शांतिरबाजार नगर निकाय चुनाव: BJP ने सभी 15 वार्डों में उतारे उम्मीदवार, भव्य जुलूस के साथ दाखिल किए नामांकन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 5 नवंबर 2026 को दक्षिण त्रिपुरा के शांतिरबाजार में आगामी नगर निकाय चुनावों के लिए अपनी पूरी चुनावी ताकत झोंक दी। पार्टी ने शांतिरबाजार नगर पंचायत की सभी 15 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित करते हुए एक विशाल जुलूस निकाला और नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत की। यह कदम पार्टी की पूर्ण बहुमत के साथ नगर पंचायत पर कब्ज़ा बनाए रखने की स्पष्ट रणनीति को दर्शाता है।
भव्य जुलूस और शक्ति प्रदर्शन
गुरुवार की सुबह से ही पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शांतिरबाजार के ट्राई-जंक्शन इलाके में एकत्र होने लगे। देखते ही देखते पूरा क्षेत्र भगवा रंग में रंग गया। ट्राई-जंक्शन से 15 वार्डों के 15 उम्मीदवारों के साथ एक विशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें हज़ारों कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों की थाप, जोरदार नारों और कमल के निशान वाले झंडों के साथ यह जुलूस शांतिरबाजार हाईवे पर आगे बढ़ा।
सड़क के दोनों किनारों पर खड़े नागरिकों ने इस जुलूस को देखा और कई स्थानों पर उम्मीदवारों पर फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। कार्यकर्ताओं के उत्साह से यह स्पष्ट था कि चुनावी वातावरण पूरी तरह तैयार हो चुका है।
नामांकन प्रक्रिया
जुलूस के बाद 15 में से 10 उम्मीदवारों ने शांतिरबाजार के रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। शेष 5 उम्मीदवार शुक्रवार को अपने नामांकन पत्र जमा करेंगे। नामांकन के बाद पार्टी नेताओं ने उम्मीदवारों को मिठाई खिलाकर बधाई दी और जीत का संकल्प दोहराया।
प्रमुख नेताओं की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में BJP की पूर्व महासचिव पापिया दत्ता, 36-शांतिरबाजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रमोद रियांग, 34-राजनगर विधानसभा क्षेत्र की विधायक स्वप्ना मजूमदार, शांतिरबाजार मंडल अध्यक्ष देबाशीष भौमिक, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष अंजू मग चौधरी, शांतिरबाजार मंडल के पूर्व महासचिव मुम्बो मग तथा दक्षिण जिला सचिव सुमन देबनाथ उपस्थित रहे। इनके अलावा मंडल के अन्य पदाधिकारी, बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्रों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व समर्थक भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
नेताओं का संकल्प
नामांकन दाखिल करने के बाद नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शांतिरबाजार में विकास की गति को बनाए रखने के लिए सभी 15 वार्डों में भाजपा उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करना आवश्यक है। यह ऐसे समय में आया है जब त्रिपुरा में स्थानीय निकाय चुनाव एक बार फिर राजनीतिक दलों के संगठनात्मक बल की असली परीक्षा बनने वाले हैं।