मोहन बागान के पूर्व अध्यक्ष टूटू बोस का 78 वर्ष की आयु में निधन, CM ने जताया गहरा शोक
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता में 13 मई को मोहन बागान फुटबॉल क्लब के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय खेल प्रशासन के सबसे प्रभावशाली नामों में से एक टूटू बोस (वास्तविक नाम: स्वपन सदा बोस) का 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके अवसान की खबर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और मोहन बागान सुपर जायंट ने साझा की है।
CM की श्रद्धांजलि और योगदान की स्वीकृति
मुख्यमंत्री अधिकारी ने एक्स पर अपनी श्रद्धांजलि में लिखा कि मोहन बागान क्लब और टूटू बोस एक-दूसरे के पूरक थे। उन्होंने बोस के खेल प्रशासन में असाधारण योगदान, दूरदर्शी नेतृत्व और फुटबॉल के प्रति सच्चे प्रेम को रेखांकित किया। CM ने कहा कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
भारतीय फुटबॉल में ऐतिहासिक भूमिका
टूटू बोस ने 1989-90 में पहली बार मोहन बागान एसी के पोर्टफोलियो होल्डर के रूप में कार्यभार संभाला था, जो भारतीय क्लब फुटबॉल के इतिहास में सबसे लंबे अध्यक्षीय कार्यकालों में से एक रहा। उन्होंने राज्यसभा में भी सांसद के रूप में सेवा दी थी। बोस ने FIFA क्लब टास्क फोर्स के सदस्य के रूप में भी काम किया, जिससे मोहन बागान और भारतीय फुटबॉल को वैश्विक खेल प्रशासन के मंचों पर प्रतिनिधित्व मिला।
सेवानिवृत्ति और अंतिम योगदान
स्वास्थ्य कारणों से 2017 में बोस ने अपना पद त्याग दिया था, लेकिन मई 2022 में उन्हें पुनः अध्यक्ष चुना गया। उनके नेतृत्व में मोहन बागान राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में शीर्ष दावेदार बना रहा, क्लब की ब्रांड वैल्यू और प्रशंसक जुड़ाव में वृद्धि हुई, और एक ऐतिहासिक क्लब के रूप में अपनी पहचान को आधुनिक फुटबॉल के साथ संतुलित रखा। अप्रैल 2025 में, बोस ने मोहन बागान के सभी पदों से औपचारिक सेवानिवृत्ति ले ली थी।
क्लब की श्रद्धांजलि
मोहन बागान सुपर जायंट ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बोस की विरासत सदा क्लब का अभिन्न अंग रहेगी। उनके निधन से भारतीय फुटबॉल के एक महत्वपूर्ण युग का अंत हुआ है।