विकसित भारत संकल्प सभा: सीएम भजनलाल बोले — मोदी ने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 7 अक्टूबर 2026 को जयपुर के मानसरोवर स्थित वीटी रोड मेला ग्राउंड में आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सभा' और 'सेवा ज्योति यात्रा' कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय कार्यक्रम से जुड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सुना। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर विकसित भारत निर्माण के अपने संकल्प को दोहराते हुए 'हम करेंगे' का नारा दिया।
मोदी के 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा: भजनलाल का आकलन
मुख्यमंत्री शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनसेवा के क्षेत्र में लगातार 25 वर्ष पूरे किए हैं — एक उपलब्धि जिसे उन्होंने 'ऐतिहासिक, गौरवशाली और प्रेरणादायक' बताया। उनके अनुसार, मोदी का ढाई दशक का सार्वजनिक जीवन 'राष्ट्र प्रथम' की भावना, कठोर परिश्रम और समाज के सबसे वंचित वर्गों के जीवन को बेहतर बनाने के संकल्प को समर्पित रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राजनीति को सत्ता प्राप्ति के साधन से जनसेवा के माध्यम में बदलकर इसकी नई परिभाषा गढ़ी है। उन्होंने कहा, 'अनुच्छेद 370 हटाने से लेकर राम मंदिर निर्माण तक, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने अटूट संकल्प के बल पर राष्ट्रीय हित में कई ऐतिहासिक कार्य संभव किए हैं।'
राजस्थान में जल सुरक्षा के अभूतपूर्व कदम
मुख्यमंत्री शर्मा ने राजस्थान में जल सुरक्षा के मोर्चे पर केंद्र सरकार के सहयोग से उठाए गए कदमों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पूर्वी राजस्थान में पेयजल और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार हेतु राम जल सेतु लिंक परियोजना लागू की जा रही है, जिससे 17 जिलों के लोगों को पेयजल मिलेगा और 4 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि 29 जून को यमुना जल से संबंधित एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए गए। 15 सितंबर को राजस्थान सहित छह राज्यों के बीच किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना के लिए समझौता हुआ, जिससे शेखावाटी क्षेत्र में पूरे वर्ष जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच नर्मदा जल समझौता भी हुआ, जिससे दशकों पुराना नदी-जल विवाद सुलझ गया।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत राजस्थान के 52 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। राज्य में ₹33,305 करोड़ से अधिक लागत की पेयजल अवसंरचना विकसित की गई है।
सड़क, रेल और हवाई संपर्क का विस्तार
परिवहन अवसंरचना के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे, जयपुर-किशनगढ़-जोधपुर-पचपदरा एक्सप्रेसवे और बीकानेर-कोटपूतली एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं से राजस्थान का सड़क नेटवर्क तेजी से विस्तार पा रहा है। जयपुर में यातायात का दबाव कम करने के लिए ₹11,764 करोड़ की लागत वाली जयपुर रिंग रोड नॉर्थ परियोजना भी पूरी की जा रही है।
रेल क्षेत्र में वंदे भारत एक्सप्रेस, कोच केयर कॉम्प्लेक्स और 83 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों के विकास का उल्लेख करते हुए शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने ₹13,000 करोड़ की लागत वाली जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण को भी मंजूरी दे दी है। यह परियोजना 41 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर और 36 स्टेशनों के साथ विकसित की जाएगी।
हवाई संपर्क के संदर्भ में उन्होंने बताया कि जोधपुर हवाई अड्डे पर ₹480 करोड़ की लागत से नया टर्मिनल भवन बनाया गया है, जिससे वार्षिक यात्री क्षमता 12 लाख से बढ़कर 20 लाख हो गई है। कोटा, किशनगढ़, बाड़मेर और बीकानेर में भी हवाई संपर्क का विस्तार किया जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र: सौर से परमाणु तक
मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि पिछले दो वर्ष नौ महीनों में राजस्थान की ऊर्जा क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। 6,000 मेगावाट-घंटा क्षमता वाली बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं से राज्य के बिजली ढाँचे को मज़बूत किया जा रहा है।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत राजस्थान में 5 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और 3.37 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। पीएम-कुसुम योजना के तहत 5.45 गीगावाट से अधिक क्षमता के नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं।
ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर सबसे बड़ी घोषणा माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना की है, जिसकी आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी ने 25 सितंबर 2025 को रखी थी। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹42,000 करोड़ है और इसकी कुल स्थापित क्षमता लगभग 2,800 मेगावाट होगी — जो राजस्थान के ऊर्जा भविष्य के लिए एक निर्णायक कदम है।