दक्षिण त्रिपुरा में BJP महिला मोर्चा के 7 मंडलों के नए अध्यक्ष घोषित, तुलू रानी से मनोरमा तक नामों की सूची जारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 13 अक्टूबर 2026 को दक्षिण त्रिपुरा जिले के 7 मंडलों में भारतीय जनता महिला मोर्चा के नए अध्यक्षों के नामों की आधिकारिक घोषणा की। पार्टी द्वारा जारी सूची के अनुसार, जिले के सभी सात मंडलों में महिला मोर्चा का नेतृत्व नई पदाधिकारियों को सौंपा गया है, जो संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
नवनियुक्त अध्यक्षों की पूरी सूची
पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक सूची में सातों मंडलों के लिए नामों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। 34-राजनगर मंडल की जिम्मेदारी तुलू रानी देबनाथ को सौंपी गई है, जबकि 35-बेलोनिया मंडल का नेतृत्व शर्मिष्ठा देबनाथ करेंगी।
36-संतिर बाजार मंडल के लिए सिंपल रियांग को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। 37-ऋष्यमुख मंडल में रीना देबनाथ नई अध्यक्ष होंगी। 38-जोलाईबाड़ी मंडल की बागडोर मिता पंडित के हाथों में दी गई है।
39-मनु मंडल के लिए चुमकी पॉल को और 40-सबरूम मंडल के लिए मनोरमा बैद्य डे को महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है।
नियुक्तियों का उद्देश्य
पार्टी सूत्रों के अनुसार, ये नियुक्तियाँ संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और महिला मोर्चा को अधिक सक्रिय भूमिका में लाने के उद्देश्य से की गई हैं। दक्षिण त्रिपुरा जिले में महिला मोर्चा की भूमिका को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आने वाले दिनों में पार्टी के जनसंपर्क अभियानों और कार्यक्रमों में महिला मोर्चा की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ऐसा पार्टी सूत्रों ने बताया।
कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल
नवनियुक्त अध्यक्षों की घोषणा के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। सभी सात नई अध्यक्षों को पार्टी के विभिन्न स्तरों पर बधाइयाँ दी जा रही हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि ये नेत्रियाँ अपने-अपने मंडलों में संगठन को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेंगी।
व्यापक संगठनात्मक परिदृश्य
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले, 12 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश में BJP ने किसान वर्ग के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा किसान मोर्चा के 77 जिलाध्यक्षों की घोषणा की थी। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी देशभर में अपने मोर्चा संगठनों को सक्रिय और पुनर्गठित करने में लगी है। दक्षिण त्रिपुरा में यह नियुक्ति उसी व्यापक संगठनात्मक अभियान का हिस्सा प्रतीत होती है।