5 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अजमेरी गेट इमारत हादसा: 2 की मौत, 5 घायल; MCD ने JE-AE निलंबित, मालिक पर FIR

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अजमेरी गेट इमारत हादसा: 2 की मौत, 5 घायल; MCD ने JE-AE निलंबित, मालिक पर FIR

सारांश

पुरानी दिल्ली के अजमेरी गेट में अवैध निर्माण की आड़ में कराई गई तीसरी मंजिल की जल्दबाजी में हटाई गई शटरिंग ने पूरी चार मंजिला इमारत गिरा दी — 2 मौतें, 5 घायल। MCD के पास अप्रैल से नोटिस था, पुलिस ने जून में अवैध निर्माण की सूचना दी थी, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई।

मुख्य बातें

5 नवंबर 2026 को सुबह 10:30 बजे अजमेरी गेट, नई दिल्ली में चार मंजिला इमारत ढहने से 2 की मौत , 5 घायल ।
मलबे में अभी भी 1-2 लोग फंसे होने की आशंका; 30 MCD कर्मचारी बचाव में लगे।
MCD ने 28 अप्रैल 2026 को मालिक को नोटिस दिया था; 15 जून 2026 को पुलिस ने अवैध निर्माण की सूचना दी थी।
प्रारंभिक जाँच में तीसरी मंजिल की बीम की शटरिंग जल्दबाजी में हटाना हादसे का कारण माना जा रहा है।
MCD ने संबंधित JE और AE को तत्काल निलंबित किया; मालिक समीउल्लाह के खिलाफ FIR की प्रक्रिया शुरू।
आसपास की इमारतों का संरचनात्मक सर्वे और अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश।

नई दिल्ली के अजमेरी गेट इलाके में 5 नवंबर 2026 को सुबह करीब 10:30 बजे एक चार मंजिला इमारत के ढहने से दो लोगों की मौत हो गई और पाँच अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार मलबे में अभी भी एक से दो लोग फंसे होने की आशंका है और बचाव अभियान जारी है।

घटनाक्रम और बचाव कार्य

यह हादसा गली शीश महल, गली शेहतारा, अजमेरी गेट स्थित संपत्ति संख्या 4,548 पर हुआ। सूचना मिलते ही नगर निगम (MCD) की टीम मौके पर पहुँची। फिलहाल जोनल कार्यालय के करीब 30 कर्मचारी और मशीनें मलबा हटाने में लगी हैं।

यह इलाका घनी आबादी और संकरी गलियों वाला है। ढही इमारत तक पहुँचने का रास्ता मात्र तीन फीट चौड़ा है, जिससे बड़े वाहन और भारी उपकरण भीतर नहीं जा सकते — इससे बचाव कार्य और जटिल हो गया है।

इमारत की संरचना और पूर्व नोटिस

MCD के अनुसार यह इमारत ग्राउंड प्लस तीन मंजिला (G+3) थी और केवल 45 वर्ग गज के छोटे भूखंड पर बनी हुई थी। 28 अप्रैल 2026 को MCD ने भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए मालिक समीउल्लाह को नोटिस जारी किया था, जिसमें योग्य स्ट्रक्चरल इंजीनियर की निगरानी में मरम्मत कराने और संरचनात्मक सुरक्षा प्रमाणपत्र जमा करने का निर्देश था।

15 जून 2026 को दिल्ली पुलिस ने इस भवन में अवैध निर्माण गतिविधियों की सूचना MCD को दी थी। पुलिस की भेजी तस्वीरों में मरम्मत और रखरखाव का काम होता दिख रहा था।

अवैध निर्माण और हादसे का कारण

प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि मालिक ने मरम्मत कार्य की आड़ में दूसरी और तीसरी मंजिल पर बिना अनुमति नया निर्माण कराया — जो MCD के निर्देशों और भवन उपनियमों का सीधा उल्लंघन है। जाँचकर्ताओं के अनुसार तीसरी मंजिल की बीम की शटरिंग जल्दबाजी में हटा दी गई, जिससे पहले तीसरी मंजिल का हिस्सा और फिर पूरी इमारत धराशायी हो गई।

संपत्ति कर विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, मालिक समीउल्लाह ने 22 अप्रैल 2026 को 'सेल्फ असेसमेंट (सुनियो)' योजना के तहत वित्त वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक के लिए ₹75,114 का संपत्ति कर जमा कराया था। उन्होंने भवन को G+4 और लगभग 80 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र का बताया था, जबकि MCD के रिकॉर्ड में यह G+3 दर्ज था। MCD का मानना है कि इससे संकेत मिलता है कि मालिक ने अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की।

प्रशासनिक कार्रवाई

MCD ने प्रारंभिक स्तर पर लापरवाही मानते हुए संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और मामले की जाँच के आदेश दिए हैं। मालिक समीउल्लाह के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी गई है।

आगे की कार्रवाई

MCD ने आसपास की इमारतों का संरचनात्मक सर्वे शुरू कर दिया है, जो MCD-मान्यता प्राप्त इंजीनियरों द्वारा कराया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही जहाँ अवैध निर्माण जारी है, वहाँ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि पुरानी दिल्ली में जर्जर इमारतों का सवाल हर मानसून और सर्दी से पहले उठता है — यह हादसा फिर एक बार प्रवर्तन की खामियों को उजागर करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रवर्तन विफलता का सबूत है — MCD ने अप्रैल में नोटिस दिया, पुलिस ने जून में अवैध निर्माण की तस्वीरें भेजीं, फिर भी महीनों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। JE और AE का निलंबन जवाबदेही की दिशा में पहला कदम है, लेकिन असली सवाल यह है कि नोटिस और चेतावनी के बावजूद ऊपरी स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। पुरानी दिल्ली में सैकड़ों ऐसी जर्जर इमारतें हैं जहाँ अवैध निर्माण जारी है — बिना व्यवस्थागत बदलाव के यह हादसा अंतिम नहीं होगा।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजमेरी गेट इमारत हादसे में क्या हुआ?
5 नवंबर 2026 को सुबह 10:30 बजे नई दिल्ली के अजमेरी गेट स्थित संपत्ति संख्या 4,548 में एक चार मंजिला इमारत ढह गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और पाँच घायल हुए। मलबे में एक से दो लोग अभी भी फंसे होने की आशंका है।
इमारत ढहने का कारण क्या बताया जा रहा है?
प्रारंभिक जाँच के अनुसार मालिक ने मरम्मत की आड़ में दूसरी और तीसरी मंजिल पर बिना अनुमति नया निर्माण कराया। तीसरी मंजिल की बीम की शटरिंग जल्दबाजी में हटा दी गई, जिससे पहले तीसरी मंजिल का हिस्सा और फिर पूरी इमारत गिर गई।
MCD ने क्या कार्रवाई की है?
MCD ने संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर जाँच के आदेश दिए हैं। इमारत के मालिक समीउल्लाह के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी गई है।
क्या MCD को पहले से इस इमारत की खराब स्थिति की जानकारी थी?
हाँ, MCD ने 28 अप्रैल 2026 को मालिक को नोटिस जारी कर मरम्मत और संरचनात्मक सुरक्षा प्रमाणपत्र देने का निर्देश दिया था। इसके बाद 15 जून 2026 को दिल्ली पुलिस ने भी अवैध निर्माण की सूचना MCD को दी थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 6 घंटे पहले
  3. 8 घंटे पहले
  4. 11 घंटे पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 1 साल पहले