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अजित डोभाल का बड़ा बयान: भारत की GDP अगले 20 साल में $38 ट्रिलियन तक पहुँचेगी

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अजित डोभाल का बड़ा बयान: भारत की GDP अगले 20 साल में $38 ट्रिलियन तक पहुँचेगी

सारांश

NSA अजित डोभाल ने IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में भारत की आर्थिक संभावनाओं का विस्तृत खाका खींचा — $4 ट्रिलियन से $38 ट्रिलियन का सफर, 'अमृत काल' का विमर्श, और युवाओं को साहस व दृढ़ संकल्प का संदेश। यह बयान 'विकसित भारत 2047' के सरकारी एजेंडे को और धार देता है।

मुख्य बातें

NSA अजित डोभाल ने 19 सितंबर 2026 को IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास-संभावना पर बड़ा बयान दिया।
भारत की मौजूदा जीडीपी $4.015 ट्रिलियन है; अगले 20 वर्षों में यह $38 ट्रिलियन तक पहुँचने की उम्मीद।
डोभाल ने 2047 तक 'अमृत काल' को विकास और नवाचार के अभूतपूर्व अवसर का दौर बताया।
PM नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अप्रैल-जून तिमाही की 7.8% जीडीपी वृद्धि को देश की मज़बूत आर्थिक बुनियाद का प्रमाण बताया था।
डोभाल ने सिक्किम के एक शेरपा से सीखे सफलता के तीन सिद्धांत छात्रों के साथ साझा किए।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने 19 सितंबर 2026 को IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में कहा कि भारत एक ऐतिहासिक आर्थिक परिवर्तन के दौर में है और आने वाले दो दशकों में देश की जीडीपी मौजूदा 4.015 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच सकती है। उन्होंने स्नातकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे भारत के सबसे महत्वपूर्ण विकास-युग में अपना करियर शुरू कर रहे हैं।

दीक्षांत समारोह में डोभाल का संदेश

IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए NSA डोभाल ने कहा कि देश के युवा इंजीनियर और वैज्ञानिक एक ऐसे समय में कदम रख रहे हैं जब भारत के हर प्रमुख क्षेत्र में बड़े बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में स्नातक अलग-अलग सेक्टर में असाधारण अवसर देखेंगे। डोभाल ने इस दौर को भारत के भविष्य की नींव रखने का सबसे उपयुक्त क्षण बताया।

अमृत काल और 2047 का विजन

2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने से पहले के इस कालखंड का उल्लेख करते हुए डोभाल ने कहा कि देश एक शानदार 'अमृत काल' से गुज़र रहा है, जिसमें विकास और नवाचार के अनेक अवसर हैं। उन्होंने सरकार के दीर्घकालिक विकास एजेंडे का संदर्भ देते हुए बताया कि यह ढाँचा निरंतर आर्थिक विस्तार पर आधारित है। यह ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अप्रैल-जून तिमाही में भारत की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का स्वागत करते हुए इसे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद देश की मज़बूत आर्थिक बुनियाद का प्रमाण बताया था।

साहस और दृढ़ संकल्प की अपील

NSA ने छात्रों से अपनी व्यक्तिगत और पेशेवर ज़िंदगी में साहस और दृढ़ इरादे का परिचय देने का आग्रह किया। हिंदू पौराणिक कथाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने भगवान राम का उदाहरण दिया और कहा कि ऋषि विश्वामित्र ने उन्हें उनके साहस और मज़बूत चरित्र के कारण चुना था।

सफलता के तीन सिद्धांत

डोभाल ने अपने प्रारंभिक करियर का एक अनुभव साझा किया। सिक्किम में अपनी पोस्टिंग के दौरान एक शेरपा ने उन्हें सफलता के तीन मूल सिद्धांत बताए थे — पहला, अपनी वर्तमान स्थिति को स्पष्ट रूप से समझें; दूसरा, अपनी मंज़िल निर्धारित करें; और तीसरा, लक्ष्य तक पहुँचने तथा सुरक्षित वापस लौटने के लिए सही मार्ग की पहचान करें। उन्होंने कहा कि ये सिद्धांत जीवन के हर क्षेत्र में उतने ही प्रासंगिक हैं जितने पर्वतारोहण में।

