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आर. एन. रवि ने पश्चिम बंगाल के नए गवर्नर के रूप में ली शपथ

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आर. एन. रवि ने पश्चिम बंगाल के नए गवर्नर के रूप में ली शपथ

सारांश

कोलकाता में आर. एन. रवि ने नए राज्यपाल के तौर पर शपथ ली, समारोह में कई प्रमुख हस्तियाँ मौजूद रहीं। विपक्ष का नेता अनुपस्थित रहा। यह नियुक्ति आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मुख्य बातें

रवि ने नए राज्यपाल के रूप में शपथ ली।
समारोह में प्रमुख राजनीतिक हस्तियाँ उपस्थित थीं।
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव महत्वपूर्ण हैं।
आनंद बोस ने अचानक इस्तीफा दिया।
रवि का गवर्नर बनना चर्चा का विषय है।

कोलकाता, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आर. एन. रवि ने आज सुबह पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण किया। यह समारोह सुबह लगभग 11:30 बजे लोक भवन (पूर्व राजभवन) में आयोजित हुआ।

शपथ समारोह में सुजॉय पॉल ने नए राज्यपाल को शपथ दिलाई। इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, विधानसभा के स्पीकर बिमान बंदोपाध्याय और राज्य के लेफ्ट फ्रंट के चेयरमैन बिमान बोस सहित कई प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित थीं।

हालांकि, यह हैरानी की बात थी कि आमंत्रित होने के बावजूद, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी इस कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुए। आश्चर्यजनक रूप से, इस समारोह में भारतीय जनता पार्टी का कोई भी प्रतिनिधि नहीं था।

आर. एन. रवि ने सी. वी. आनंद बोस की जगह ली है। आनंद बोस ने 5 मार्च की शाम को अपने पद से अचानक इस्तीफा दिया था, जिसके बाद उसी शाम आर. एन. रवि को उनका उत्तराधिकारी घोषित किया गया।

रवि बुधवार को कोलकाता पहुंचे थे। उस शाम आनंद बोस ने राज्य छोड़कर अपने गृह राज्य केरल के लिए प्रस्थान किया।

राज्य छोड़ने से पहले, सी. वी. आनंद बोस ने लोक भवन के सोशल मीडिया अकाउंट पर पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए एक भावुक “ओपन लेटर” साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि उनका पश्चिम बंगाल और यहां के लोगों के साथ भावनात्मक संबंध सदैव बना रहेगा।

आर. एन. रवि पिछले डेढ़ दशक में पश्चिम बंगाल के गवर्नर बनने वाले दूसरे ऐसे व्यक्ति हैं, जो पहले इंटेलिजेंस ब्यूरो में उच्च पद पर रह चुके हैं।

इससे पहले, 2011 में महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से ठीक पहले एम. के. नारायणन ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। नारायणन पहले इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी रहे हैं। उस चुनाव में 34 साल से चल रहे लेफ्ट फ्रंट का शासन समाप्त हुआ और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सत्ता में आई।

यह एक संयोग हो सकता है, लेकिन आर. एन. रवि की पश्चिम बंगाल के नए गवर्नर के रूप में नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब राज्य में महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। आर. एन. रवि का गवर्नर बनना कई राजनीतिक समीक्षकों के लिए चर्चा का विषय है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आर. एन. रवि ने कब शपथ ली?
आर. एन. रवि ने 12 मार्च को सुबह शपथ ली।
इस समारोह में कौन-कौन शामिल हुआ था?
समारोह में ममता बनर्जी, बिमान बंदोपाध्याय और बिमान बोस सहित कई प्रमुख लोग शामिल हुए।
आर. एन. रवि ने किसकी जगह ली?
आर. एन. रवि ने सी. वी. आनंद बोस की जगह ली है।
आनंद बोस ने क्यों इस्तीफा दिया?
आनंद बोस ने 5 मार्च को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
यह नियुक्ति किस संदर्भ में महत्वपूर्ण है?
यह नियुक्ति पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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