एशियन गेम्स 2026: हरियाणा के 80 खिलाड़ी जापान में, खेल मंत्री गौरव गौतम को पदक की पूरी उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम ने 19 सितंबर 2026 को पत्रकारों से बातचीत में विश्वास जताया कि एशियन गेम्स 2026 में भाग ले रहे राज्य के खिलाड़ी जापान की धरती पर तिरंगा लहराकर लौटेंगे। आइची-नागोया में शनिवार से शुरू हुए इन खेलों में भारत के 501 खिलाड़ी (267 पुरुष और 234 महिला) 36 खेलों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, जिनमें से 80 से अधिक खिलाड़ी हरियाणा से हैं।
हरियाणा की एशियन गेम्स में भागीदारी
गौरव गौतम ने कहा, 'एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेने जा रहे 16 प्रतिशत खिलाड़ी हरियाणा से हैं।' यह संख्या इसलिए और भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि हरियाणा की जनसंख्या देश की कुल जनसंख्या का मात्र 2 प्रतिशत है। मंत्री ने यह भी बताया कि कुछ खेलों में शत-प्रतिशत हरियाणा के ही खिलाड़ी भारतीय दल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
कुश्ती की बात करें तो भारतीय कुश्ती दल के सभी 16 खिलाड़ी हरियाणा से हैं — यह इस राज्य की पहलवानी परंपरा का जीता-जागता प्रमाण है। गौरतलब है कि हरियाणा पिछले कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भारत के पदक तालिका में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक रहा है।
मंत्री के बोल — उत्साह और भरोसा
गौरव गौतम ने कहा, 'पहले हरियाणा के खिलाड़ियों ने ओलंपिक में भारत के तिरंगे और मान-सम्मान को बढ़ाया। मुझे पूरा विश्वास है कि जब हरियाणा के खिलाड़ी खेल के मैदान में उतरेंगे तो तिरंगे को जापान में लहराकर आएंगे। जब वो भारत लौटेंगे, तो मेडल उनके साथ होगा।'
उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सरकार की खेल नीति को खिलाड़ियों की बढ़ती ऊर्जा और उत्साह का श्रेय देते हुए कहा कि पदक विजेताओं का भव्य स्वागत किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश की निगाहें जापान में हरियाणा के प्रदर्शन पर टिकी हैं।
पाकिस्तान की मांग पर खेल मंत्री की प्रतिक्रिया
मेंस हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का आयोजन पंजाब के मोहाली में होना निर्धारित है। हालाँकि, पाकिस्तान हॉकी महासंघ (PHF) ने भारत में अपने मुकाबले खेलने के बजाय किसी तटस्थ स्थल पर आयोजन की माँग की है।
इस राजनीतिक रंग लेते विवाद पर गौरव गौतम ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'खेल को खेल की भावना से देखना चाहिए। इसमें कोई राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। खिलाड़ी किसी भी देश की धरोहर होता है, उनको इन सब चीजों से ऊपर उठकर खेलना चाहिए।' आलोचकों का कहना है कि खेल और राजनय का यह टकराव भारत-पाकिस्तान संबंधों की जटिलताओं को एक बार फिर उजागर करता है।
आगे क्या
एशियन गेम्स 2026 के आइची-नागोया में जारी रहने के साथ-साथ हरियाणा के पहलवानों, एथलीटों और अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन भारत की पदक संभावनाओं को तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। वहीं, पाकिस्तान की माँग पर एशियाई हॉकी महासंघ का निर्णय मेंस हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के आयोजन की दिशा तय करेगा।