अयोध्या दीपोत्सव 2026: 12 स्थानों पर एंबुलेंस तैनात, 12 निजी अस्पतालों में बेड आरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में दीपोत्सव 2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने 12 प्रमुख आयोजन स्थलों पर एंबुलेंस तैनात की हैं और 12 निजी अस्पतालों में 5-5 बेड आरक्षित किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में बनाई गई यह व्यापक चिकित्सा योजना दिन-रात सक्रिय रहेगी। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने पुष्टि की है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
12 स्थानों पर एंबुलेंस की तैनाती
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिन 12 प्रमुख स्थलों पर एंबुलेंस तैनात की हैं, वे हैं — लक्ष्मण किला, भजन संध्या स्थल, चौधरी चरण सिंह घाट, नागेश्वरनाथ, वीणा चौराहा (लतामंगेशकर चौक), कारसेवकपुरम, हनुमानगढ़ी, हनुमानगुफा, साकेत पेट्रोल पंप, श्रीराम जन्मभूमि (परिकोटा), कनक भवन मंदिर परिसर और कंट्रोल रूम। इन स्थलों पर तैनात एंबुलेंस के ज़रिए किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता देने के साथ-साथ नज़दीकी अस्पताल पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
12 निजी अस्पतालों में आरक्षित बेड
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेश के अनुसार अयोध्या के 12 निजी अस्पतालों में प्रत्येक में 5 बेड आपातकालीन उपचार के लिए आरक्षित रखे जाएंगे। इन अस्पतालों में अग्रिम हॉस्पिटल, हर्षण हृदय संस्थान, झुनझुनवाला हॉस्पिटल, देवा मेमोरियल मेडिकल सर्जिकल मैटरनिटी नर्सिंग होम, निर्मला हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी सेंटर, दिव्य हॉस्पिटल, सोना हॉस्पिटल, जगत हॉस्पिटल, मेडिसिटी सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, चिरंजीव हॉस्पिटल, गोमती हॉस्पिटल तथा संजाफी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर शामिल हैं। इन अस्पतालों को मरीजों को तत्काल और बिना किसी देरी के इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मोबाइल चिकित्सा टीमों की भूमिका
राम की पैड़ी सहित प्रमुख आयोजन स्थलों पर मोबाइल चिकित्सा टीमों को तैनात किया गया है। ये टीमें प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएंगी। विभाग ने दिन और रात के विभिन्न पहरों में ड्यूटी का समयबद्ध विभाजन किया है, ताकि चिकित्सा सहायता निर्बाध रूप से जारी रहे। गंभीर मामलों में टीमें अस्पतालों के साथ समन्वय कर मरीज को तुरंत रेफर कर सकेंगी।
हेल्पलाइन नंबर और संपर्क व्यवस्था
किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति में श्रद्धालु मेला स्वास्थ्य कंट्रोल रूम के नंबर 8881004894 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त मेला अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. राममणि शुक्ला के मोबाइल नंबर 9451085935 पर भी सहायता उपलब्ध रहेगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों और चिकित्सा कर्मियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की तैयारी और आगे की राह
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को चिकित्सा व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दीपोत्सव हर वर्ष रिकॉर्ड भीड़ आकर्षित करता है और इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। गौरतलब है कि बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और चिकित्सा तैयारी दोनों को एकसाथ साधना प्रशासन के लिए सदैव एक बड़ी चुनौती रही है। एंबुलेंस नेटवर्क, मोबाइल टीमों और आरक्षित बेड की त्रिस्तरीय व्यवस्था इस दिशा में एक ठोस कदम है।