त्रिपुरा निकाय चुनाव: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 3,22,360 महिला मतदाता, पुरुषों से आगे
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के 21 शहरी स्थानीय निकायों के आगामी चुनावों के लिए जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक दर्ज की गई है। राज्य चुनाव आयोग (SEC) के आंकड़ों के अनुसार, कुल 6,31,388 पंजीकृत मतदाताओं में 3,22,360 महिलाएँ, 3,08,983 पुरुष और 45 थर्ड-जेंडर मतदाता शामिल हैं। यह ड्राफ्ट सूची उन चुनावों के लिए जारी की गई है, जो दिसंबर 2026 तक संपन्न कराए जाने हैं।
लिंगानुपात के आँकड़े
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में प्रति 1,000 पुरुष मतदाताओं पर 1,043 महिला मतदाता दर्ज हैं — यह आँकड़ा शहरी नागरिक भागीदारी में महिलाओं की बढ़ती सक्रियता को रेखांकित करता है। 21 में से केवल दो निकायों — सिपाहीजाला जिले के बिश्रामगंज नगर पंचायत (जहाँ पुरुष मतदाता 147 अधिक हैं) और मेलाघर नगर परिषद (जहाँ पुरुष मतदाता 119 अधिक हैं) — में पुरुष मतदाता महिलाओं से आगे हैं। शेष सभी 19 निकायों में महिला मतदाताओं की बहुलता है।
अगरतला नगर निगम की स्थिति
अगरतला नगर निगम में कुल 3,62,632 मतदाता हैं, जिनमें 1,85,099 महिलाएँ, 1,77,497 पुरुष और 36 थर्ड-जेंडर मतदाता शामिल हैं। यह निगम न केवल मतदाता संख्या में सबसे बड़ा है, बल्कि 439 पोलिंग स्टेशनों के साथ पूरे प्रदेश में सर्वाधिक मतदान केंद्रों वाला निकाय भी है। 8 जिलों में फैले इन 21 निकायों में करीब 9 लाख लोग रहते हैं, जिनमें से 4 लाख से अधिक अगरतला नगर निगम क्षेत्र में निवास करते हैं।
चुनाव प्रक्रिया की समयसीमा
SEC सचिव अनुराग सेन ने बताया कि 8 अक्टूबर 2026 तक ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावों और आपत्तियों को अंतिम रूप देने के बाद 15 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगरतला नगर निगम समेत सभी 21 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव इस वर्ष दिसंबर तक संपन्न कराने का लक्ष्य है। फाइनल पोलिंग स्टेशन सूची में कुल 783 मतदान केंद्र चिह्नित किए गए हैं, जिनमें अगरतला नगर निगम, 13 नगर परिषद और 7 नगर पंचायतें शामिल हैं।
अगरतला नगर निगम का ऐतिहासिक संदर्भ
अगरतला नगर पालिका की स्थापना 1871 में तत्कालीन महाराजा चंद्र माणिक्य (शासनकाल 1862–96) के समय हुई थी। बाद में 21 जनवरी 2014 को तत्कालीन अगरतला नगर परिषद को नगर निगम का दर्जा दिए जाने के साथ अगरतला नगर निगम का औपचारिक गठन हुआ। गौरतलब है कि यह त्रिपुरा का सबसे पुराना और सबसे बड़ा शहरी स्थानीय निकाय है।
आगे की राह
अंतिम मतदाता सूची के 15 अक्टूबर को जारी होने के बाद चुनाव आयोग आचार संहिता और मतदान कार्यक्रम की घोषणा करेगा। महिला मतदाताओं की अधिकता राजनीतिक दलों की रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है, विशेष रूप से उम्मीदवार चयन और प्रचार अभियानों में।