त्रिपुरा के टीटीएएडीसी चुनाव 2026 में मतदान प्रारंभ, 28 सीटों पर 173 उम्मीदवार सक्रिय
सारांश
Key Takeaways
- टीटीएएडीसी चुनाव 2026 के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू।
- 173 उम्मीदवारों के बीच प्रतिस्पर्धा।
- 1,257 मतदान केंद्र स्थापित।
- कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू।
- प्रमुख राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी।
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) के लिए आम चुनाव 2026 के तहत आज रविवार को त्रिपुरा के सभी 28 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया है कि मतदान प्रक्रिया सुचारू और शांतिपूर्ण रहे।
मतदान को सरल बनाने के लिए कुल 1,257 मतदान केंद्र 16 उपमंडलों में स्थापित किए गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 9,62,547 मतदाता मतदान के लिए योग्य हैं, जिनमें से 4,81,959 पुरुष, 4,80,582 महिलाएं और 6 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। कुल मिलाकर 173 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जिनमें 165 पुरुष और 8 महिलाएं हैं।
सभी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि सभी निर्वाचन क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग ने पहले ही बताया था कि चुनाव ड्यूटी के लिए केंद्र सरकार ने अंतिम समय में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 24 कंपनियां (लगभग 1,500 जवान) उपलब्ध कराई हैं। इनमें से 12 कंपनियां सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), 10 सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और दो केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की हैं। इन बलों को सभी 28 निर्वाचन क्षेत्रों में तैनात किया गया है ताकि सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखा जा सके।
इसके अलावा, त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) और राज्य पुलिस के लगभग 12,000 जवान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात हैं। सभी मतदान केंद्रों में से 311 को अत्यधिक संवेदनशील, 693 को संवेदनशील और 253 को सामान्य श्रेणी में रखा गया है, जिससे कड़ी निगरानी की आवश्यकता का संकेत मिलता है।
इन चुनावों में भाजपा, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा और कांग्रेस जैसे प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ-साथ टिपरा मोथा पार्टी और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा जैसी क्षेत्रीय पार्टियां भी भाग ले रही हैं।
भाजपा, टीएमपी और वाम मोर्चा ने सभी 28 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस 27 सीटों और आईपीएफटी 24 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। साथ ही, 38 निर्दलीय उम्मीदवार और कई छोटे दल भी चुनावी मैदान में हैं।
गौरतलब है कि भाजपा के आदिवासी सहयोगी टीएमपी और आईपीएफटी ने इन चुनावों के लिए गठबंधन बनाने में विफलता के कारण अलग-अलग चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री माणिक साहा, राज्य भाजपा अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य, सीपीआई (एम) नेता जितेंद्र चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार, कांग्रेस नेता सुदीप रॉय बर्मन और टीएमपी प्रमुख प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा जैसे प्रमुख नेताओं ने मतदान से पहले गहन प्रचार अभियान चलाया, जिससे मुकाबला बेहद प्रतिस्पर्धी हो गया है।