पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के अगले दिन राज्यपाल आर.एन. रवि को मिला नया सचिव, सौमित्र मोहन नियुक्त

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के अगले दिन राज्यपाल आर.एन. रवि को मिला नया सचिव, सौमित्र मोहन नियुक्त

सारांश

पश्चिम बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत के ठीक एक दिन बाद राज भवन में पहला बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हो गया। 2002 बैच के IAS अधिकारी सौमित्र मोहन को राज्यपाल आर.एन. रवि का सचिव नियुक्त किया गया — यह पद फरवरी 2023 के बाद से खाली पड़ा था।

मुख्य बातें

सौमित्र मोहन (2002 बैच, IAS) को राज्यपाल आर.एन.
रवि का सचिव नियुक्त किया गया।
मतगणना समाप्त होते ही सोमवार को यह नियुक्ति प्रभावी की गई — सत्ता परिवर्तन के महज एक दिन बाद।
सौमित्र मोहन इससे पहले तीन साल से अधिक समय तक राज्य के परिवहन सचिव रह चुके हैं।
फरवरी 2023 में नंदिनी चक्रवर्ती को पद से हटाए जाने के बाद से यह पद लगभग तीन वर्षों से रिक्त था।
BJP ने विधानसभा चुनाव में TMC को हराकर पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल की।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के महज एक दिन बाद नौकरशाही स्तर पर पहला अहम तबादला हो गया। राज्यपाल आर.एन. रवि को उनका नया सचिव मिल गया है — 2002 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सौमित्र मोहन को इस पद पर नियुक्त किया गया है। मतगणना समाप्त होते ही सोमवार को यह नियुक्ति प्रभावी कर दी गई।

नियुक्ति की पृष्ठभूमि

सौमित्र मोहन इससे पहले राज्य के परिवहन सचिव के पद पर कार्यरत थे और इस भूमिका में उन्होंने तीन साल से अधिक समय बिताया था। गौरतलब है कि मतदान के दौरान राज्य में प्रशासनिक स्तर पर कई फेरबदल किए गए थे, लेकिन उन्हें परिवहन विभाग से नहीं हटाया गया था। मतगणना पूरी होते ही उन्हें राज्यपाल का सचिव नियुक्त कर दिया गया।

राज्यपाल आर.एन. रवि ने 12 मार्च को कोलकाता के लोक भवन में पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। सूत्रों के अनुसार, कार्यभार संभालने के एक सप्ताह के भीतर ही उन्होंने राज्य सरकार से एक सचिव नियुक्त करने का अनुरोध किया था। हालाँकि, यह प्रक्रिया उस समय पूरी नहीं हो सकी क्योंकि कार्यभार संभालने के तुरंत बाद चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई थी।

पिछले राज्यपाल के कार्यकाल में क्या हुआ था

यह ऐसे समय में आया है जब राज भवन और राज्य सरकार के बीच सचिव नियुक्ति को लेकर विवाद का एक लंबा इतिहास रहा है। जब सी.वी. आनंद बोस पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे, तब आईएएस अधिकारी नंदिनी चक्रवर्ती उनकी सचिव थीं। लोक भवन के सूत्रों के अनुसार, नियुक्ति के कुछ ही दिनों के भीतर नंदिनी पर तत्कालीन सत्ताधारी पार्टी का आदमी होने का ठप्पा लग गया, जिसके कारण उन्हें उस पद से हटा दिया गया।

बाद में नंदिनी चक्रवर्ती को राज्य का गृह सचिव और अंततः मुख्य सचिव बनाया गया। फरवरी 2023 में तत्कालीन राज्यपाल आनंद बोस ने नंदिनी को प्रधान सचिव के पद से हटा दिया था। उसके बाद से इस पद पर कोई आईएएस अधिकारी नियुक्त नहीं हुआ था — यानी लगभग तीन वर्षों के अंतराल के बाद अब किसी नौकरशाह को राज्यपाल का सचिव नियुक्त किया गया है।

राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव

सोमवार को पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। इसी राजनीतिक बदलाव की पृष्ठभूमि में यह प्रशासनिक नियुक्ति हुई है।

राज्यपाल की धार्मिक यात्रा

इससे पहले दिन में, राज्यपाल आर.एन. रवि अपनी पत्नी लक्ष्मी रवि के साथ कालीघाट काली मंदिर पहुँचे और माँ काली की पूजा-अर्चना की। उन्होंने लोगों के कल्याण और पश्चिम बंगाल की प्रगति व समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

नई सरकार के गठन और प्रशासनिक तबादलों की प्रक्रिया के साथ, आने वाले दिनों में राज भवन और राज्य सरकार के बीच कार्यसंबंध किस दिशा में जाते हैं — यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब सत्ता बदलते ही तत्काल नियुक्ति यह दर्शाती है कि राज भवन नई राजनीतिक वास्तविकता के साथ तालमेल बिठाने में देर नहीं करना चाहता। यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले तीन वर्षों में राज्यपाल और TMC सरकार के बीच टकराव की कई घटनाएँ सामने आई थीं — ऐसे में यह देखना होगा कि नई सरकार के साथ राज भवन का रिश्ता सहयोगी रहता है या संवैधानिक तनाव फिर उभरता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का नया सचिव कौन है?
2002 बैच के IAS अधिकारी सौमित्र मोहन को राज्यपाल आर.एन. रवि का नया सचिव नियुक्त किया गया है। वे इससे पहले राज्य के परिवहन सचिव के पद पर तीन साल से अधिक समय से कार्यरत थे।
यह नियुक्ति कब और क्यों हुई?
यह नियुक्ति सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना समाप्त होते ही की गई। राज्यपाल आर.एन. रवि ने कार्यभार संभालने के एक सप्ताह के भीतर ही सचिव नियुक्त करने का अनुरोध किया था, लेकिन चुनाव अधिसूचना के कारण यह प्रक्रिया टल गई थी।
इससे पहले राज्यपाल के सचिव पद पर कौन थे?
पूर्व राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के कार्यकाल में IAS अधिकारी नंदिनी चक्रवर्ती सचिव थीं, लेकिन उन पर 'सत्ताधारी पार्टी का आदमी' होने का आरोप लगाकर उन्हें हटा दिया गया था। फरवरी 2023 में उन्हें प्रधान सचिव पद से हटाए जाने के बाद यह पद लगभग तीन वर्षों तक रिक्त रहा।
पश्चिम बंगाल के ताज़ा चुनाव नतीजों में क्या हुआ?
विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जीत दर्ज की और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। यह राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
राज्यपाल आर.एन. रवि ने कब पदभार संभाला था?
राज्यपाल आर.एन. रवि ने 12 मार्च को कोलकाता के लोक भवन में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने शपथ लेने के एक सप्ताह के भीतर ही सचिव नियुक्त करने का अनुरोध सरकार से किया था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले