त्रिपुरा BJP ने धर्मनगर विवाद पर बरनाली गोस्वामी को 7 दिन का कारण बताओ नोटिस जारी किया
सारांश
मुख्य बातें
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने त्रिपुरा राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष बरनाली गोस्वामी को उत्तरी त्रिपुरा जिले के धर्मनगर में हाल ही में घटित विवादास्पद घटनाओं में उनकी कथित भूमिका को लेकर सात दिन का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 25 सितंबर 2026 को जारी यह नोटिस पार्टी की अनुशासनात्मक समिति की ओर से समरेंद्र चंद्र देब द्वारा सौंपा गया।
मुख्य घटनाक्रम
बरनाली गोस्वामी, धर्मनगर से BJP के मौजूदा विधायक जहर चक्रवर्ती की पत्नी हैं। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि उत्तरी त्रिपुरा के धर्मनगर मंडल क्षेत्र में BJP कार्यकर्ताओं और समर्थकों से जुड़ी एक अप्रिय घटना के बाद गोस्वामी का नाम सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सामने आया। BJP के जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी द्वारा प्रतिकूल घटनाक्रम पर प्रस्तुत रिपोर्टें राज्य अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय के संज्ञान में भी लाई जा चुकी हैं।
नोटिस के अनुसार, हाल के घटनाक्रमों ने पार्टी के भीतर और आम जनता दोनों के बीच नकारात्मक प्रतिक्रिया उत्पन्न की है। गोस्वामी से लिखित स्पष्टीकरण माँगा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा में जवाब न देने पर पार्टी नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
धर्मनगर में विवाद की पृष्ठभूमि
यह कारण बताओ नोटिस 22 सितंबर 2026 को धर्मनगर सरकारी डिग्री कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों के विरोध प्रदर्शन के बाद पैदा हुए तनाव की पृष्ठभूमि में आया है। प्रदर्शन के दौरान जब गोस्वामी कॉलेज पहुँचीं, तो ABVP सदस्यों ने 'वापस जाओ' के नारे लगाए।
छात्रों ने शिक्षकों की कमी, पीने के पानी की अनुपलब्धता और शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा जैसे मुद्दे उठाए थे। कॉलेज की इस घटना के बाद धर्मनगर में BJP कार्यकर्ताओं के प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच झड़पों की भी खबरें आईं।
ABVP का विरोध और आगे की घटनाएँ
कॉलेज की घटना के बाद ABVP के एक छात्र नेता के पिता पर हमले के अलग आरोप भी सामने आए। 24 सितंबर को ABVP कार्यकर्ताओं ने धर्मनगर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और हमले के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।
प्रदर्शनकारियों ने गोस्वामी का पुतला भी जलाया। खबरों के अनुसार इन घटनाओं के संबंध में शिकायतें और जवाबी शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। उल्लेखनीय है कि BJP के कारण बताओ नोटिस में गोस्वामी की किसी भी हमले या झड़प में सीधी संलिप्तता साबित नहीं की गई है — नोटिस केवल उनसे घटनाक्रम में अपनी भूमिका और स्थिति स्पष्ट करने को कहता है।
मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया
धर्मनगर की घटनाओं पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि BJP की अनुशासन समिति मामले की जाँच कर रही है। साहा ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या अप्रिय गतिविधि को पार्टी द्वारा बर्दाश्त या अनुमोदित नहीं किया जाएगा।
आगे क्या होगा
अब सभी की निगाहें बरनाली गोस्वामी की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं — उन्हें सात दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देना है। BJP का राज्य नेतृत्व उनके जवाब के आधार पर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर निर्णय करेगा। यह मामला ऐसे समय में आया है जब त्रिपुरा में सत्तारूढ़ दल के भीतर आंतरिक खींचतान की खबरें बीच-बीच में सामने आती रही हैं।