आर्थिक विकास का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि भारत इस समय दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और कई वैश्विक संस्थाएँ अनुमान लगा रही हैं कि यह अगले कुछ वर्षों में तीसरे स्थान पर पहुँच सकती है। $38 ट्रिलियन के लक्ष्य तक पहुँचने के लिए भारत को अगले दो दशकों तक उच्च विकास दर बनाए रखनी होगी, जो वैश्विक अर्थशास्त्रियों के अनुसार एक महत्वाकांक्षी परंतु असंभव नहीं लक्ष्य है। यह पहली बार नहीं है जब किसी वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने इस पैमाने पर आर्थिक लक्ष्यों का उल्लेख किया हो — यह 'विकसित भारत' के व्यापक सरकारी विमर्श का हिस्सा है। आने वाले समय में युवा इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की भूमिका इस परिवर्तन को साकार करने में निर्णायक होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह कोई नया विमर्श नहीं — 'विकसित भारत 2047' के तहत इस पैमाने के दावे नियमित रूप से सामने आते हैं। असली सवाल यह है कि क्या मौजूदा विकास दर, संरचनात्मक सुधारों की गति और रोज़गार सृजन इस प्रक्षेपण को टिकाऊ बनाते हैं। दीक्षांत मंच पर ऐसे बड़े आर्थिक लक्ष्यों का उल्लेख युवाओं को प्रेरित करता है, लेकिन नीतिगत जवाबदेही की माँग भी उतनी ही ज़रूरी है — विशेषकर तब, जब GDP वृद्धि और व्यापक रोज़गार के बीच की खाई अभी भी चर्चा का विषय है।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजित डोभाल ने भारत की जीडीपी $38 ट्रिलियन कब तक पहुँचने की बात कही?
NSA अजित डोभाल ने 19 सितंबर 2026 को IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में कहा कि अगले 20 वर्षों में भारत की जीडीपी मौजूदा $4.015 ट्रिलियन से बढ़कर $38 ट्रिलियन तक पहुँच सकती है। यह अनुमान सरकार के 'विकसित भारत 2047' विजन के अनुरूप है।
भारत की मौजूदा जीडीपी कितनी है?
डोभाल के अनुसार भारत की मौजूदा जीडीपी $4.015 ट्रिलियन है, जो इसे दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाती है। PM मोदी ने हाल ही में अप्रैल-जून तिमाही में 7.8% की जीडीपी वृद्धि दर का स्वागत किया था।
'अमृत काल' क्या है और इसका आर्थिक महत्व क्या है?
'अमृत काल' भारत की स्वतंत्रता के 75वें से 100वें वर्ष (2022–2047) के बीच के कालखंड को कहा जाता है, जिसे सरकार ने विकास, नवाचार और समृद्धि के लक्ष्य से जोड़ा है। डोभाल ने इस दौर को देश के शानदार भविष्य की बुनियाद बताया।
डोभाल ने IIT रुड़की के छात्रों को सफलता के कौन-से तीन सिद्धांत बताए?
डोभाल ने सिक्किम में अपनी पोस्टिंग के दौरान एक शेरपा से सीखे तीन सिद्धांत साझा किए — पहला, अपनी वर्तमान स्थिति को स्पष्ट रूप से समझें; दूसरा, अपनी मंज़िल निर्धारित करें; और तीसरा, लक्ष्य तक पहुँचने और सुरक्षित वापस लौटने के लिए सही मार्ग की पहचान करें।
NSA डोभाल का यह बयान क्यों महत्वपूर्ण है?
NSA एक शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी हैं और उनका यह बयान सरकार के दीर्घकालिक आर्थिक विजन को रेखांकित करता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद मज़बूत विकास दर बनाए हुए है।
राष्ट्र प्रेस
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