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अयोध्या दीपोत्सव 2026: 12 स्थानों पर एंबुलेंस तैनात, 12 निजी अस्पतालों में बेड आरक्षित

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अयोध्या दीपोत्सव 2026: 12 स्थानों पर एंबुलेंस तैनात, 12 निजी अस्पतालों में बेड आरक्षित

सारांश

अयोध्या दीपोत्सव 2026 में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने त्रिस्तरीय चिकित्सा ढाँचा खड़ा किया है — 12 स्थानों पर एंबुलेंस, मोबाइल टीमें और 12 निजी अस्पतालों में आरक्षित बेड। हेल्पलाइन नंबर 8881004894 भी जारी।

मुख्य बातें

दीपोत्सव 2026 के दौरान अयोध्या में 12 प्रमुख स्थलों पर एंबुलेंस तैनात की गई हैं।
12 निजी अस्पतालों में प्रत्येक में 5 बेड आपातकालीन उपचार के लिए आरक्षित।
राम की पैड़ी सहित प्रमुख स्थलों पर मोबाइल चिकित्सा टीमें दिन-रात सक्रिय रहेंगी।
स्वास्थ्य आपात के लिए हेल्पलाइन नंबर 8881004894 और डॉ.
राममणि शुक्ला का नंबर 9451085935 जारी।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने पुष्टि की कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अयोध्या में दीपोत्सव 2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने 12 प्रमुख आयोजन स्थलों पर एंबुलेंस तैनात की हैं और 12 निजी अस्पतालों में 5-5 बेड आरक्षित किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में बनाई गई यह व्यापक चिकित्सा योजना दिन-रात सक्रिय रहेगी। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने पुष्टि की है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

12 स्थानों पर एंबुलेंस की तैनाती

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिन 12 प्रमुख स्थलों पर एंबुलेंस तैनात की हैं, वे हैं — लक्ष्मण किला, भजन संध्या स्थल, चौधरी चरण सिंह घाट, नागेश्वरनाथ, वीणा चौराहा (लतामंगेशकर चौक), कारसेवकपुरम, हनुमानगढ़ी, हनुमानगुफा, साकेत पेट्रोल पंप, श्रीराम जन्मभूमि (परिकोटा), कनक भवन मंदिर परिसर और कंट्रोल रूम। इन स्थलों पर तैनात एंबुलेंस के ज़रिए किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता देने के साथ-साथ नज़दीकी अस्पताल पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

12 निजी अस्पतालों में आरक्षित बेड

मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेश के अनुसार अयोध्या के 12 निजी अस्पतालों में प्रत्येक में 5 बेड आपातकालीन उपचार के लिए आरक्षित रखे जाएंगे। इन अस्पतालों में अग्रिम हॉस्पिटल, हर्षण हृदय संस्थान, झुनझुनवाला हॉस्पिटल, देवा मेमोरियल मेडिकल सर्जिकल मैटरनिटी नर्सिंग होम, निर्मला हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी सेंटर, दिव्य हॉस्पिटल, सोना हॉस्पिटल, जगत हॉस्पिटल, मेडिसिटी सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, चिरंजीव हॉस्पिटल, गोमती हॉस्पिटल तथा संजाफी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर शामिल हैं। इन अस्पतालों को मरीजों को तत्काल और बिना किसी देरी के इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मोबाइल चिकित्सा टीमों की भूमिका

राम की पैड़ी सहित प्रमुख आयोजन स्थलों पर मोबाइल चिकित्सा टीमों को तैनात किया गया है। ये टीमें प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएंगी। विभाग ने दिन और रात के विभिन्न पहरों में ड्यूटी का समयबद्ध विभाजन किया है, ताकि चिकित्सा सहायता निर्बाध रूप से जारी रहे। गंभीर मामलों में टीमें अस्पतालों के साथ समन्वय कर मरीज को तुरंत रेफर कर सकेंगी।

हेल्पलाइन नंबर और संपर्क व्यवस्था

किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति में श्रद्धालु मेला स्वास्थ्य कंट्रोल रूम के नंबर 8881004894 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त मेला अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. राममणि शुक्ला के मोबाइल नंबर 9451085935 पर भी सहायता उपलब्ध रहेगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों और चिकित्सा कर्मियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन की तैयारी और आगे की राह

जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को चिकित्सा व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दीपोत्सव हर वर्ष रिकॉर्ड भीड़ आकर्षित करता है और इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। गौरतलब है कि बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और चिकित्सा तैयारी दोनों को एकसाथ साधना प्रशासन के लिए सदैव एक बड़ी चुनौती रही है। एंबुलेंस नेटवर्क, मोबाइल टीमों और आरक्षित बेड की त्रिस्तरीय व्यवस्था इस दिशा में एक ठोस कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मोबाइल टीमें और निजी अस्पतालों में आरक्षित बेड की त्रिस्तरीय व्यवस्था एक सुविचारित ढाँचा है। हालाँकि असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — भीड़ के चरम घंटों में एंबुलेंस की पहुँच और कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करना ज़मीनी चुनौती बनी रहेगी। बड़े धार्मिक मेलों में भगदड़ और गर्मी-थकान की घटनाएँ राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज हो चुकी हैं, इसलिए यह व्यवस्था महज़ घोषणा नहीं, बल्कि जवाबदेही की कसौटी भी है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या दीपोत्सव 2026 में स्वास्थ्य आपात के लिए किस नंबर पर संपर्क करें?
दीपोत्सव 2026 के दौरान किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति में मेला स्वास्थ्य कंट्रोल रूम के नंबर 8881004894 पर संपर्क किया जा सकता है। मेला अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. राममणि शुक्ला का मोबाइल नंबर 9451085935 भी सहायता के लिए उपलब्ध है।
दीपोत्सव 2026 में कितने और कहाँ एंबुलेंस तैनात हैं?
स्वास्थ्य विभाग ने 12 प्रमुख स्थलों पर एंबुलेंस तैनात की हैं, जिनमें लक्ष्मण किला, हनुमानगढ़ी, श्रीराम जन्मभूमि (परिकोटा), कनक भवन मंदिर परिसर, राम की पैड़ी और कंट्रोल रूम प्रमुख हैं। इन एंबुलेंस के ज़रिए श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता और अस्पताल पहुँचाने की सुविधा मिलेगी।
दीपोत्सव 2026 के दौरान कौन से निजी अस्पतालों में बेड आरक्षित हैं?
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेश पर अयोध्या के 12 निजी अस्पतालों में प्रत्येक में 5 बेड आरक्षित किए गए हैं। इनमें अग्रिम हॉस्पिटल, हर्षण हृदय संस्थान, झुनझुनवाला हॉस्पिटल, मेडिसिटी सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल और संजाफी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर सहित कुल 12 अस्पताल शामिल हैं।
अयोध्या दीपोत्सव 2026 में मोबाइल चिकित्सा टीमें कहाँ तैनात हैं?
राम की पैड़ी सहित प्रमुख आयोजन स्थलों पर मोबाइल चिकित्सा टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें दिन-रात निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ड्यूटी करेंगी और ज़रूरत पड़ने पर मरीज को नज़दीकी अस्पताल भेजने में भी सहायता करेंगी।
दीपोत्सव 2026 की चिकित्सा व्यवस्था की देखरेख कौन कर रहा है?
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के नेतृत्व में सभी संबंधित विभागों को चिकित्सा व्यवस्था के लिए निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में यह पूरी व्यवस्था बनाई गई है और मेला अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. राममणि शुक्ला समन्वय की ज़िम्मेदारी संभाल रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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