महिलाओं के लिए नया युग: नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत प्रमोद सावंत का ऐतिहासिक बयान
सारांश
Key Takeaways
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करता है।
- मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इसे आजादी के बाद का एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस विधेयक के लिए आभार व्यक्त किया गया।
मुंबई, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि देश की आजादी के बाद पहली बार महिलाओं को न्याय और सम्मान मिल रहा है। यह हमारे लिए गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने रविवार को मुंबई में 'मेडिकॉन 2.0' सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने कहा कि मैं अपने मित्र डॉक्टर विजय शर्मा को उनके अध्यक्ष बनने पर बधाई देने आया हूं। डॉ. विजय शर्मा और उनकी पूरी टीम को आने वाले वर्षों के लिए मेरी शुभकामनाएं। वे चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के बारे में प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "यह विधेयक, जो 2023 में पारित हुआ, के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करता हूं।"
उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण के संबंध में एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक विधेयक को संसद में पारित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस विधेयक पर गर्व का इजहार करते हुए कहा, "मुझे विश्वास है कि एक संशोधन के बाद इसे तुरंत लागू किया जाएगा। यह बहुत गर्व की बात है कि महिलाओं को न्याय और सम्मान मिल रहा है।"
प्रमुख ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के लिए महिलाओं का अभिनंदन किया और प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, "मैं सभी बहनों का अभिनंदन करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को जो सम्मान दिया है, उसके लिए मैं देशवासियों और गोवा की जनता की ओर से धन्यवाद व्यक्त करता हूं।"