राजस्थान CM भजनलाल शर्मा का दावा: 78% चुनावी वादे पूरे, ₹35 लाख करोड़ का निवेश हासिल
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 5 नवंबर 2026 को जयपुर में मीडिया को संबोधित करते हुए दावा किया कि उनकी सरकार ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चुनावी घोषणा-पत्र के लगभग 78 प्रतिशत वादों को पूरा कर लिया है, और शेष वादों को पूरा करने की दिशा में कार्य तेजी से जारी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार के कार्यकाल के लगभग तीन वर्ष पूरे होने वाले हैं।
सुशासन और बुनियादी ढाँचा
शर्मा ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे के विकास और जनसेवा को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राजस्थान जल और ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से अग्रसर है। भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत अब तक 381 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है और लगभग 700 अन्य लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।
गौरतलब है कि पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामलों में पिछली सरकारों के समय से चली आ रही प्रशासनिक गड़बड़ियों के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई है।
जल और ऊर्जा में आत्मनिर्भरता
संसाधन सुरक्षा के मोर्चे पर राज्य ने चार बड़े अंतर-राज्यीय जल समझौते किए हैं — जिनमें रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, और किशाऊ व नर्मदा परियोजनाएँ शामिल हैं। इन समझौतों का उद्देश्य पीने के पानी, कृषि और उद्योगों की जल-आवश्यकताओं को दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित करना है।
ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान अब बिजली आयात करने वाले राज्य से बदलकर बिजली अधिशेष (सरप्लस) राज्य बन गया है। 51.6 गीगावाट की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता के साथ राजस्थान देश में इस क्षेत्र में सबसे आगे होने का दावा करता है। वर्तमान में 27 जिलों के किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, और 6,000 मेगावाट-ऑवर क्षमता वाली बैटरी स्टोरेज परियोजनाएँ भी विकसित की जा रही हैं।
रोज़गार और कौशल विकास
रोज़गार के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार 4 लाख सरकारी नौकरियाँ देने और निजी क्षेत्र में 6 लाख अवसर पैदा करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। अब तक सार्वजनिक क्षेत्र में 1.93 लाख से अधिक नियुक्तियाँ पूरी हो चुकी हैं और 1.18 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया सक्रिय रूप से चल रही है। इसके अलावा, निजी क्षेत्र में लगभग 5 लाख रोज़गार के अवसर सृजित किए गए हैं और 3 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
राइजिंग राजस्थान: निवेश अभियान की उपलब्धि
'राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट' के माध्यम से राज्य को ₹35 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से ₹9 लाख करोड़ की परियोजनाएँ ज़मीन पर क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। यह राज्य की बदलती औद्योगिक छवि का संकेत माना जा रहा है।
आने वाले महीनों में सरकार शेष चुनावी वादों को भी पूरा करने और निवेश परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति देने पर ध्यान केंद्रित करेगी।