पंजाब में बम धमकी: CM भगवंत मान और BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ को 6 जून तक जान से मारने की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब में एक बार फिर बम की धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। बुधवार, 13 मई को एक धमकी भरा ईमेल सामने आया, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय को निशाना बनाने और पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष सुनील जाखड़ को 6 जून तक जान से मारने की धमकी दी गई है। इस ईमेल में चंडीगढ़ स्थित BJP मुख्यालय और नई दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय मुख्यालय का भी उल्लेख किया गया है।
धमकी का स्वरूप और निशाने
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धमकी भरे ईमेल में मुख्यमंत्री भगवंत मान के दफ्तर को बम से उड़ाने की बात कही गई है। इसके साथ ही सुनील जाखड़ को 6 जून 2025 तक जान से मारने की चेतावनी दी गई है। ईमेल में चंडीगढ़ और दिल्ली स्थित BJP के दफ्तरों का विशेष रूप से ज़िक्र होने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है।
सुरक्षा एजेंसियों की तत्काल प्रतिक्रिया
धमकी सामने आते ही पुलिस और खुफिया एजेंसियाँ तत्काल सक्रिय हो गईं। मुख्यमंत्री आवास, BJP कार्यालयों और अन्य संवेदनशील सरकारी इमारतों की सुरक्षा में तत्काल बढ़ोतरी की गई। सुरक्षा बलों को हर स्तर पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और कई संवेदनशील स्थानों पर सघन जाँच अभियान चलाया जा रहा है।
साइबर सेल की जाँच जारी
साइबर सेल इस मामले में तकनीकी जाँच में जुटी है। ईमेल किस स्थान से भेजा गया, इसके पीछे कौन लोग हो सकते हैं — इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। शुरुआती जाँच में अब तक किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। हालाँकि, एहतियात के तौर पर पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है।
पहले भी आ चुकी हैं ऐसी धमकियाँ
यह पहली बार नहीं है जब पंजाब में इस तरह की धमकियाँ सामने आई हों। इससे पहले 7 मई को जालंधर के कई स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिले थे, जिनमें बम धमाकों और आत्मघाती हमलों की बात कही गई थी। इसी दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को भी जान से मारने की धमकी मिलने की खबरें सामने आई थीं। यह बढ़ता हुआ पैटर्न सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के अनुसार, जाँच एजेंसियाँ ईमेल के स्रोत और प्रेषक की पहचान करने में जुटी हैं। राज्य भर में सुरक्षा व्यवस्था अगले आदेश तक उच्च स्तर पर बनाए रखी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की बार-बार आने वाली धमकियों की गहन और समन्वित जाँच आवश्यक है ताकि वास्तविक खतरों को झूठी अफवाहों से अलग किया जा सके।