देशों और भवन उपनियमों का सीधा उल्लंघन है। जाँचकर्ताओं के अनुसार तीसरी मंजिल की बीम की शटरिंग जल्दबाजी में हटा दी गई, जिससे पहले तीसरी मंजिल का हिस्सा और फिर पूरी इमारत धराशायी हो गई।
संपत्ति कर विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, मालिक समीउल्लाह ने 22 अप्रैल 2026 को 'सेल्फ असेसमेंट (सुनियो)' योजना के तहत वित्त वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक के लिए ₹75,114 का संपत्ति कर जमा कराया था। उन्होंने भवन को G+4 और लगभग 80 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र का बताया था, जबकि MCD के रिकॉर्ड में यह G+3 दर्ज था। MCD का मानना है कि इससे संकेत मिलता है कि मालिक ने अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की।
प्रशासनिक कार्रवाई
MCD ने प्रारंभिक स्तर पर लापरवाही मानते हुए संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और मामले की जाँच के आदेश दिए हैं। मालिक समीउल्लाह के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी गई है।
आगे की कार्रवाई
MCD ने आसपास की इमारतों का संरचनात्मक सर्वे शुरू कर दिया है, जो MCD-मान्यता प्राप्त इंजीनियरों द्वारा कराया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही जहाँ अवैध निर्माण जारी है, वहाँ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि पुरानी दिल्ली में जर्जर इमारतों का सवाल हर मानसून और सर्दी से पहले उठता है — यह हादसा फिर एक बार प्रवर्तन की खामियों को उजागर करता है।