त्रिपुरा के 21 शहरी निकायों में दिसंबर तक चुनाव, SEC ने 784 मतदान केंद्रों की ड्राफ्ट सूची जारी की
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने 19 सितंबर 2026 को अगरतला नगर निगम समेत राज्य के 21 शहरी स्थानीय निकायों में चुनाव कराने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार ये चुनाव दिसंबर 2026 तक संपन्न कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
मतदान केंद्रों की ड्राफ्ट सूची जारी
नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में होने वाले चुनावों से पहले SEC ने 784 मतदान केंद्रों की एक ड्राफ्ट सूची प्रकाशित की है। इसमें अगरतला नगर निगम, 13 नगर परिषदें और 7 नगर पंचायतें शामिल हैं।
सूची के अनुसार, अगरतला नगर निगम में सर्वाधिक 439 मतदान केंद्र हैं। नगर परिषदों में उत्तरी त्रिपुरा जिले के धर्मनगर में 45, गोमती जिले के उदयपुर में 35, अमरपुर, पानीसागर और सोनमुरा में 13-13, तथा कमलपुर, विश्रामगंज और जिरानिया में 11-11 मतदान केंद्र प्रस्तावित हैं। सबरूम में सबसे कम 9 मतदान केंद्र रखे गए हैं।
दावे-आपत्तियों की समय-सीमा
आयोग ने ड्राफ्ट सूची पर दावे और आपत्तियाँ 21 सितंबर 2026 तक स्वीकार करने की अंतिम तारीख तय की है। इन आपत्तियों का निपटारा 23 सितंबर तक किया जाएगा, जबकि मतदान केंद्रों की अंतिम सूची 25 सितंबर 2026 को जारी होगी।
आम जनता पर असर
इन 8 जिलों में फैले 21 शहरी स्थानीय निकायों में लगभग 9 लाख लोग निवास करते हैं। इनमें से 4 लाख से अधिक नागरिक केवल अगरतला नगर निगम के अंतर्गत आते हैं। यह चुनाव इन नागरिकों के लिए स्थानीय शासन और नगरीय विकास की दिशा तय करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
गौरतलब है कि अगरतला की नगरपालिका की स्थापना 1871 में तत्कालीन महाराजा चंद्र माणिक्य (शासनकाल: 1862-96) के दौर में हुई थी। बाद में इसे 'अगरतला म्युनिसिपैलिटी' से नाम बदलकर अगरतला नगर निगम किया गया था।
विलेज कमेटी चुनावों के बाद मिलेगी रफ़्तार
SEC अधिकारी के अनुसार, शहरी निकाय चुनावों की प्रक्रिया को 28 सितंबर 2026 को होने वाले विलेज कमेटी चुनावों के बाद और तेज़ किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में एक साथ कई स्थानीय निकायों के चुनाव कराने की तैयारी की जा रही है।
आयोग ने पहले घोषणा की थी कि 587 विलेज कमेटियों के अंतर्गत 2,634 निर्वाचन क्षेत्रों की 4,597 सीटों पर 10 साल के अंतराल के बाद 28 सितंबर को मतदान होगा। यह राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों के समकक्ष संस्थाएँ हैं।
क्या होगा आगे
अंतिम मतदाता सूची के 25 सितंबर को प्रकाशित होने के बाद चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अपेक्षित है। राज्य के नागरिकों और राजनीतिक दलों की नज़रें अब नामांकन की समय-सीमा और मतदान की तारीख पर टिकी हैं।