BJP पंजाब ने तीन पूर्व नेताओं को थमाया शो-कॉज नोटिस, 7 दिन में माँगा लिखित जवाब
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पंजाब इकाई ने 28 अगस्त 2026 को पार्टी अनुशासन और संगठनात्मक मर्यादा के कथित उल्लंघन के आरोप में तीन वरिष्ठ नेताओं को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किए हैं। ये नोटिस 25 अगस्त 2026 को संगरूर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयानों को लेकर पार्टी की अनुशासन समिति द्वारा जारी किए गए हैं।
किन नेताओं को मिला नोटिस
नोटिस पाने वाले तीन नेता हैं — रणदीप सिंह देओल (पूर्व जिला अध्यक्ष, BJP संगरूर), मनिंदर सिंह कपियाल (पूर्व जिला अध्यक्ष, BJP संगरूर), और जतिंदर कालरा (पूर्व प्रदेश सेल्स समन्वयक, BJP पंजाब)। तीनों पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी की स्थापित नीति और अनुशासन के विरुद्ध प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लेकर आंतरिक मामलों पर सार्वजनिक बयानबाज़ी की।
पार्टी का आरोप क्या है
BJP की अनुशासन समिति के अनुसार, प्रथम दृष्टया इन बयानों से पार्टी की छवि, विश्वसनीयता और संगठनात्मक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा है। नोटिस में तीनों नेताओं से प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनकी भूमिका, दिए गए बयानों की विषयवस्तु और इस कार्यक्रम को आयोजित करने के उद्देश्य के बारे में स्पष्ट जानकारी देने को कहा गया है।
गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब BJP पंजाब में अपनी संगठनात्मक स्थिति मज़बूत करने की कोशिश में है, जहाँ आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार सत्ता में है।
7 दिन में जवाब न दिया तो होगी कार्रवाई
BJP संगठन ने तीनों नेताओं से नोटिस प्राप्त होने के 7 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण दाखिल करने को कहा है। नोटिस में पूछा गया है कि पार्टी अनुशासन के उल्लंघन और संगठन की छवि को नुकसान पहुँचाने के आरोप में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।
पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर जवाब न देने की स्थिति में पार्टी संविधान और नियमों के तहत बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
किसने जारी किया नोटिस
ये कारण बताओ नोटिस सोम प्रकाश, अध्यक्ष, अनुशासन समिति, BJP पंजाब द्वारा जारी किए गए हैं। पार्टी संगठन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आगे क्या होगा
तीनों नेताओं का लिखित जवाब प्राप्त होने के बाद अनुशासन समिति मामले की समीक्षा करेगी और आगे की कार्रवाई तय करेगी। यदि आरोप सिद्ध हुए तो निलंबन या पार्टी से निष्कासन जैसे कदम उठाए जा सकते हैं, हालाँकि पार्टी ने अभी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।